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Mahendragarh-Narnaul News: व्यर्थ पानी बहाया तो लगेगा पांच हजार का जुर्माना, कनेक्शन भी कटेगा
Mon, 06 May 2024 03:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 06 May 2024 03:27 AM IST
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नारनौल। गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। ऐसे में शहरवासी हर बार की तरह पानी की किल्लत का सामना न करें, इसके लिए विभाग की तरफ से व्यर्थ पानी बहाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर ली गई है। इसके लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की तरफ से सार्वजनिक नोटिस भी जारी किया गया है।
इसमें कहा गया है कि गर्मी के मौसम में पानी की खपत में वृद्धि के कारण और पानी की आपूर्ति का पर्याप्त दबाव बनाए रखने के लिए आम जनता को सुबह पांच से नौ के बीच पानी की बर्बादी करने से रोका जाना है। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो उस व्यक्ति पर कार्रवाई की जाएगी।
उल्लंघन करने पर 5000 रुपये का लगेगा जुर्माना
पंचकूला से जारी पत्र में कहा गया है कि अगर इसके बाद भी उल्लंघन किया जाता है तो 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बाद दोबारा पानी की बर्बादी करते कोई उपभोक्ता पाया जाता है तो 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, इसके साथ जल कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके अलावा जल कनेक्शन की बहाली केवल 1,000 रुपये के विच्छेदन और दोबारा संयोजन शुल्क के साथ उपरोक्त जुर्माना जमा करने पर ही की जाएगी।
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गर्मी में पानी की राशनिंग हो जाती है शुरू
राजस्थान के अंतिम छोर पर महेंद्रगढ़ नहरी पानी पर निर्भर है। भूजलस्तर काफी नीचे जा चुका है। ऐसे में गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत से बचने के लिए विभाग ने प्रयास करने शुरू कर दिए हैं। अगर नारनौल शहर की बात करें तो करीब सवा लाख से अधिक आबादी नहरी पानी पर निर्भर है।
पत्र में ये कहा गया
- सुबह की आपूर्ति के दौरान पीने के पानी से वाहनों और आंगनों को धोना सख्त वर्जित है।
- सुबह आपूर्ति समय के दौरान पार्क में पानी देना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
- निर्माण गतिविधियों में पानी की बर्बादी निषिद्ध है।
- बूस्टिंग पंपों को सीधे ऑनलाइन स्थापित करना सख्त वर्जित है, क्योंकि इससे क्षेत्र में पानी का दबाव कम होता है और पीने योग्य पानी दूषित हो सकता है। यदि बूस्टर पंप सीधे पानी की लाइन पर स्थापित पाया जाता है तो उसे हटा दिया जाएगा और जब्त कर लिया जाएगा।
वर्जन
अगर कोई उपभोक्ता पानी को व्यर्थ बहाते मिलता है तो उस पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ कनेक्शन भी काटा जा सकता है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति पानी को व्यर्थ न बहाए ताकि गर्मी के सीजन में पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े।
-अशोक डागर, एसडीओ जन स्वास्थ्य विभाग नारनौल।
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इसमें कहा गया है कि गर्मी के मौसम में पानी की खपत में वृद्धि के कारण और पानी की आपूर्ति का पर्याप्त दबाव बनाए रखने के लिए आम जनता को सुबह पांच से नौ के बीच पानी की बर्बादी करने से रोका जाना है। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो उस व्यक्ति पर कार्रवाई की जाएगी।
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उल्लंघन करने पर 5000 रुपये का लगेगा जुर्माना
पंचकूला से जारी पत्र में कहा गया है कि अगर इसके बाद भी उल्लंघन किया जाता है तो 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बाद दोबारा पानी की बर्बादी करते कोई उपभोक्ता पाया जाता है तो 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, इसके साथ जल कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके अलावा जल कनेक्शन की बहाली केवल 1,000 रुपये के विच्छेदन और दोबारा संयोजन शुल्क के साथ उपरोक्त जुर्माना जमा करने पर ही की जाएगी।
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गर्मी में पानी की राशनिंग हो जाती है शुरू
राजस्थान के अंतिम छोर पर महेंद्रगढ़ नहरी पानी पर निर्भर है। भूजलस्तर काफी नीचे जा चुका है। ऐसे में गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत से बचने के लिए विभाग ने प्रयास करने शुरू कर दिए हैं। अगर नारनौल शहर की बात करें तो करीब सवा लाख से अधिक आबादी नहरी पानी पर निर्भर है।
पत्र में ये कहा गया
- सुबह की आपूर्ति के दौरान पीने के पानी से वाहनों और आंगनों को धोना सख्त वर्जित है।
- सुबह आपूर्ति समय के दौरान पार्क में पानी देना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
- निर्माण गतिविधियों में पानी की बर्बादी निषिद्ध है।
- बूस्टिंग पंपों को सीधे ऑनलाइन स्थापित करना सख्त वर्जित है, क्योंकि इससे क्षेत्र में पानी का दबाव कम होता है और पीने योग्य पानी दूषित हो सकता है। यदि बूस्टर पंप सीधे पानी की लाइन पर स्थापित पाया जाता है तो उसे हटा दिया जाएगा और जब्त कर लिया जाएगा।
वर्जन
अगर कोई उपभोक्ता पानी को व्यर्थ बहाते मिलता है तो उस पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ कनेक्शन भी काटा जा सकता है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति पानी को व्यर्थ न बहाए ताकि गर्मी के सीजन में पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े।
-अशोक डागर, एसडीओ जन स्वास्थ्य विभाग नारनौल।