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Mahendragarh-Narnaul News: बाजरे की एमएसपी खरीद को लेकर कल किसान करेंगे प्रदर्शन
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फोटो 12 अटेली मंडी में पड़ी बाजरे की ढेरी।संवाद
मंडी अटेली। बाजरे की सरकारी खरीद एमएसपी पर शुरू कराने की मांग को लेकर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (एआईकेकेएमएस) मंगलवार को अटेली अनाज मंडी में धरना-प्रदर्शन करेगा। संगठन की ओर से इस संबंध में अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।
जिला सचिव डॉ. व्रतपाल सिंह ने कहा कि बाजरा क्षेत्र की प्रमुख खरीफ फसल है। सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण किसानों को मजबूरी में अपनी फसल कम दामों पर बेचनी पड़ रही है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी बाजरे की एमएसपी पर सरकारी खरीद नहीं हुई थी।
डॉ. व्रतपाल सिंह ने सरकार की भावांतर योजना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संगठन इसे किसान हित में नहीं मानता। उनका आरोप है कि इस योजना से सरकार की एमएसपी पर फसल खरीदने की जिम्मेदारी कमजोर होती है और सरकारी मंडियों की व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
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संगठन ने जिले की सभी मंडियों में बाजरे की सरकारी खरीद तुरंत शुरू करने की मांग की है। साथ ही फसल खरीद में लगाई गई अनावश्यक और अव्यावहारिक शर्तें हटाने तथा किसानों को पोर्टल प्रक्रिया से राहत देने की मांग की गई है। संगठन ने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
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जिला सचिव डॉ. व्रतपाल सिंह ने कहा कि बाजरा क्षेत्र की प्रमुख खरीफ फसल है। सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण किसानों को मजबूरी में अपनी फसल कम दामों पर बेचनी पड़ रही है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी बाजरे की एमएसपी पर सरकारी खरीद नहीं हुई थी।
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डॉ. व्रतपाल सिंह ने सरकार की भावांतर योजना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संगठन इसे किसान हित में नहीं मानता। उनका आरोप है कि इस योजना से सरकार की एमएसपी पर फसल खरीदने की जिम्मेदारी कमजोर होती है और सरकारी मंडियों की व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
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संगठन ने जिले की सभी मंडियों में बाजरे की सरकारी खरीद तुरंत शुरू करने की मांग की है। साथ ही फसल खरीद में लगाई गई अनावश्यक और अव्यावहारिक शर्तें हटाने तथा किसानों को पोर्टल प्रक्रिया से राहत देने की मांग की गई है। संगठन ने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।