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Mahendragarh-Narnaul News: गांव पल्ह के कमलकांत ने बताई मणिपुर हिंसा की भयावह स्थिति, आज पहुंचेगा गांव में
Tue, 09 May 2023 12:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 09 May 2023 12:17 AM IST
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कमल कांत।
महेंद्रगढ़। गांव पल्ह निवासी युवा कमलकांत यादव के मणिपुर में पांच दिन भय के साए में बीते। 28 अप्रैल से धीरे-धीरे स्थिति बिगड़ी गई तथा पिछले चार दिनों के दौरान भूख प्यास ने भी खूब सताया। गांव पल्ह निवासी कमलकांत के चाचा एवं पूर्व सरपंच घनश्याम ने बताया कि कमलकांत से लगातार फोन के माध्यम से बातचीत होती रही है। सोमवार को दोपहर को 12 बजे बातचीत हुई है। वहीं रविवार को मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा भी उन्हें सूचना दी गई थी कि कमलकांत को सुरक्षित पहुंचाया जाएगा। इस दौरान वहां की स्थिति के बारे में बताया तो पूरा परिवार पिछले पांच दिनों से भय के साए में था। रात-रातभर परिवार सो नहीं पाता था। कमलकांत वर्ष 2020 में दिल्ली विश्वविद्यालय से एमएससी करने के बाद एनआईटी मणिपुर से पीएचडी करने के लिए गया था। दीपावी पर्व पर घर पहुंचा था। इसके बाद से लगातार फोन के माध्यम से ही बातचीत होती थी।
28 अप्रैल से बिगड़ने लगी थी स्थिति
कमलकांत के चाचा घनश्याम ने बताया कि कमलकांत ने पिछले तीन-चार दिनों के हालातों के बारे में परिजनों को बताया था। दो दिन लगातार खाना व पानी भी नसीब नहीं हो पाया था। पानी व खाने के लिए विद्यार्थी तड़प रहे थे। उसने बताया था कि पिछले शनिवार शाम स्थिति ओर अधिक खराब हो गई थी। भवन की खिड़कियों से देखने के बाद उनका दिल दहल उठता था। गोलियों की आवाजें लगातार आ रही थी, चारों ओर चीख पुकार का माहौल था। कहीं बसों में लगी आग से धुएं के गुब्बारे उठ रहे थे। प्रदेश सरकार ने लगातार उनसे संपर्क बनाए रखा तथा वहां से सुरक्षित निकालने में भरपूर सहयोग मिला। कमलकांत सोमवार रात को 11.30 बजे कलकत्ता से हवाई जहाज के माध्यम से दिल्ली पहुंचेगा। इसके बाद सुबह दिल्ली से रवाना होकर गांव पल्ह पहुंचेगा।
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28 अप्रैल से बिगड़ने लगी थी स्थिति
कमलकांत के चाचा घनश्याम ने बताया कि कमलकांत ने पिछले तीन-चार दिनों के हालातों के बारे में परिजनों को बताया था। दो दिन लगातार खाना व पानी भी नसीब नहीं हो पाया था। पानी व खाने के लिए विद्यार्थी तड़प रहे थे। उसने बताया था कि पिछले शनिवार शाम स्थिति ओर अधिक खराब हो गई थी। भवन की खिड़कियों से देखने के बाद उनका दिल दहल उठता था। गोलियों की आवाजें लगातार आ रही थी, चारों ओर चीख पुकार का माहौल था। कहीं बसों में लगी आग से धुएं के गुब्बारे उठ रहे थे। प्रदेश सरकार ने लगातार उनसे संपर्क बनाए रखा तथा वहां से सुरक्षित निकालने में भरपूर सहयोग मिला। कमलकांत सोमवार रात को 11.30 बजे कलकत्ता से हवाई जहाज के माध्यम से दिल्ली पहुंचेगा। इसके बाद सुबह दिल्ली से रवाना होकर गांव पल्ह पहुंचेगा।
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