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Mahendragarh-Narnaul News: 5 साल में 40 फीसदी ऑडिटोरियम का हुआ कार्य, 2021 में होना था पूरा
Thu, 29 Feb 2024 11:32 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 29 Feb 2024 11:32 PM IST
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मंडी अटेली। राजकीय महाविद्यालय अटेली के परिसर में निर्माणाधीन ऑडिटोरियम का कार्य अधर में होने से छात्र सुविधा से वंचित हो रहे हैं।
महाविद्यालय परिसर में जिले का सबसे बड़ा ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य 2019 में आरंभ किया गया था। इस कार्य को पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने दिल्ली की एजेंसी को दिया था, जो 2021 तक पूरा किया जाना था। धीमी गति से कार्य चलने से 5 वर्षों में मात्र 40 फीसदी ही कार्य हो पाया है। लगभग साढ़े चार करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस ऑडिटोरियम के अधर में लटकने से महाविद्यालय प्रशासन भी चिंतित है। हर सुविधाओं से बनने वाले ऑडिटोरियम को लेकर छात्रों में खुशी का माहौल बना था, लेकिन अब उनमें निराशा झलक रही है।
ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य 5 साल पहले आरंभ किया गया था। लेकिन धीमी गति से कार्य चलने से 40 फीसदी ही कार्य हो पाया है। जिसके चलते महाविद्यालय प्रशासन भी बेहद परेशान हैं। कार्य को पूरा कराने के लिए हर पखवाड़े में रिमाइंडर सरकार व प्रशासन को भेजा जा रहा है।
राजेश सैनी, प्राचार्य महाविद्यालय अटेली।
ऑडिटोरियम का कार्य करने के लिए दिल्ली की एजेंसी को ठेका दिया गया था, जो 2021 तक पूरा करना था। वह अब तक अधूरा है। अब एजेंसी के ठेकेदार ने भी संपर्क करना बंद कर दिया है। नई एजेंसी को ठेका देकर कार्य को जल्द ही पूरा करवाया जाएगा।
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जितेंद्र जेई, लोक निर्माण विभाग नारनौल।
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महाविद्यालय परिसर में जिले का सबसे बड़ा ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य 2019 में आरंभ किया गया था। इस कार्य को पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने दिल्ली की एजेंसी को दिया था, जो 2021 तक पूरा किया जाना था। धीमी गति से कार्य चलने से 5 वर्षों में मात्र 40 फीसदी ही कार्य हो पाया है। लगभग साढ़े चार करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस ऑडिटोरियम के अधर में लटकने से महाविद्यालय प्रशासन भी चिंतित है। हर सुविधाओं से बनने वाले ऑडिटोरियम को लेकर छात्रों में खुशी का माहौल बना था, लेकिन अब उनमें निराशा झलक रही है।
ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य 5 साल पहले आरंभ किया गया था। लेकिन धीमी गति से कार्य चलने से 40 फीसदी ही कार्य हो पाया है। जिसके चलते महाविद्यालय प्रशासन भी बेहद परेशान हैं। कार्य को पूरा कराने के लिए हर पखवाड़े में रिमाइंडर सरकार व प्रशासन को भेजा जा रहा है।
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राजेश सैनी, प्राचार्य महाविद्यालय अटेली।
ऑडिटोरियम का कार्य करने के लिए दिल्ली की एजेंसी को ठेका दिया गया था, जो 2021 तक पूरा करना था। वह अब तक अधूरा है। अब एजेंसी के ठेकेदार ने भी संपर्क करना बंद कर दिया है। नई एजेंसी को ठेका देकर कार्य को जल्द ही पूरा करवाया जाएगा।
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जितेंद्र जेई, लोक निर्माण विभाग नारनौल।