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आखिर मिल ही गई करनी की सजा
फतेहाबाद/ब्यूरो।
Updated Thu, 17 Oct 2013 09:32 PM IST
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हरियाणा में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्वनी गोयल की अदालत ने फतेहाबाद के प्रोपर्टी डीलर की हत्या के मामले में वीरवार को एक दंपति सहित चार लोगों को आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
फतेहाबाद के भट्टू रोड स्थित नहर कालोनी में 8 अप्रैल 2011 की शाम को प्रॉपर्टी डीलर राम सिंह जाखड़ निवासी गांव ढीगसरा की तेजधार हथियारों से हत्या कर दी थी।
इस मामले में शहर पुलिस ने मृतक प्रॉपर्टी डीलर के भाई दारासिंह की शिकायत पर नहर कालोनी निवासी सुनीता, उसके पति राजाराम, बीघड़ रोड निवासी सुंदर व मातूराम कालोनी निवासी विरेन्द्र पर हत्या का मामला दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार प्रॉपर्टी डीलर रामसिंह जाखड़ ने सुनीता से पैसे लेने थे।
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8 अप्रैल 2011 की शाम को जब वह सुनीता के घर पैसे लेने पहुंचा तो वहां उसका सुनीता से झगड़ा हो गया। इस बीच सुनीता ने अपने पति राजाराम, सुंदर व विरेन्द्र के साथ मिलकर तेजधार हथियार से उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन सुनीता जमानत पर चल रही थी।
वीरवार को मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्वनी गोयल की अदालत ने सुनीता, उसके पति राजाराम, सुंदर व विरेंद्र को आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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फतेहाबाद के भट्टू रोड स्थित नहर कालोनी में 8 अप्रैल 2011 की शाम को प्रॉपर्टी डीलर राम सिंह जाखड़ निवासी गांव ढीगसरा की तेजधार हथियारों से हत्या कर दी थी।
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इस मामले में शहर पुलिस ने मृतक प्रॉपर्टी डीलर के भाई दारासिंह की शिकायत पर नहर कालोनी निवासी सुनीता, उसके पति राजाराम, बीघड़ रोड निवासी सुंदर व मातूराम कालोनी निवासी विरेन्द्र पर हत्या का मामला दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार प्रॉपर्टी डीलर रामसिंह जाखड़ ने सुनीता से पैसे लेने थे।
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8 अप्रैल 2011 की शाम को जब वह सुनीता के घर पैसे लेने पहुंचा तो वहां उसका सुनीता से झगड़ा हो गया। इस बीच सुनीता ने अपने पति राजाराम, सुंदर व विरेन्द्र के साथ मिलकर तेजधार हथियार से उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन सुनीता जमानत पर चल रही थी।
वीरवार को मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्वनी गोयल की अदालत ने सुनीता, उसके पति राजाराम, सुंदर व विरेंद्र को आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।