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डॉ. सुमित कुमार को मिला रिसर्च एक्सीलेंस अवॉर्ड
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हकेंविवि में डॉ. सुमित कुमार को बधाई देते कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार---संवाद
- फोटो : Narnol
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेविवि) महेंद्रगढ़ के भैषजिक विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. सुमित कुमार को टीबी पर उनके शोध कार्य के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ स्कॉलर्स ने रिसर्च एक्सीलेंस अवार्ड -2022 से सम्मानित किया है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने डॉ. सुमित कुमार को बधाई देते हुए कहा कि निश्चित ही उनके शोध कार्य से टीबी को खत्म करने की दिशा में मदद मिलेगी। प्रो. नीलम सांगवान ने डॉ. सुमित को शुभकामनाएं दी। भैषजिक विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि इंस्टीट्यूट ऑफ स्कॉलर भारत सरकार के एमएसएमई और कारपोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत पंजीकृत है।
डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि डॉ. सुमित कुमार ने नोवेल ड्रग डिलीवरी सिस्टम (एनडीडीएस) तैयार करके टीबी की अग्रिम पंक्ति की परंपरागत दवाई को नया रूप देते हुए उसके प्रभाव को बढ़ाने में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। टीबी विश्व में संक्रामक रोगों से होने वाली मृत्यु का प्रमुख कारण बना हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (2021) के अनुसार लगभग 4 हजार लोग प्रतिदिन टीबी से अपनी जान गंवाते हैं और विश्व स्तर पर प्रतिदिन करीब 28 हजार लोग इस बीमारी से संक्रमित हो रहे हैं।
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डॉ. सुमित कुमार ने आश्वासन दिया कि यह एनडीडीएस निश्चित रूप से भारत से टीबी के पूर्ण उन्मूलन में लोगों की मददगार साबित होगी। उन्होंने बताया कि टीबी अनुसंधान पर विस्तृत अध्ययन के लिए एक परियोजना तैयार की गई है और जल्द ही वित्तीय सहायता के लिए भारत सरकार को प्रस्तुत की जाएगी।
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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने डॉ. सुमित कुमार को बधाई देते हुए कहा कि निश्चित ही उनके शोध कार्य से टीबी को खत्म करने की दिशा में मदद मिलेगी। प्रो. नीलम सांगवान ने डॉ. सुमित को शुभकामनाएं दी। भैषजिक विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि इंस्टीट्यूट ऑफ स्कॉलर भारत सरकार के एमएसएमई और कारपोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत पंजीकृत है।
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डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि डॉ. सुमित कुमार ने नोवेल ड्रग डिलीवरी सिस्टम (एनडीडीएस) तैयार करके टीबी की अग्रिम पंक्ति की परंपरागत दवाई को नया रूप देते हुए उसके प्रभाव को बढ़ाने में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। टीबी विश्व में संक्रामक रोगों से होने वाली मृत्यु का प्रमुख कारण बना हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (2021) के अनुसार लगभग 4 हजार लोग प्रतिदिन टीबी से अपनी जान गंवाते हैं और विश्व स्तर पर प्रतिदिन करीब 28 हजार लोग इस बीमारी से संक्रमित हो रहे हैं।
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डॉ. सुमित कुमार ने आश्वासन दिया कि यह एनडीडीएस निश्चित रूप से भारत से टीबी के पूर्ण उन्मूलन में लोगों की मददगार साबित होगी। उन्होंने बताया कि टीबी अनुसंधान पर विस्तृत अध्ययन के लिए एक परियोजना तैयार की गई है और जल्द ही वित्तीय सहायता के लिए भारत सरकार को प्रस्तुत की जाएगी।