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21 सदस्यीय कमेटी विकास कार्यों को लेकर पार्षदों में बनाएगी तालमेल

Mon, 24 Feb 2020 12:27 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 24 Feb 2020 12:27 AM IST
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Comety will hold talks with Chairperson and Parshads for development works
यादव धर्मशाला में आयोजित महापंचायत में बोलते हुए वक्ता। - फोटो : Narnol
यादव धर्मशाला में रविवार को यादव सभा के आह्वान पर शहर में रुके पड़े विकास कार्यों को लेकर एक महापंचायत का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रधानों, बुद्धिजीवियों व जागरूक नागरिकों ने हिस्सा लिया। महापंचायत की अध्यक्षता यादव सभा के प्रधान डॉ. प्रेमराज यादव ने की।
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महापंचायत में प्रबुद्ध लोगों ने अपने विचार रखे। सभी के विचार सुनने के बाद महापंचायत ने सर्वसम्मति से सभी 15 पार्षदों को नगर के विकास करवाने के लिए एक मौका और दिया है। फैसला लिया गया कि अगर वे विकास कार्यों में रुचि नहीं लेंगे तो महापंचायत उपायुक्त से अन्य विकल्पों पर विचार करने का आग्रह करेगी। जानकारी के अनुसार महापंचायत में 21 लोगों की कमेटी गठित की गई है। कमेटी के सदस्य सभी 15 पार्षदों को एकमत होने के लिए अनुरोध करेंगे। इसके लिए एक मार्च को अगली महापंचायत बुलाई गई है। यह महापंचायत यादव धर्मशाला में 3 बजे शुरू होगी। इस महापंचायत में शहर के 15 पार्षदों को आमंत्रित किया जाएगा और पार्षदों को आपसी गिले-शिकवे दूर कर शहर के विकास में रुचि लेने के लिए कहा जाएगा। अगर पार्षदों को सकारात्मक रुख रहा हो तो उन्हें एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। जिसमें वे बैठक बुलाकर शहर के विकास के प्रस्ताव रखेंगे और उनको उपायुक्त से स्वीकृत करवाएंगे। कार्यक्रम का मंच संचालन हरियाणा युवा यादव महासभा के जिला अध्यक्ष अनिल यादव भगड़ाना ने किया।
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पंचायत में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने शहर की दुर्दशा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि महेंद्रगढ़ शहर की सड़कें टूटी हुई हैं। शहर की सड़कों में गहरे गहरे गड्ढे बने हुए हैं। इन सड़कों से गुजरना परेशानी का सबब बना हुआ है। नगरपालिका के खाते में लगभग 50 करोड़ रुपये जमा हैं, परंतु शहर के विकास पर एक पैसा भी खर्च नहीं किया जा रहा है। इसको लेकर पंचायत में गहन मंथन व चिंतन भी हुआ। विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए व सुझाव भी दिए।
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विकास की उम्मीद अंतिम वर्ष पर टिकी:
