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Mahendragarh-Narnaul News: साबी नदी पर बना पुल जर्जर, वाहनों का आवागमन रोका
Wed, 29 Jul 2026 12:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 29 Jul 2026 12:17 AM IST
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फोटो 04 साबी नदी पर बना टूटा पुल। संवाद
नारनौल। अलवर बहरोड़ स्टेट हाईवे 14 पर सोडावास में 1990 में साबी नदी पर बना पुल बिल्कुल जर्जर हो गया है। इसके चलते अलवर प्रशासन ने पुल पर भारी समेत सभी वाहनों का आवागमन रोक दिया है। प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग के रूप मे एक कच्ची सड़क का निर्माण कराया है जिसकी चौड़ाई कम होने से रोज जाम लग रहा है।
नारनौल से अलवर व अलवर से नारनौल के लिए सुबह से शाम तक कई रोडवेज बसों का संचालन किया जाता है। ऐसे में हरियाणा रोडवेज की रफ्तार भी जर्जर पुल के कारण धीमी पड़ गई है। वैकल्पिक मार्ग संकरा होने के कारण अक्सर जाम लगने से सवारियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जर्जर पुल पर भारी वाहनों का आवागमन रोकने से रोडवेज की बसें 30 से 40 मिनट की देरी से पहुंच रहीं हैं। साबी नदी पर यह पुल 1990 में बनववाया गया था। करीब 36 साल पहले बने इस पुल की हालत देखरेख की अनदेखी व लगातार बढ़ते यातायात के दबाव के कारण खस्ता हो चुकी है।
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इस पुल से दिनभर में हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते थे। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा होने से पहले ही प्रशासन ने इस पर वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया है।
प्रशासन की ओर से साबी नदी से एक बस्ती से होते हुए सोडावास तक एक कच्चे रास्ते का निर्माण कराया गया है। लेकिन इस रास्ते की चौड़ाई कम होने के कारण यहां जाम लग जाता है। इसी के चलते नारनौल से अलवर व अलवर से नारनौल आने-जाने वाली बसें अपने निर्धारित समय से 30 से 40 मिनट देरी से पहुंच रही हैं। साथ ही बस में सफर करने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वर्जन:
दस दिन पहले साबी नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। हालांकि राजस्थान प्रशासन ने एक वैकल्पिक कच्चा रास्ता बनवाया है लेकिन इसकी चौड़ाई कम होने के कारण जाम लग जाता है। जाम में बसें फंसने से यात्रियों को परेशानी होती है। इसके बाद भी डिपो की सबी बसें निर्धारित समय पर अलवर आ-जा रही हैं।-सतीश कुमार, मुख्य निरीक्षक, डिपो नारनौल।
वर्जन
पुल काफी पुराना होने के कारण क्षतिग्रस्त गया था। इस पर भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। वाहन चालकों के लिए वैकल्पिक मार्ग बनवाया गया है। कुछ ही दिनों में पुल की मरम्मत कराकर उसपर आवागमन शुरू करा दिया जाएगा।-डॉ. आर्तिका शुक्ला, जिला कलेक्टर, अलवर।
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नारनौल से अलवर व अलवर से नारनौल के लिए सुबह से शाम तक कई रोडवेज बसों का संचालन किया जाता है। ऐसे में हरियाणा रोडवेज की रफ्तार भी जर्जर पुल के कारण धीमी पड़ गई है। वैकल्पिक मार्ग संकरा होने के कारण अक्सर जाम लगने से सवारियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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जर्जर पुल पर भारी वाहनों का आवागमन रोकने से रोडवेज की बसें 30 से 40 मिनट की देरी से पहुंच रहीं हैं। साबी नदी पर यह पुल 1990 में बनववाया गया था। करीब 36 साल पहले बने इस पुल की हालत देखरेख की अनदेखी व लगातार बढ़ते यातायात के दबाव के कारण खस्ता हो चुकी है।
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इस पुल से दिनभर में हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते थे। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा होने से पहले ही प्रशासन ने इस पर वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया है।
प्रशासन की ओर से साबी नदी से एक बस्ती से होते हुए सोडावास तक एक कच्चे रास्ते का निर्माण कराया गया है। लेकिन इस रास्ते की चौड़ाई कम होने के कारण यहां जाम लग जाता है। इसी के चलते नारनौल से अलवर व अलवर से नारनौल आने-जाने वाली बसें अपने निर्धारित समय से 30 से 40 मिनट देरी से पहुंच रही हैं। साथ ही बस में सफर करने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वर्जन:
दस दिन पहले साबी नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। हालांकि राजस्थान प्रशासन ने एक वैकल्पिक कच्चा रास्ता बनवाया है लेकिन इसकी चौड़ाई कम होने के कारण जाम लग जाता है। जाम में बसें फंसने से यात्रियों को परेशानी होती है। इसके बाद भी डिपो की सबी बसें निर्धारित समय पर अलवर आ-जा रही हैं।-सतीश कुमार, मुख्य निरीक्षक, डिपो नारनौल।
वर्जन
पुल काफी पुराना होने के कारण क्षतिग्रस्त गया था। इस पर भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। वाहन चालकों के लिए वैकल्पिक मार्ग बनवाया गया है। कुछ ही दिनों में पुल की मरम्मत कराकर उसपर आवागमन शुरू करा दिया जाएगा।-डॉ. आर्तिका शुक्ला, जिला कलेक्टर, अलवर।