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पहली बार पलवल में गिरफ्तार हुए थे बापू
पलवल/भगत सिंह डागर
Updated Wed, 30 Jan 2013 12:00 PM IST
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हरियाणा का ऐतिहासिक जिला पलवल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की यादों को संजोए हुए है। तीस जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्य तिथि पर गांधी आश्रम में लोग कार्यक्रम के दौरान उन्हें याद करते हैं। इतिहासकारों के मुताबिक दमनकारी रौलट एक्ट के खिलाफ सत्याग्रह करने पर गांधी जी को दस अप्रैल 1919 को पलवल रेलवे स्टेशन पर ब्रिटिश पुलिस ने गिरफ्तार किया था। राजनीतिक रूप से यह गांधी की पहली गिरफ्तारी थी।
ब्रिटिश सरकार ने स्वाधीनता आंदोलन को कुचलने के लिए रोलट एक्ट पास किया था। महात्मा गांधी ने इसके खिलाफ जनमानस को साथ लेकर आंदोलन किया। छह अप्रैल को हुई हड़ताल पूरे देश में विशेषकर तत्कालीन पंजाब में बेहद सफल रही थी। महात्मा गांधी हड़ताल के बाद के हालात का जायजा लेने के लिए मुंबई से लाहौर रवाना हुए। गांधी जी के पंजाब प्रवास की खबर सुनकर घबराकर ब्रिटिश सरकार ने उनके पंजाब में प्रवेश करने पर पाबंदी लगा दी।
महात्मा गांधी ने इस पाबंदी को अनदेखा कर दिया और मुंबई से ट्रेन में सवार होकर लाहौर के लिए रवाना हो गए। जैसे ही गांधी जी की ट्रेन पलवल रेलवे स्टेशन पर पहुंची तभी ब्रिटिश सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गांधी की इस गिरफ्तारी को ब्रिटिश सरकार द्वारा पहली गिरफ्तारी बताया जाता है। इस गिरफ्तारी के विरोध में पूरा पंजाब (उस समय पलवल भी पंजाब प्रदेश में ही था) जल उठा। पंजाब में जगह-जगह जलूस, धरने-प्रदर्शन व रैलियां शुरू हो गईं।
महात्मा गांधी की गिरफ्तारी की याद को संजोए रखने के लिए तब स्वाधीनता सेनानियों ने पलवल में एक आश्रम की स्थापना करने का निर्णय लिया। इसे महात्मा गांधी सेवा आश्रम का नाम दिया गया और इस आश्रम की नींव भी आजादी के महान सपूत नेताजी सुभाषचंद बोस ने स्वयं पलवल पहुंचकर अपने हाथों से रखी थी। लोगों के धरना-प्रदर्शन के भय से ब्रिटिश सरकार ने महात्मा गांधी को यहां से ले जाकर मुंबई में रिहा कर दिया था।