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Mahendragarh-Narnaul News: ट्रैफिक सिग्नल से दूरी, यातायात पुलिसकर्मी मजबूरी
Wed, 25 Jun 2025 11:54 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 25 Jun 2025 11:54 PM IST
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फोटो नंबर- 06महावीर चौक पर खराब अवस्था में ट्रैफिक लाइट। संवाद
- फोटो : संगठन
नारनौल। शहर के महावीर चौक पर लगने वाले ट्रैफिक सिग्नल का इंतजार बढ़ता जा रहा है। यह ट्रैफिक सिग्नल करीब छह साल से खराब है। इसकी वजह से हर समय जाम के हालात बने रहते हैं।
हालांकि नगर परिषद ने ट्रैफिक सिग्नल के लिए करीब दो माह पहले टेंडर भी जारी किया गया था, लेकिन इसके लिए कोई एजेंसी आगे नहीं आई। इसकी वजह से नगर परिषद को अब तीसरी बार टेंडर जारी करना पड़ेगा।
इस पर 35 लाख रुपये खर्च होंगे। ट्रैफिक सिग्नल एप बेस्ड कंट्रोल सिस्टम के तहत लगाई जाएगी।
इसे नगर परिषद कार्यालय या फिर ट्रैफिक पुलिस की ओर से नियंत्रित किया जा सकेगा। इससे यह फायदा होगा कि अगर कोई दमकल गाड़ी या फिर एंबुलेंस एमरजेंसी में आती है तो उसके लिए ट्रैफिक खोला जा सकेगा। अभी सिग्नल खराब होने से पांच से छह ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी महावीर चौक पर मौजूद रहते हैं, ताकि वाहनों का सुचारू रूप से आवागमन करवा सके।
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इससे यह भी फायदा होगा कि अगर ट्रैफिक सिग्नल लगने के बाद कोई वाहन चालक सिग्नल तोड़ता है तो उसकी सीसीटीवी कैमरे की मदद से पहचान कर चालान भी किया जा सकेगा। वहीं चौक पर हर समय पांच-छह पुलिस कर्मचारियों के तैनात रहने की भी जरूरत नहीं रहेगी।
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हालांकि नगर परिषद ने ट्रैफिक सिग्नल के लिए करीब दो माह पहले टेंडर भी जारी किया गया था, लेकिन इसके लिए कोई एजेंसी आगे नहीं आई। इसकी वजह से नगर परिषद को अब तीसरी बार टेंडर जारी करना पड़ेगा।
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इस पर 35 लाख रुपये खर्च होंगे। ट्रैफिक सिग्नल एप बेस्ड कंट्रोल सिस्टम के तहत लगाई जाएगी।
इसे नगर परिषद कार्यालय या फिर ट्रैफिक पुलिस की ओर से नियंत्रित किया जा सकेगा। इससे यह फायदा होगा कि अगर कोई दमकल गाड़ी या फिर एंबुलेंस एमरजेंसी में आती है तो उसके लिए ट्रैफिक खोला जा सकेगा। अभी सिग्नल खराब होने से पांच से छह ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी महावीर चौक पर मौजूद रहते हैं, ताकि वाहनों का सुचारू रूप से आवागमन करवा सके।
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इससे यह भी फायदा होगा कि अगर ट्रैफिक सिग्नल लगने के बाद कोई वाहन चालक सिग्नल तोड़ता है तो उसकी सीसीटीवी कैमरे की मदद से पहचान कर चालान भी किया जा सकेगा। वहीं चौक पर हर समय पांच-छह पुलिस कर्मचारियों के तैनात रहने की भी जरूरत नहीं रहेगी।