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Mahendragarh-Narnaul News: नागरिक अस्पताल में एक सप्ताह से स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त, चिकित्सकों पर निजी अस्पताल भेजने का आरोप
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फोटो संख्या:71- नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ प्रस्तुति विभाग कक्ष--संवाद
महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ नागरिक अस्पताल में सुविधाओं की कमी के चलते भले ही यह अस्पताल मरीजों के लिए रैफरल सेंटर बन चुका है। सुविधाओं के अभाव में शहर के निजी अस्पतालों का कारोबार खूब फलफूल रहा है। पिछले एक सप्ताह से अस्पताल में महेंद्रगढ़ नागरिक अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद खाली है।
स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) का पद रिक्त होने से गर्भवती महिलाओं और अन्य महिला रोगियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के कुछ चिकित्सकों पर निजी अस्पतालों में मरीजों को रेफर करने के आरोप लगाते हुए सीएम व स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों व प्रशासन को भी भेजी गई है।
अस्पताल में उपचार कराने आए कुछ लोगों ने आरोप लगाए हैं कि कुछ चिकित्सकों द्वारा मरीजों को अपने परिचितों के निजी अस्पतालों व लैब में जांच के लिए भेजा जा रहा है, जिससे उनके इलाज पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि अस्पताल में कार्यरत कुछ चिकित्सक और कर्मचारी या तो निजी अस्पतालों के मालिक हैं या उनके परिवारजन इस व्यवसाय से जुड़े हैं।
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गांव सुरजनवास निवासी रामनिवास ने बताया कि दो सप्ताह पूर्व वह अस्पताल में आया था। जब उन्होंने देखा कि एक महिला को प्रसव के दौरान ही एक निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। इसके अलावा जब वह अपनी पत्नी को अस्पताल लेकर आया तो एक्स-रे मशीन ही खराब पड़ी थी। मरीजों को आधी से अधिक दवाएं भी बाहर से खरीदनी पड़ती हैं।
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- हाल ही में की गई है शिकायत
हाल ही में इस संबंध में एक नया मामला प्रकाश में आया है, जिसकी शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला उपायुक्त और एसडीएम को भेजी गई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब कोई गरीब मरीज नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए आता है, तो उसे सरकारी सुविधाओं का लाभ देने की बजाय किसी गंभीर बीमारी का हवाला देकर निजी अस्पताल में जाने की सलाह दी जाती है। मजबूरी में मरीज निजी अस्पताल में जाने को विवश हो जाते हैं, जहां उन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
वर्जन
इस विषय पर नागरिक अस्पताल के ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि अस्पताल में फिलहाल गायनेकोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं है, इसलिए ऑन-कॉल चिकित्सक की व्यवस्था की गई है या फिर मरीजों को नारनौल नागरिक अस्पताल में भेजा जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर अधिक जानकारी नहीं दे सकते।
-बाबूलाल यादव, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ), महेंद्रगढ़
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- वर्जन:
इस पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मरीजों की सुविधा सर्वोपरि है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-अनिल कुमार, एसडीएम, महेंद्रगढ़
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स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) का पद रिक्त होने से गर्भवती महिलाओं और अन्य महिला रोगियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के कुछ चिकित्सकों पर निजी अस्पतालों में मरीजों को रेफर करने के आरोप लगाते हुए सीएम व स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों व प्रशासन को भी भेजी गई है।
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अस्पताल में उपचार कराने आए कुछ लोगों ने आरोप लगाए हैं कि कुछ चिकित्सकों द्वारा मरीजों को अपने परिचितों के निजी अस्पतालों व लैब में जांच के लिए भेजा जा रहा है, जिससे उनके इलाज पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि अस्पताल में कार्यरत कुछ चिकित्सक और कर्मचारी या तो निजी अस्पतालों के मालिक हैं या उनके परिवारजन इस व्यवसाय से जुड़े हैं।
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गांव सुरजनवास निवासी रामनिवास ने बताया कि दो सप्ताह पूर्व वह अस्पताल में आया था। जब उन्होंने देखा कि एक महिला को प्रसव के दौरान ही एक निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। इसके अलावा जब वह अपनी पत्नी को अस्पताल लेकर आया तो एक्स-रे मशीन ही खराब पड़ी थी। मरीजों को आधी से अधिक दवाएं भी बाहर से खरीदनी पड़ती हैं।
- हाल ही में की गई है शिकायत
हाल ही में इस संबंध में एक नया मामला प्रकाश में आया है, जिसकी शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला उपायुक्त और एसडीएम को भेजी गई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब कोई गरीब मरीज नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए आता है, तो उसे सरकारी सुविधाओं का लाभ देने की बजाय किसी गंभीर बीमारी का हवाला देकर निजी अस्पताल में जाने की सलाह दी जाती है। मजबूरी में मरीज निजी अस्पताल में जाने को विवश हो जाते हैं, जहां उन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
वर्जन
इस विषय पर नागरिक अस्पताल के ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि अस्पताल में फिलहाल गायनेकोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं है, इसलिए ऑन-कॉल चिकित्सक की व्यवस्था की गई है या फिर मरीजों को नारनौल नागरिक अस्पताल में भेजा जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर अधिक जानकारी नहीं दे सकते।
-बाबूलाल यादव, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ), महेंद्रगढ़
- वर्जन:
इस पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मरीजों की सुविधा सर्वोपरि है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-अनिल कुमार, एसडीएम, महेंद्रगढ़