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Mahendragarh-Narnaul News: मौसम की गर्माहट से प्रभावित हो रहा है सरसों का अंकुरण, 95 प्रतिशत बिजाई पूरी

Fri, 08 Nov 2024 12:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Fri, 08 Nov 2024 12:35 AM IST
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Mustard germination is being affected by the heat of the weather, 95 percent sowing is complete
महेंद्रगढ़। अक्तूबर माह के दौरान तापमान अधिक रहने से बिजाई की गई सरसों की फसल का अंकुरण जमवार प्रभावित होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं।
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इस बार कृषि विभाग की ओर से जिले में 2.10 लाख एकड़ में सरसों बिजाई व 75 हजार एकड़ में गेहूं बिजाई का लक्ष्य रखा है। किसानों ने भी इस सरसों की 95 प्रतिशत बिजाई पूरी कर ली है तथा गेहूं बिजाई के लिए तैयारी शुरू कर दी है। सरसों बिजाई के लिए 15 से 25 अक्तूबर तक मौसम अनुकूल माना जाता है। गत वर्षों में इस दौरान तापमान भी सरसों बिजाई के अनुकूल 25 से 27 डिग्री सेल्सियस रहा था। लेकिन इस बार अक्तूबर माह में अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री तक रहा है जबकि नवंबर माह के दौरान भी एक सप्ताह से तापमान 35 डिग्री से अधिक चल रहा है।
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जिले में अनेक किसानों ने 15 अक्तूबर से ही सरसों की बिजाई शुरू कर दी थी। किसानों ने करीब पांच हजार एकड़ में अगेती सरसों में बढ़वार नहीं होने व कीटों का प्रकोप होने से दोबारा बिजाई कर दी थी। इसके कारण उनपर दोहरी मार भी पड़ी है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अब अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट का क्रम बना रहेगा जो सरसों की अंकुरण और बढ़ोतरी के अनुकूल रहेगा।
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अधिक तापमान का यह पड़ रहा फसल पर प्रभाव
हालांकि किसानों ने समय पर बिजाई तो पूरी कर ली लेकिन तापमान अधिक होने के कारण सरसों की जमवार व अब बढ़वार प्रभावित हो रही है। साथ ही अगेती फसल में दो से तीन पत्तियां आ चुकी हैं। तापमान लगभग 35 से 37 डिग्री सेलिसियस रहने के कारण पहले तो जमवार व अब बढ़वार प्रभावित हो रही है। साथ ही तापमान की अधिकता के कारण सुर्रा व धोलिया जैसे कीटों का खतरा मंडरा रहा है। धोलिया कीट फसल की कच्ची पत्तियों को नुकसान पहुंचाता है जबकि सुर्रा में छोटे पौधे सुख जाते हैं। लेकिन अब मौसम धीरे-धीरे सरसों के अनुकूल होने किसानों ने भी राहत की सांस ली है।

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अब तापमान में गिरावट की संभावना
हालांकि किसानों के लिए राहत की बात है कि सोमवार को अधिकतम तापमान दो डिग्री गिरावट के साथ 32 डिग्री सेलिसियस दर्ज किया गया। राजकीय महाविद्यालय नारनौल पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी व मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि आगामी एक सप्ताह में तापमान में गिरावट आने की संभावना है। अधिकतम तापमान 27 से 28 डिग्री के बीच रहने की संभावना है।
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जिले में इस बार 83 हजार हेक्टेयर में सरसों बिजाई का लक्ष्य रखा गया है। किसानों ने 95 प्रतिशत सरसों बिजाई का काम पूरा कर लिया है। सरसों की बिजाई के लिए अधिकतम तापमान 27 से 28 डिग्री अनुकूल माना गया है। लेकिन पिछले एक पखवाड़ के दौरान अधिकतम अधिक होने के कारण कुछ जमवार व बढ़वार प्रभावित हुई है, लेकिन अब मौसम अनुकूल होने से फसल पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं होगा।


--- डॉ. अजय यादव, उपमंडल कृषि अधिकारी महेंद्रगढ़।


गेहूं की बिजाई के लिए 10 से 25 नवंबर तक समय अनुकूल है। किसान भाई इस दौरान गेहूं की बिजाई कर सकते हैं। इस दौरान की गई बिजाई में उपज भी अच्छी होती है। पिछेती किश्मों की 15 दिसंबर तक बिजाई कर सकते हैं। बीज उपचार व खेतों की तैयारी अच्छी प्रकार से करें जिससे उत्पादन भी अच्छा मिल सकेगा।
--- वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जयलाल यादव, केवीके महेंद्रगढ़।
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