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Mahendragarh-Narnaul News: नागरिक अस्पताल से मेडिकल कॉलेज में लगा रहे चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ कर्मियों की ड्यूटी, मरीजों की बढ़ी परेशानी
Tue, 03 Jun 2025 12:53 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 03 Jun 2025 12:53 AM IST
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फोटो नंबर- 13नागरिक अस्पताल में ओपीडी पर्ची कटवाने के लिए लगी लंबी लाइन। संवाद
नारनौल।
नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी कोरियावास स्थित मेडिकल कॉलेज में लगाई जा रही है। इस कारण नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य जांच करवाने आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. हर्ष चौहान, उप सिविल सर्जन डॉ. जगमोहन, पैथोलोजिस्ट विशेषज्ञ डॉ. संगीता, एनेथिसिया विशेषज्ञ डॉ. वैभव की ड्यूटी मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी लगाई गई है। वहीं कान-नाक-गला विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. प्रमोद कुमार की ड्यूटी सुबह 9 से 12 बजे तक नागरिक अस्पताल में और दोपहर 12 से 2 बजे तक मेडिकल कॉलेज में लगाई गई है।
वहीं, 6 नर्सिंग स्टाफ सदस्यों, 3 सफाई कर्मचारियों और 3 वार्ड अटेंडेंट की ड्यूटी मेडिकल कॉलेज में नियुक्त की गई है। चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ सदस्यों की ड्यूटी मेडिकल कॉलेज में लगाने से नागरिक अस्पताल में ओपीडी प्रभावित हो रही है जिस कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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मेडिकल कॉलेज जाने के लिए नहीं हैं कोई परिवहन सुविधा :
नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ सदस्यों की ड्यूटी मेडिकल कॉलेज में लगाने से नागरिक अस्पताल की ओपीडी प्रभावित हो रही है। जबकि मेडिकल कॉलेज में ओपीडी की संख्या नागरिक अस्पताल की तुलना में बहुत कम है। जानकारी के अनुसार नागरिक अस्पताल में जहां प्रतिदिन 1200 से 1300 मरीज स्वास्थ्य जांच करवाने पहुंचते हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन औसतन केवल 50 से 120 मरीज स्वास्थ्य जांच करवाने पहुंच रहे हैं। जिसका प्रमुख कारण है मेडिकल कॉलेज के लिए कोई परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं होना। नागरिक अस्पताल शहर के बीचों-बीच स्थित है, जहां दूर-दराज गांव से आने वाले लोगों के लिए ऑटो और अन्य साधनों की सुविधा उपलब्ध है। वहीं कोरियावास मेडिकल कॉलेज के लिए ना ही बस और ना ही ऑटो की सुविधा उपलब्ध है।
स्टाफ की कमी से हो रही क्या-क्या समस्या :
नागरिक अस्पताल में नेत्र रोग, कान-नाक-गला रोग, शिशु एवं बाल रोग, हड्डियों से संबंधित रोग विशेषज्ञ नियुक्त है। उपचार के लिए जिले भर सहित सीमा से सटे राजस्थान के गांवों के लोग भी उपचार के लिए आते हैं। लेकिन चिकित्सकों के मेडिकल कॉलेज जाने से और नागरिक अस्पताल में नियुक्त चिकित्सक छुट्टी पर चले जाते हैं तो ऐसे में मरीजों को उपचार के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं नर्सिंग स्टाफ की कमी के कारण पूछताछ केंद्र और जांच केंद्रों से कर्मचारियों को हटाया गया है। जिस कारण भी मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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मेरे कान में दर्द है, उपचार के लिए मैं दोपहर करीब 12 बजकर 10 मिनट पर नागरिक अस्पताल पहुंची। लेकिन कान की जांच के लिए पर्ची नहीं काटी जा रही थी। पूछताछ करने पर पता चला की कान के लिए दो चिकित्सक नियुक्त है, जिसमें से एक चिकित्सक दोपहर 12 बजे तक नागरिक अस्पताल में जांच करते हैं, उसके बाद मेडिकल कॉलेज में, वहीं दूसरे चिकित्सक छुट्टी पर है। जिस कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
एकता, गांव-ताजीपुर
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मैं करीब 15 दिन पहले स्वास्थ्य जांच करवाने के लिए नागरिक अस्पताल आई थी, तब पर्ची कटवाने के बाद पूछताछ केंद्र पर मौजूद चिकित्सक कक्ष और जांच केंद्र का पता पूछकर सुगमता से उपचार करवाया था। लेकिन आज पर्ची कटवाने के बाद जब पूछताछ केंद्र पर पहुंची तो कर्मचारी मौजूद नहीं था। जिस कारण नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में करीब 15 से 20 मिनट तक चिकित्सक कक्ष ढूंढ रही है बाद में पता चला की चिकित्सक कक्ष ट्रामा सेंटर में है। जिस कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रेम देवी, नारनौल
