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Mahendragarh-Narnaul News: कनीना में पुस्तक सांग विमोचन, लोक संस्कृति सम्मान से नवाजे गए डॉ. मनोज गौतम
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फोटो संख्या:81- गांव गोमला में डॉ. मनोज गौतम को पगड़ी पहनाकर सम्मानित करते ग्रामीण--स्रोत- ग्रा
कनीना। गोमला पार्क में मित्र राधेश्याम गोमला द्वारा रचित पुस्तक सांग का विमोचन हुआ। इस अवसर पर सांग मंचन समारोह भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. मनोज गौतम को लोक संस्कृति के संरक्षण और मंच संचालन में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
ग्राम पंचायत और संस्कृति प्रेमियों ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया। ग्राम सरपंच मिंटू गोमला और मास्टर रामकिशन यादव ने डॉ. गौतम को पगड़ी पहनाई। हरियाणा कला परिषद के उपाध्यक्ष महेश जोशी ने भी उन्हें सम्मानित किया।
महेंद्रगढ़ जिला परिषद अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने स्मृति चिह्न भेंट किया। पुस्तक के रचयिता राधेश्याम गोमला ने भी डॉ. गौतम को स्मृति चिह्न दिया। राधेश्याम गोमला ने डॉ. गौतम के कार्यों की सराहना की। उन्होंने बताया कि डॉ. गौतम कई वर्षों से लोक संस्कृति को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं।
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डॉ. गौतम लोक संस्कृति के माध्यम से युवा पीढ़ी में नैतिक मूल्य मजबूत कर रहे हैं। वे युवाओं को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनके मंच संचालन का उल्लेखनीय योगदान रहा है। उन्हें अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है। वक्ताओं ने लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई।
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ग्राम पंचायत और संस्कृति प्रेमियों ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया। ग्राम सरपंच मिंटू गोमला और मास्टर रामकिशन यादव ने डॉ. गौतम को पगड़ी पहनाई। हरियाणा कला परिषद के उपाध्यक्ष महेश जोशी ने भी उन्हें सम्मानित किया।
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महेंद्रगढ़ जिला परिषद अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने स्मृति चिह्न भेंट किया। पुस्तक के रचयिता राधेश्याम गोमला ने भी डॉ. गौतम को स्मृति चिह्न दिया। राधेश्याम गोमला ने डॉ. गौतम के कार्यों की सराहना की। उन्होंने बताया कि डॉ. गौतम कई वर्षों से लोक संस्कृति को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं।
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डॉ. गौतम लोक संस्कृति के माध्यम से युवा पीढ़ी में नैतिक मूल्य मजबूत कर रहे हैं। वे युवाओं को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनके मंच संचालन का उल्लेखनीय योगदान रहा है। उन्हें अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है। वक्ताओं ने लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई।