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अब नहीं रहेगी गैस की किल्लत
कुरुक्षेत्र
Updated Thu, 21 Nov 2013 06:01 PM IST
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वर्षों से एलपीजी के संकट से जूझ रहे कुरुक्षेत्रवासियों की परेशानी जल्द
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ही दूर होने वाली है। एलपीजी आपूर्ति करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की
कंपनियों ने कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र के तेरह स्थानों के लिए एजेंसियां
मंजूर कर ली हैं और योग्य उम्मीदवारों से वितरण के लिए आवेदन आमंत्रित किए
हैं।
सांसद नवीन जिंदल के प्रयासों से ये एजेंसियां क्षेत्र को मिली हैं। खासकर बबैन के लिए उन्होंने 24 से ज्यादा चिट्ठियां लिखीं थीं। बबैन में गैस एजेंसी न होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। जिंदल हाउस से जारी विज्ञप्ति के अनुसार सांसद नवीन जिंदल ने पूरे कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र में एलपीजी एजेंसियां आवंटित करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय को कई चिट्ठियां लिखीं।
तेल एवं प्राकृतिक गैस मंत्री विरप्पा मोइली, राज्यमंत्री आरपीएन सिंह व जितिन प्रसाद ने इन पत्रों का जवाब भी दिया और एलपीजी संकट दूर करने के उपायों पर विचार करने का आश्वासन भी दिया। सांसद जिंदल के इन प्रयासों का ही नतीजा है कि पूरे कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र के तेरह स्थानों पर एलपीजी एजेंसियां स्वीकृत हुई हैं। इनमें कुरुक्षेत्र को एक, थानेसर को दो और पिपली को एक एजेंसी आवंटित करने का फैसला किया गया है।
ये सभी एजेंसियां भारत पेट्रोलियम की होंगी। पिपली को इंडियन ऑयल की एक अतिरिक्त एजेंसी आवंटित करने का भी फैसला किया गया है। इन सबों के लिए चयनित वितरकों को 2013-14 के लिए ढाई लाख रुपये की सिक्योरिटी जमा करानी होगी।
कुरुक्षेत्र जिले के बाबैन में हिंदुस्तान पेट्रोलियम की एजेंसी मंजूर की गई है। इसके लिए भी ढाई लाख रुपये सिक्योरिटी जमा करानी होगी। लेकिन हिंदुस्तान पेट्रोलियम की लाडवा और पिहोवा की सियालकोटी फार्म, तिलकनगर व पूजा कॉलोनी प्रिथु नगर के लिए चयनित वितरकों को पांच लाख रुपये की सिक्योरिटी जमा करानी होगी।
सांसद नवीन जिंदल के प्रयासों से ये एजेंसियां क्षेत्र को मिली हैं। खासकर बबैन के लिए उन्होंने 24 से ज्यादा चिट्ठियां लिखीं थीं। बबैन में गैस एजेंसी न होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। जिंदल हाउस से जारी विज्ञप्ति के अनुसार सांसद नवीन जिंदल ने पूरे कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र में एलपीजी एजेंसियां आवंटित करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय को कई चिट्ठियां लिखीं।
तेल एवं प्राकृतिक गैस मंत्री विरप्पा मोइली, राज्यमंत्री आरपीएन सिंह व जितिन प्रसाद ने इन पत्रों का जवाब भी दिया और एलपीजी संकट दूर करने के उपायों पर विचार करने का आश्वासन भी दिया। सांसद जिंदल के इन प्रयासों का ही नतीजा है कि पूरे कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र के तेरह स्थानों पर एलपीजी एजेंसियां स्वीकृत हुई हैं। इनमें कुरुक्षेत्र को एक, थानेसर को दो और पिपली को एक एजेंसी आवंटित करने का फैसला किया गया है।
ये सभी एजेंसियां भारत पेट्रोलियम की होंगी। पिपली को इंडियन ऑयल की एक अतिरिक्त एजेंसी आवंटित करने का भी फैसला किया गया है। इन सबों के लिए चयनित वितरकों को 2013-14 के लिए ढाई लाख रुपये की सिक्योरिटी जमा करानी होगी।
कुरुक्षेत्र जिले के बाबैन में हिंदुस्तान पेट्रोलियम की एजेंसी मंजूर की गई है। इसके लिए भी ढाई लाख रुपये सिक्योरिटी जमा करानी होगी। लेकिन हिंदुस्तान पेट्रोलियम की लाडवा और पिहोवा की सियालकोटी फार्म, तिलकनगर व पूजा कॉलोनी प्रिथु नगर के लिए चयनित वितरकों को पांच लाख रुपये की सिक्योरिटी जमा करानी होगी।