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हमारा प्रयास है कि सुविधाजनक तरीके से मरीजों का बेहतर उपचार किया जाए ताकि मरीजों को परेशानी का सामना नहीं करना पडे़। मेडिकल कॉलेजों में कुछ चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति के निर्देश प्राप्त हुए हैं। हालांकि नागरिक अस्पताल में चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ पर्याप्त मात्रा में है। यदि कहीं कोई कमी है तो उसे जल्द दुरुस्त किया जाएगा।
डॉ. विजय डबास, डीएमएस, नागरिक अस्पताल।
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नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी कोरियावास स्थित मेडिकल कॉलेज में लगाई जा रही है। इस कारण नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य जांच करवाने आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. हर्ष चौहान, उप सिविल सर्जन डॉ. जगमोहन, पैथोलोजिस्ट विशेषज्ञ डॉ. संगीता, एनेथिसिया विशेषज्ञ डॉ. वैभव की ड्यूटी मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी लगाई गई है। वहीं कान-नाक-गला विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. प्रमोद कुमार की ड्यूटी सुबह 9 से 12 बजे तक नागरिक अस्पताल में और दोपहर 12 से 2 बजे तक मेडिकल कॉलेज में लगाई गई है।
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वहीं, 6 नर्सिंग स्टाफ सदस्यों, 3 सफाई कर्मचारियों और 3 वार्ड अटेंडेंट की ड्यूटी मेडिकल कॉलेज में नियुक्त की गई है। चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ सदस्यों की ड्यूटी मेडिकल कॉलेज में लगाने से नागरिक अस्पताल में ओपीडी प्रभावित हो रही है जिस कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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मेडिकल कॉलेज जाने के लिए नहीं हैं कोई परिवहन सुविधा :
नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ सदस्यों की ड्यूटी मेडिकल कॉलेज में लगाने से नागरिक अस्पताल की ओपीडी प्रभावित हो रही है। जबकि मेडिकल कॉलेज में ओपीडी की संख्या नागरिक अस्पताल की तुलना में बहुत कम है। जानकारी के अनुसार नागरिक अस्पताल में जहां प्रतिदिन 1200 से 1300 मरीज स्वास्थ्य जांच करवाने पहुंचते हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन औसतन केवल 50 से 120 मरीज स्वास्थ्य जांच करवाने पहुंच रहे हैं। जिसका प्रमुख कारण है मेडिकल कॉलेज के लिए कोई परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं होना। नागरिक अस्पताल शहर के बीचों-बीच स्थित है, जहां दूर-दराज गांव से आने वाले लोगों के लिए ऑटो और अन्य साधनों की सुविधा उपलब्ध है। वहीं कोरियावास मेडिकल कॉलेज के लिए ना ही बस और ना ही ऑटो की सुविधा उपलब्ध है।
स्टाफ की कमी से हो रही क्या-क्या समस्या :
नागरिक अस्पताल में नेत्र रोग, कान-नाक-गला रोग, शिशु एवं बाल रोग, हड्डियों से संबंधित रोग विशेषज्ञ नियुक्त है। उपचार के लिए जिले भर सहित सीमा से सटे राजस्थान के गांवों के लोग भी उपचार के लिए आते हैं। लेकिन चिकित्सकों के मेडिकल कॉलेज जाने से और नागरिक अस्पताल में नियुक्त चिकित्सक छुट्टी पर चले जाते हैं तो ऐसे में मरीजों को उपचार के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं नर्सिंग स्टाफ की कमी के कारण पूछताछ केंद्र और जांच केंद्रों से कर्मचारियों को हटाया गया है। जिस कारण भी मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मेरे कान में दर्द है, उपचार के लिए मैं दोपहर करीब 12 बजकर 10 मिनट पर नागरिक अस्पताल पहुंची। लेकिन कान की जांच के लिए पर्ची नहीं काटी जा रही थी। पूछताछ करने पर पता चला की कान के लिए दो चिकित्सक नियुक्त है, जिसमें से एक चिकित्सक दोपहर 12 बजे तक नागरिक अस्पताल में जांच करते हैं, उसके बाद मेडिकल कॉलेज में, वहीं दूसरे चिकित्सक छुट्टी पर है। जिस कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
एकता, गांव-ताजीपुर
मैं करीब 15 दिन पहले स्वास्थ्य जांच करवाने के लिए नागरिक अस्पताल आई थी, तब पर्ची कटवाने के बाद पूछताछ केंद्र पर मौजूद चिकित्सक कक्ष और जांच केंद्र का पता पूछकर सुगमता से उपचार करवाया था। लेकिन आज पर्ची कटवाने के बाद जब पूछताछ केंद्र पर पहुंची तो कर्मचारी मौजूद नहीं था। जिस कारण नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में करीब 15 से 20 मिनट तक चिकित्सक कक्ष ढूंढ रही है बाद में पता चला की चिकित्सक कक्ष ट्रामा सेंटर में है। जिस कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रेम देवी, नारनौल
हमारा प्रयास है कि सुविधाजनक तरीके से मरीजों का बेहतर उपचार किया जाए ताकि मरीजों को परेशानी का सामना नहीं करना पडे़। मेडिकल कॉलेजों में कुछ चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति के निर्देश प्राप्त हुए हैं। हालांकि नागरिक अस्पताल में चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ पर्याप्त मात्रा में है। यदि कहीं कोई कमी है तो उसे जल्द दुरुस्त किया जाएगा।
डॉ. विजय डबास, डीएमएस, नागरिक अस्पताल।