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Mahendragarh-Narnaul News: शिव महापुराण कथा में रावण पुत्र नरांतक और सुग्रीव पुत्र दधिबल की कथा सुनाई
Thu, 08 Aug 2024 12:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 08 Aug 2024 12:58 AM IST
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फोटो संख्या:70- मोहल्ला सैनीपुरा में शिव महापुराण कथा में श्रद्धालुओं को कथा सुनाते कथा व्यास
महेंद्रगढ़। मोहल्ला सैनीपुरा में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में बुधवार को सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं को रावण के पुत्र नरांतक और सुग्रीव के पुत्र दधिबल की कथा सुनाई गई।
कथा व्यास पंडित विकास महाराज ने नरांतक रावण का पुत्र था। जिस दिन उसका जन्म हुआ वह दिन मूल नक्षत्र का था। पंडितों ने कहा की यह पुत्र अशुभ घड़ी में पैदा हुआ है। यह तुम्हारे लिए हानिकारक रहेगा। इसके साथ जिन शिशुओं ने आज के दिन जन्म लिया है, वे भी अनिष्टकारी रहेंगे।
इन शिशुओं का जीवित रहना किसी भी हाल ही आपके लिए ठीक नहीं है। तब रावण ने आदेश दिया कि नरांतक के जन्म के दिन जितने भी बच्चे लंका में जन्मे उनको एक जगह लाकर समुद्र में फेंक दिया जाए। कहते हैं उस समय यह बच्चे मरे नहीं बल्कि वट वृक्ष के पत्तों से चिपक कर दूध पीते रहे। इसके अलावा सुग्रीव के पुत्र दधिबल की कथा का वर्णन किया गया। इस मौके पर इंद्रा देवी, लाली देवी, कमलेश देवी शर्मा, सुशीला देवी, माया देवी, कृष्णा देवी, रेवती देवी, चमेली देवी, शारदा देवी, रामली देवी, हर्बली, रामप्यारी देवी, निहाली देवी मौजूद रहीं।
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कथा व्यास पंडित विकास महाराज ने नरांतक रावण का पुत्र था। जिस दिन उसका जन्म हुआ वह दिन मूल नक्षत्र का था। पंडितों ने कहा की यह पुत्र अशुभ घड़ी में पैदा हुआ है। यह तुम्हारे लिए हानिकारक रहेगा। इसके साथ जिन शिशुओं ने आज के दिन जन्म लिया है, वे भी अनिष्टकारी रहेंगे।
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इन शिशुओं का जीवित रहना किसी भी हाल ही आपके लिए ठीक नहीं है। तब रावण ने आदेश दिया कि नरांतक के जन्म के दिन जितने भी बच्चे लंका में जन्मे उनको एक जगह लाकर समुद्र में फेंक दिया जाए। कहते हैं उस समय यह बच्चे मरे नहीं बल्कि वट वृक्ष के पत्तों से चिपक कर दूध पीते रहे। इसके अलावा सुग्रीव के पुत्र दधिबल की कथा का वर्णन किया गया। इस मौके पर इंद्रा देवी, लाली देवी, कमलेश देवी शर्मा, सुशीला देवी, माया देवी, कृष्णा देवी, रेवती देवी, चमेली देवी, शारदा देवी, रामली देवी, हर्बली, रामप्यारी देवी, निहाली देवी मौजूद रहीं।
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