बता दें कि 22 मई 2016 को पार्षद चुने गए थे, जबकि 8 जुलाई को रीना गर्ग को सर्वसम्मति से चेयरमैन बनाया गया था। शहरी सरकार को बने पौने चार वर्ष का समय हो चुका है। यह वक्त चेयरपर्सन और पार्षदों ने आपसी खींचतान में ही गुजार दिया। मई 2021 में शहरी सरकार समय पूरा हो जाएगा। चेयरपर्सन और पार्षदों के पास लगभग सवा वर्ष का समय बचा है। इतने वर्ष इंतजार करने के बाद शहर की दुर्दशा को लेकर पहली महापंचायत आयोजित की गई है। इस महापंचायत की बदौलत दोनों पक्षों में सामंजस्य बनता है तो एक वर्ष में शहर की तस्वीर बदली जा सकती है।
पंचायत के फैसले पर त्याग पत्र देने को तैयार
महापंचायत में पहुंचे नगर पार्षद डॉ. तरुण यादव, नरेंद्र खन्ना और अमित मिश्रा ने कहा कि पंचायत का फैसला उन्हें स्वीकार होगा। उन्होंने पंचायत को विश्वास दिलाया कि शहर के विकास के लिए वह हमेशा तत्पर रहेंगे। पंचायत उन्हें जैसा भी आदेश देगी, चाहे उन्हें शहर की भलाई के लिए त्यागपत्र भी क्यों न देना पड़े, उसके लिए वह तैयार हैं। पंचायत के आदेश पर वे 10 पार्षदों के समूह के साथ पंचायत के हर फैसले को मानने के लिए तैयार रहेंगे।
ये होंगे कमेटी के सदस्य:
नगर के पार्षदों को समझाने के लिए महापंचायत ने 21 सदस्यों की कमेटी का गठन किया है। इसमें डॉ. प्रेम राज यादव, बार एसो. प्रधान रविंद्र यादव, एडवोकेट धर्मवीर सिंह, पूर्व प्राचार्य लालचंद, कप्तान सुरेंद्र सिंह, सरताज ग्रुप के पीआरओ कुलदीप यादव, राजेश जांगड़ा, छोटेलाल थानेदार, इंद्रलाल शर्मा, जगदीश यादव पायगा, सुभाष गांधी, गजराज यादव, जगदेव सिंह, प्रदीप बालरोडिया, सूबेदार ब्रह्मदेव आर्य, रमेश वर्मा, पूर्व प्राचार्य सरजीत सिंह, राजेश दीवान, अनिल यादव भगड़ाना, प्रदीप मालड़ा व संजय राव को शामिल किया गया है।
सहमति नहीं बनने पर इन कानूूनी विकल्पों पर किया जा सकता है विचार
अधिवक्ता धर्मवीर यादव ने बताया कि हरियाणा नगरपालिका म्युनिसिपल एक्ट के तहत उपायुक्त और सरकार को निम्न शक्तियां दी गई हैं..
सेक्शन 245: हरियाणा नपा म्यूनिसिपल एक्ट के तहत उपायुक्त को सभी शक्तियां व्याप्त हैं। उपायुक्त नपा का रिकार्ड चेक कर सकते हैं। नपा का प्रस्ताव रद्द करने कर सकते हैं।
सेक्शन 247: अगर नगरपालिका काम नहीं करती है तो उपायुक्त काम करवा सकते हैं।
सेक्शन 248: अगर उपायुक्त किसी काम का समय फिक्स कर देते हैं और उस काम को समय पर पूरा नहीं किया जाता है तो उपायुक्त किसी अन्य अधिकारी की ड्यूटी लगा सकते हैं।

सेक्शन 249: अगर नपा शहर में काम नहीं करवा रही है तो उपायुक्त काम करवा सकते हैं और नपा उपायुक्त को रिपोर्ट करेगी।
सेक्शन 250: सरकार के पास सभी शक्तियां होती हैं। अगर डीसी नपा भंग करने की अप्रूवल देती है तो सरकार नपा को भंग कर सकती है।
सेक्शन 254: नपा लगातार कोई काम नहीं कर रही है या अपनी ताकत का दुरुपयोग कर रही है तो सरकार नपा भंग कर सकती है।
यादव सभा के प्रधान डॉ. प्रेमराज यादव ने कहा कि महापंचायत ने सर्वसम्मति से सभी पार्षदों को विकास करवाने के लिए एक और मौका दिया है। अगर इसके बाद भी विकास नहीं करवाए तो नए विकल्पों पर विचार किया जाएगा। एक 21 सदस्यों की बैठक गठित की गई है जो पार्षदों को समझाएगी। एक मार्च को दूसरी महापंचायत बुलाई गई है, जिसमें चेयरपर्सन सहित सभी पार्षदों को निमंत्रण दिया जाएगा।
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