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Mahendragarh-Narnaul News: डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा गायनी वार्ड, प्रसूताओं की बढ़ी मुश्किलें
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फोटो नंबर- 26नागरिक अस्पताल स्थित गायनी वार्ड।
नारनौल। नागरिक अस्पताल के गायनी वार्ड में डॉक्टरों की कमी के कारण प्रसूताओं को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। चार स्वीकृत पदों वाले इस वार्ड में फिलहाल केवल एक गायनेकोलॉजिस्ट के भरोसे काम चल रहा है। ऐसे में आपात स्थिति में मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
करीब एक महीने पहले तक अस्पताल के गायनी वार्ड में चार गायनेकोलॉजिस्ट तैनात थे। इनमें दो डॉक्टर एनएचएम के तहत सेवाएं दे रहे थे। दोनों ने करीब एक महीने पहले इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वार्ड में डॉक्टरों की कमी हो गई। वहीं, एक स्थायी गायनेकोलॉजिस्ट भी इन दिनों अवकाश पर हैं। इसके चलते अब पूरे वार्ड की जिम्मेदारी सिर्फ एक डॉक्टर पर है।
डॉक्टरों की कमी का असर सीधे डिलीवरी और सिजेरियन ऑपरेशन पर पड़ रहा है। खासकर शाम के समय होने वाले सिजेरियन केसों के लिए अस्पताल प्रशासन को ऑन-कॉल डॉक्टर बुलाना पड़ रहा है। इससे ऑपरेशन और सामान्य प्रसव की प्रक्रिया में देरी हो रही है। प्रसव पीड़ा से परेशान महिलाओं को कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता है।
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हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते दिनों एक महिला ने लेबर रूम के दरवाजे पर ही बच्चे को जन्म दे दिया था। घटना के बाद अस्पताल स्टाफ में हड़कंप मच गया।
मरीजों के परिजनों का कहना है कि प्रसव जैसी आपात स्थिति में पर्याप्त डॉक्टरों की मौजूदगी जरूरी है। उन्होंने अस्पताल में जल्द से जल्द गायनेकोलॉजिस्ट की नियुक्ति करने की मांग की है।
वर्जन :
गायनी वार्ड में चिकित्सक की कमी को लेकर मुख्यालय को अवगत करवाया गया है। उम्मीद है जल्द ही चिकित्सक की नियुक्ति की जाएगी। -डॉ. आशा शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल, नारनौल।
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करीब एक महीने पहले तक अस्पताल के गायनी वार्ड में चार गायनेकोलॉजिस्ट तैनात थे। इनमें दो डॉक्टर एनएचएम के तहत सेवाएं दे रहे थे। दोनों ने करीब एक महीने पहले इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वार्ड में डॉक्टरों की कमी हो गई। वहीं, एक स्थायी गायनेकोलॉजिस्ट भी इन दिनों अवकाश पर हैं। इसके चलते अब पूरे वार्ड की जिम्मेदारी सिर्फ एक डॉक्टर पर है।
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डॉक्टरों की कमी का असर सीधे डिलीवरी और सिजेरियन ऑपरेशन पर पड़ रहा है। खासकर शाम के समय होने वाले सिजेरियन केसों के लिए अस्पताल प्रशासन को ऑन-कॉल डॉक्टर बुलाना पड़ रहा है। इससे ऑपरेशन और सामान्य प्रसव की प्रक्रिया में देरी हो रही है। प्रसव पीड़ा से परेशान महिलाओं को कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता है।
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हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते दिनों एक महिला ने लेबर रूम के दरवाजे पर ही बच्चे को जन्म दे दिया था। घटना के बाद अस्पताल स्टाफ में हड़कंप मच गया।
मरीजों के परिजनों का कहना है कि प्रसव जैसी आपात स्थिति में पर्याप्त डॉक्टरों की मौजूदगी जरूरी है। उन्होंने अस्पताल में जल्द से जल्द गायनेकोलॉजिस्ट की नियुक्ति करने की मांग की है।
वर्जन :
गायनी वार्ड में चिकित्सक की कमी को लेकर मुख्यालय को अवगत करवाया गया है। उम्मीद है जल्द ही चिकित्सक की नियुक्ति की जाएगी। -डॉ. आशा शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल, नारनौल।