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Mahendragarh-Narnaul News: जन औषधि केंद्र की छत का प्लास्टर गिरा, पंखा क्षतिग्रस्त
Thu, 03 Jul 2025 11:44 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 03 Jul 2025 11:44 PM IST
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फोटो 3छत से मलबा गिरने के बाद टूटा पड़ा पंखा। संवाद
नारनौल। नागरिक अस्पताल के जन औषधि केंद्र में वीरवार सुबह छत का प्लास्टर गिर गया। इससे छत पर लगा पंखा भी क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि सुबह करीब नौ बजे मरीजों और कर्मचारियों की आवाजाही कम थी। इससे
यदि 10 बजे बाद छत प्लास्टर गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था। अचानक से प्लास्टर गिरने व पंखा टूटने से अफरातफरी मच गई। प्लास्टर गिरने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने केंद्र का जायजा लिया। बता दें कि नागरिक अस्पताल का पुराना भवन पीडब्ल्यूडी द्वारा कंडम घोषित किया जा चुका है।
इसके बाद भी सभी ओपीडी, जांच, ऑपरेशन, गायनी वार्ड आदि कार्य जर्जर भवन में हो रहे हैं। इतना ही नहीं भवन की तीसरी मंजिल पर बारिश के समय छत टपकती रहती है। इससे भी भवन की नींव कमजोर हो रही है। अभी पीडब्ल्यूडी की तरफ से 100 बेड का नया भवन बनाया जा रहा था, लेकिन उसका निर्माण कार्य भी पांच साल बाद भी पूरा नहीं हाेने पर एजेंसी का टेंडर रद्द कर दिया है।
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अब दोबारा से टेंडर छोड़ा जाएगा। इसके बाद ही अधूरा पड़े अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा हो सकेगा। ऐसे में तीन-चार साल तक नया भवन बनने की संभावना नहीं है।नागरिक अस्पताल के गायनी विभाग की छत का प्लास्टर भी करीब दो साल पहले गिर गया था। प्लास्टर गिरने वाले कमरे में उस समय एक महिला अपने नवजात बच्चे के साथ बेड पर मौजूद थी, लेकिन प्लास्टर गिरने से कुछ देर पहले महिला ने अपने बच्चे को दूध पिलाने के लिए गोद में उठा लिया था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। इससे अलावा पर्ची काउंटर में भी प्लास्टर गिर चुका है।
इंसेट
दीवार और छज्जों पर खड़े पीपल के पौधे
अस्पताल के पुराने भवन की दीवार और छज्जे पर पौधे उग आए हैं, जो अब बड़े हो गए हैं। इससे भवन को नुकसान पहुंच रहा है। इतना ही नहीं छज्जों का प्लास्टर भी गिरता रहता है। जहां से भी प्रतिदिन मरीजों की आवाजाही रहती है। इस समय बारिश के सीजन में ज्यादा खतरा बना हुआ है।
वर्जन
जन औषधि केंद्र में छत का प्लास्टर गिर गया था। राहत की बात यह रही कि किसी को चोट नहीं लगी। अभी पुराने भवन की मरम्मत को लेकर एस्टीमेट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। इसकी स्वीकृति मिलने के बाद मरम्मत करवाई जाएगी।-डॉ. आशा शर्मा चिकित्सा अधीक्षक नागरिक अस्पताल
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यदि 10 बजे बाद छत प्लास्टर गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था। अचानक से प्लास्टर गिरने व पंखा टूटने से अफरातफरी मच गई। प्लास्टर गिरने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने केंद्र का जायजा लिया। बता दें कि नागरिक अस्पताल का पुराना भवन पीडब्ल्यूडी द्वारा कंडम घोषित किया जा चुका है।
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इसके बाद भी सभी ओपीडी, जांच, ऑपरेशन, गायनी वार्ड आदि कार्य जर्जर भवन में हो रहे हैं। इतना ही नहीं भवन की तीसरी मंजिल पर बारिश के समय छत टपकती रहती है। इससे भी भवन की नींव कमजोर हो रही है। अभी पीडब्ल्यूडी की तरफ से 100 बेड का नया भवन बनाया जा रहा था, लेकिन उसका निर्माण कार्य भी पांच साल बाद भी पूरा नहीं हाेने पर एजेंसी का टेंडर रद्द कर दिया है।
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अब दोबारा से टेंडर छोड़ा जाएगा। इसके बाद ही अधूरा पड़े अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा हो सकेगा। ऐसे में तीन-चार साल तक नया भवन बनने की संभावना नहीं है।नागरिक अस्पताल के गायनी विभाग की छत का प्लास्टर भी करीब दो साल पहले गिर गया था। प्लास्टर गिरने वाले कमरे में उस समय एक महिला अपने नवजात बच्चे के साथ बेड पर मौजूद थी, लेकिन प्लास्टर गिरने से कुछ देर पहले महिला ने अपने बच्चे को दूध पिलाने के लिए गोद में उठा लिया था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। इससे अलावा पर्ची काउंटर में भी प्लास्टर गिर चुका है।
इंसेट
दीवार और छज्जों पर खड़े पीपल के पौधे
अस्पताल के पुराने भवन की दीवार और छज्जे पर पौधे उग आए हैं, जो अब बड़े हो गए हैं। इससे भवन को नुकसान पहुंच रहा है। इतना ही नहीं छज्जों का प्लास्टर भी गिरता रहता है। जहां से भी प्रतिदिन मरीजों की आवाजाही रहती है। इस समय बारिश के सीजन में ज्यादा खतरा बना हुआ है।
वर्जन
जन औषधि केंद्र में छत का प्लास्टर गिर गया था। राहत की बात यह रही कि किसी को चोट नहीं लगी। अभी पुराने भवन की मरम्मत को लेकर एस्टीमेट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। इसकी स्वीकृति मिलने के बाद मरम्मत करवाई जाएगी।-डॉ. आशा शर्मा चिकित्सा अधीक्षक नागरिक अस्पताल