{"_id":"65566dc9b836f20b3f021069","slug":"administrative-building-not-found-even-after-deposit-of-rs-70-lakh-narnol-news-c-203-1-sroh1012-5118-2023-11-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: 70 लाख जमा करवाने के बाद भी नहीं मिला प्रशासनिक भवन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: 70 लाख जमा करवाने के बाद भी नहीं मिला प्रशासनिक भवन
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से चार साल पहले लोक निर्माण विभाग के खाते में 70 लाख रुपये की राशि जमा कराने के बावजूद भी राजकीय महाविद्यालय महेंद्रगढ़ को नया प्रशासनिक भवन नसीब नहीं हो पाया है। जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा महाविद्यालय के 2850 विद्यार्थियों व 95 प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। महाविद्यालय प्रबंधन की ओर से लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदारों को चार सालों में छह बार से अधिक पत्र लिखकर भवन निर्माण शुरू कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन लोक निर्माण विभाग की ओर से भवन निर्माण का कार्य महज डीपीसी तक ही पहुंच पाया है।
नक्शे व अन्य प्रकार की बाधाओं को दूर नहीं कर पाए जिम्मेदार
राजकीय महाविद्यालय में नया प्रशासनिक भवन निर्माण के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से वर्ष 2019 में स्वीकृति प्रदान करते हुए 70 लाख रुपये का बजट जारी किया था। 5500 वर्ग फीट में यह भवन बनाया जाना था। रूसा योजना के तहत यह राशि विभाग की ओर से लोक निर्माण विभाग के खाते में जमा कराई गई थी। लंबी प्रक्रिया के बाद मार्च माह में निर्माण कार्य शुरू किया गया था, लेकिन जिम्मेदार दो माह के समय में महज डीपीसी तक ही पहुंच पाए। इसके बाद अब पिछले छह माह से यह काम बंद पड़ा है। इस भवन में प्राचार्य कक्ष, कंप्यूटर कक्ष, स्टाफ रूम, हॉल, प्रतीक्षालय बनाए जाने थे। प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य फरवरी में शुरू हो गया था। निर्माण के चार माह बाद ही ठेकेदार की ओर से टेंडर में बिजली फिटिंग नहीं होने का हवाला देते हुए काम बंद कर दिया था।
लोक निर्माण विभाग की ओर से ठेकेदार को छोड़े गए टेंडर में बिजली फिटिंग कार्य को शामिल नहीं किया गया था। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन की ओर से इसका एस्टीमेट लोक निर्माण विभाग से मांगा गया था। उधर, ठेकेदार ने बीच में ही काम बंद कर दिया। लोक निर्माण विभाग की ओर से इस भवन में बिजली फिटिंग का एस्टीमेट बनाकर दिया है जो उच्चाधिकारियों को भेजा जा चुका है।
विज्ञापन
-प्राचार्य मेजर एमआर लांबा, राजकीय महाविद्यालय महेंद्रगढ़।
कॉलेज के प्रशासनिक भवन के नक्शे में कुछ परिवर्तन किया गया है। इसमें कुछ बदलाव होने के कारण थोड़े समय के लिए काम रोका गया था। हाल ही में इसके निर्माण की प्रक्रिया में जो भी बाधाएं थी वह सभी दूर कर ली गई हैं। एक सप्ताह के समय में इसका निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
-कृष्ण कुमार यादव, उपमंडल अधिकारी लोक निर्माण विभाग महेंद्रगढ़।
विज्ञापन
नक्शे व अन्य प्रकार की बाधाओं को दूर नहीं कर पाए जिम्मेदार
राजकीय महाविद्यालय में नया प्रशासनिक भवन निर्माण के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से वर्ष 2019 में स्वीकृति प्रदान करते हुए 70 लाख रुपये का बजट जारी किया था। 5500 वर्ग फीट में यह भवन बनाया जाना था। रूसा योजना के तहत यह राशि विभाग की ओर से लोक निर्माण विभाग के खाते में जमा कराई गई थी। लंबी प्रक्रिया के बाद मार्च माह में निर्माण कार्य शुरू किया गया था, लेकिन जिम्मेदार दो माह के समय में महज डीपीसी तक ही पहुंच पाए। इसके बाद अब पिछले छह माह से यह काम बंद पड़ा है। इस भवन में प्राचार्य कक्ष, कंप्यूटर कक्ष, स्टाफ रूम, हॉल, प्रतीक्षालय बनाए जाने थे। प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य फरवरी में शुरू हो गया था। निर्माण के चार माह बाद ही ठेकेदार की ओर से टेंडर में बिजली फिटिंग नहीं होने का हवाला देते हुए काम बंद कर दिया था।
विज्ञापन
लोक निर्माण विभाग की ओर से ठेकेदार को छोड़े गए टेंडर में बिजली फिटिंग कार्य को शामिल नहीं किया गया था। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन की ओर से इसका एस्टीमेट लोक निर्माण विभाग से मांगा गया था। उधर, ठेकेदार ने बीच में ही काम बंद कर दिया। लोक निर्माण विभाग की ओर से इस भवन में बिजली फिटिंग का एस्टीमेट बनाकर दिया है जो उच्चाधिकारियों को भेजा जा चुका है।
विज्ञापन
-प्राचार्य मेजर एमआर लांबा, राजकीय महाविद्यालय महेंद्रगढ़।
कॉलेज के प्रशासनिक भवन के नक्शे में कुछ परिवर्तन किया गया है। इसमें कुछ बदलाव होने के कारण थोड़े समय के लिए काम रोका गया था। हाल ही में इसके निर्माण की प्रक्रिया में जो भी बाधाएं थी वह सभी दूर कर ली गई हैं। एक सप्ताह के समय में इसका निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
-कृष्ण कुमार यादव, उपमंडल अधिकारी लोक निर्माण विभाग महेंद्रगढ़।