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Mahendragarh-Narnaul News: श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं आध्यात्मिक संदेश देती हैं
Sat, 06 Sep 2025 01:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 06 Sep 2025 01:06 AM IST
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फोटो संख्या:74- कनीना में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान प्रवचन सुनती महिलाएं--स्रोत- आयोजक
कनीना। कनीना मंडी स्थित गोविंदी बाई धर्मशाला में श्रीमद् भागवत कथा के पांचवां दिन शुक्रवार को श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की कथा सुनाई गई। कथाव्यास आचार्य सुरेश चंद्र शर्मा ने कहा कि श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं केवल खेलकूद की घटनाएं नहीं बल्कि आध्यात्मिक संदेश देती हैं।
श्रीकृष्ण ने अपने बचपन में ही यह सिद्ध कर दिया कि ईश्वर के लिए असंभव कुछ भी नहीं होता। जैसे उन्होंने यशोदा मैया को अपना विराट रूप दिखाया, वैसे ही हर भक्त के लिए ईश्वर अपने अनंत स्वरूप का दर्शन कराने में सक्षम हैं। यदि हम निस्वार्थ भाव से भक्ति करें, तो जीवन के दुख और संकट अपने आप दूर हो जाते हैं।
कथा में महिलाएं भक्ति गीतों पर झूम उठीं और वातावरण जय श्रीकृष्ण के उद्घोष से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने कहा कि कथा सुनने से मन को अद्भुत शांति और आनंद की प्राप्ति हो रही है। श्रीमद् भागवत कथा मात्र एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शन है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कथा से मिले संदेशों को जीवन में उतारकर समाज में प्रेम, भाईचारा और नैतिकता का विस्तार करें। कार्यक्रम में आयोजकों ने भक्तों के लिए प्रसाद व भंडारे की व्यवस्था भी की। शनिवार को कथा का छठा दिन होगा, जिसमें आचार्य सुरेश चंद्र शर्मा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का वर्णन करेंगे।
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श्रीकृष्ण ने अपने बचपन में ही यह सिद्ध कर दिया कि ईश्वर के लिए असंभव कुछ भी नहीं होता। जैसे उन्होंने यशोदा मैया को अपना विराट रूप दिखाया, वैसे ही हर भक्त के लिए ईश्वर अपने अनंत स्वरूप का दर्शन कराने में सक्षम हैं। यदि हम निस्वार्थ भाव से भक्ति करें, तो जीवन के दुख और संकट अपने आप दूर हो जाते हैं।
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कथा में महिलाएं भक्ति गीतों पर झूम उठीं और वातावरण जय श्रीकृष्ण के उद्घोष से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने कहा कि कथा सुनने से मन को अद्भुत शांति और आनंद की प्राप्ति हो रही है। श्रीमद् भागवत कथा मात्र एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शन है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कथा से मिले संदेशों को जीवन में उतारकर समाज में प्रेम, भाईचारा और नैतिकता का विस्तार करें। कार्यक्रम में आयोजकों ने भक्तों के लिए प्रसाद व भंडारे की व्यवस्था भी की। शनिवार को कथा का छठा दिन होगा, जिसमें आचार्य सुरेश चंद्र शर्मा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का वर्णन करेंगे।
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