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Mahendragarh-Narnaul News: गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली कट की समस्या बढ़ती जा रही
Fri, 25 Apr 2025 11:49 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 25 Apr 2025 11:49 PM IST
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फोटो नंबर-11नारनौल के महेंद्रगढ़ रोड स्थित पावर हाउस।
नारनौल। नारनौल में गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली कट की समस्या बढ़ती जा रही है। वीरवार को भी दिनभर बिजली के कट लगते रहे। रात को भी लंबे कट लगने से आमजन को बेहाल होना पड़ा।
गर्मी बढ़ने से शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की खपत में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बिजली की खपत बढ़ने से अधिक लोड के कारण पावर कट की समस्या भी बनी हुई है। वहीं मार्च के अंत और अप्रैल के शुरूआत में बिजली की खपत प्रतिदिन 1.5 लाख यूनिट की बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल के शुरूआत के दिनों में जिले में बिजली की खपत प्रतिदिन 2.5 लाख यूनिट से 3 लाख यूनिट थी, लेकिन क्षेत्र में लगातार बढ़ते तापमान के कारण जिले में अब प्रतिदिन 4.5 लाख यूनिट प्रतिदिन की खपत हो रही है।
जानकारी के अनुसार अप्रैल में अब तक करीब 84 लाख 98 हजार यूनिट खपत हो चुकी है। हालांकि गत वर्ष की तुलना में बिजली की खपत में कमी देखने को मिली है। गत वर्ष अप्रैल के दौरान जिले में करीब 1 करोड़ 52 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई थी। दस तरह से तापमान में लगातार वृद्धि बनी हुई। उसके अनुसार अप्रैल माह की समाप्ति तक बिजली खपत प्रतिदिन 5 लाख यूनिट को पार कर सकती है।
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इंसेट
उपभोक्ता करें बिजली की बचत
गर्मी में बिजली की खपत अधिक होती है और लोड बढ़ने के कारण फॉल्ट की समस्या में बढ़ोतरी होती है। उपभोक्ता अगर बिजली का उचित इस्तेमाल करे तो लोड को नियंत्रित किया जा सकता है। जैसे प्रयोग नहीं होने पर पंखे और कूलर सहित सभी उपकरणों को बंद करें। वहीं एसी को 24 से 25 तापमान के आस-पास चलाएं और कमरा ठंडा होने पर कुछ समय के लिए एसी बंद कर दें। जिससे बिजली की बचत भी होगी और लोड भी नियंत्रित रहेगा।
इंसेट
शहरी क्षेत्र से ज्यादा खपत ग्रामीण क्षेत्र में
शहरी क्षेत्र से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अधिक खपत देखने को मिल रही है। क्योंकि जिले में औद्योगिक क्षेत्र नहीं के बराबर है। इस कारण शहरों में केवल रिहायशी क्षेत्र ही बिजली की खपत रहती है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में रिहायशी क्षेत्र के अलावा सिंचाई का कार्य भी किया जाता है।
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रात को खाना बनाने के समय और दोपहर में कई बार बिजली कट लग रहे हैं। इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेष तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को जिनके घरों में इन्वर्टर नहीं है, उन्हें ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है।-जसपाल सिंह, सिंघाणा रोड।
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पानी आता है जब बिजली नहीं आती और बिजली आती है जब पानी नहीं आता। गर्मी के दिनों में बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण आमजन को परेशानी होती है। प्रशासन से अपील है कि बिजली आपूर्ति को सुचारू रखा जाए ताकि परेशानी न हो। -हर्ष चौधरी, मोहल्ला चौधरीयान।
वर्जन :
प्रयास है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सामान्य रहे। नियमित लाइन की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है, ताकि बारिश और आंधी के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न रहे। यदि लाइन फॉल्ट है या ट्रांसफार्मर खराब है तो उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करवाएं। उसे ठीक करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उपभोक्ता से अपील है कि जितनी जरूरत हो उतनी ही बिजली का इस्तेमाल करें। बिजली की बचत करें।-लोकश कुमार, एसडीओ, बिजली निगम, नारनौल।
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गर्मी बढ़ने से शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की खपत में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बिजली की खपत बढ़ने से अधिक लोड के कारण पावर कट की समस्या भी बनी हुई है। वहीं मार्च के अंत और अप्रैल के शुरूआत में बिजली की खपत प्रतिदिन 1.5 लाख यूनिट की बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल के शुरूआत के दिनों में जिले में बिजली की खपत प्रतिदिन 2.5 लाख यूनिट से 3 लाख यूनिट थी, लेकिन क्षेत्र में लगातार बढ़ते तापमान के कारण जिले में अब प्रतिदिन 4.5 लाख यूनिट प्रतिदिन की खपत हो रही है।
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जानकारी के अनुसार अप्रैल में अब तक करीब 84 लाख 98 हजार यूनिट खपत हो चुकी है। हालांकि गत वर्ष की तुलना में बिजली की खपत में कमी देखने को मिली है। गत वर्ष अप्रैल के दौरान जिले में करीब 1 करोड़ 52 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई थी। दस तरह से तापमान में लगातार वृद्धि बनी हुई। उसके अनुसार अप्रैल माह की समाप्ति तक बिजली खपत प्रतिदिन 5 लाख यूनिट को पार कर सकती है।
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उपभोक्ता करें बिजली की बचत
गर्मी में बिजली की खपत अधिक होती है और लोड बढ़ने के कारण फॉल्ट की समस्या में बढ़ोतरी होती है। उपभोक्ता अगर बिजली का उचित इस्तेमाल करे तो लोड को नियंत्रित किया जा सकता है। जैसे प्रयोग नहीं होने पर पंखे और कूलर सहित सभी उपकरणों को बंद करें। वहीं एसी को 24 से 25 तापमान के आस-पास चलाएं और कमरा ठंडा होने पर कुछ समय के लिए एसी बंद कर दें। जिससे बिजली की बचत भी होगी और लोड भी नियंत्रित रहेगा।
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शहरी क्षेत्र से ज्यादा खपत ग्रामीण क्षेत्र में
शहरी क्षेत्र से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अधिक खपत देखने को मिल रही है। क्योंकि जिले में औद्योगिक क्षेत्र नहीं के बराबर है। इस कारण शहरों में केवल रिहायशी क्षेत्र ही बिजली की खपत रहती है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में रिहायशी क्षेत्र के अलावा सिंचाई का कार्य भी किया जाता है।
रात को खाना बनाने के समय और दोपहर में कई बार बिजली कट लग रहे हैं। इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेष तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को जिनके घरों में इन्वर्टर नहीं है, उन्हें ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है।-जसपाल सिंह, सिंघाणा रोड।
पानी आता है जब बिजली नहीं आती और बिजली आती है जब पानी नहीं आता। गर्मी के दिनों में बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण आमजन को परेशानी होती है। प्रशासन से अपील है कि बिजली आपूर्ति को सुचारू रखा जाए ताकि परेशानी न हो। -हर्ष चौधरी, मोहल्ला चौधरीयान।
वर्जन :
प्रयास है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सामान्य रहे। नियमित लाइन की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है, ताकि बारिश और आंधी के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न रहे। यदि लाइन फॉल्ट है या ट्रांसफार्मर खराब है तो उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करवाएं। उसे ठीक करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उपभोक्ता से अपील है कि जितनी जरूरत हो उतनी ही बिजली का इस्तेमाल करें। बिजली की बचत करें।-लोकश कुमार, एसडीओ, बिजली निगम, नारनौल।