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Mahendragarh-Narnaul News: सीएलयू मामले में कोर्ट में हाजिर नहीं हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह
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नारनौल। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह को मंगलवार को कृषि भूमि की सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूजर) के एक मामले में नारनौल कोर्ट में पेश होना था लेकिन वह नहीं पहुंचे। अब एडीजे हर्षाली चौधरी ने राव नरेंद्र को 11 मार्च के दिन कोर्ट में हाजिर होने का आदेश पारित किया है।
इस मामले में एडिशनल सेशन जज ने 8 जनवरी को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह को 10 फरवरी के दिन अदालत में बतौर अभियुक्त पेश होने के आदेश पारित किए थे।
कोर्ट के आदेशों के बावजूद राव नरेंद्र उपस्थित नहीं हुए और उनकी ओर से अधिवक्ता ने अदालत में पेश होकर हाजिरी माफ किए जाने की अर्जी लगाई। इस पर कोर्ट ने उनकी याचिका को स्वीकार करते हुए 11 मार्च को अदालत में पेश होने को आदेश पारित किया है।
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जानकारी के अनुसार साल 2009 से 2014 तक हुड्डा सरकार में राव नरेंद्र सिंह स्वास्थ्य मंत्री थे। इसी दौरान कृषि भूमि की सीएलयू मामले में साल 2012 में एक स्टिंग ऑपरेशन किया गया था जिसमें कथित तौर पर राव नरेंद्र का 30 से 50 करोड़ रुपये के लेन देन की बातचीत का एक वीडियो वायरल हुआ था।
ठंडे बस्ते में गया मामला
उस दौरान सरकार में स्वास्थ्य मंत्री होने के चलते उक्त मामला दबा दिया गया और पूरा मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा लेकिन इनेलो से पूर्व विधायक व मंत्री और वर्तमान में पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा व अभय सिंह चौटाला ने इस मुद्दे को उठाया व कई प्रेसवार्ता की। इसके बाद साल 2016 में मामला दर्ज किया गया व एसीबी गुरुग्राम को जांच सौंपी गई।
कोर्ट में पेश हुआ चालान
उक्त मामले में रामपाल माजरा ही शिकायतकर्ता हैं और एसीबी ने जांच के बाद नारनौल के एडिशनल सेशन जज की कोर्ट में चालान पेश किया। मामले में सुनवाई करते हुए 8 जनवरी को प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र को कोर्ट में हाजिर होने के आदेश पारित किए थे। अब एडीजे हर्षाली चौधरी ने राव नरेंद्र को 11 मार्च के दिन कोर्ट में हाजिर होने का आदेश पारित किया है।
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इस मामले में एडिशनल सेशन जज ने 8 जनवरी को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह को 10 फरवरी के दिन अदालत में बतौर अभियुक्त पेश होने के आदेश पारित किए थे।
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कोर्ट के आदेशों के बावजूद राव नरेंद्र उपस्थित नहीं हुए और उनकी ओर से अधिवक्ता ने अदालत में पेश होकर हाजिरी माफ किए जाने की अर्जी लगाई। इस पर कोर्ट ने उनकी याचिका को स्वीकार करते हुए 11 मार्च को अदालत में पेश होने को आदेश पारित किया है।
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जानकारी के अनुसार साल 2009 से 2014 तक हुड्डा सरकार में राव नरेंद्र सिंह स्वास्थ्य मंत्री थे। इसी दौरान कृषि भूमि की सीएलयू मामले में साल 2012 में एक स्टिंग ऑपरेशन किया गया था जिसमें कथित तौर पर राव नरेंद्र का 30 से 50 करोड़ रुपये के लेन देन की बातचीत का एक वीडियो वायरल हुआ था।
ठंडे बस्ते में गया मामला
उस दौरान सरकार में स्वास्थ्य मंत्री होने के चलते उक्त मामला दबा दिया गया और पूरा मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा लेकिन इनेलो से पूर्व विधायक व मंत्री और वर्तमान में पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा व अभय सिंह चौटाला ने इस मुद्दे को उठाया व कई प्रेसवार्ता की। इसके बाद साल 2016 में मामला दर्ज किया गया व एसीबी गुरुग्राम को जांच सौंपी गई।
कोर्ट में पेश हुआ चालान
उक्त मामले में रामपाल माजरा ही शिकायतकर्ता हैं और एसीबी ने जांच के बाद नारनौल के एडिशनल सेशन जज की कोर्ट में चालान पेश किया। मामले में सुनवाई करते हुए 8 जनवरी को प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र को कोर्ट में हाजिर होने के आदेश पारित किए थे। अब एडीजे हर्षाली चौधरी ने राव नरेंद्र को 11 मार्च के दिन कोर्ट में हाजिर होने का आदेश पारित किया है।