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प्रदर्शन कर रहे भाकपाईयों को पड़े डंडे
सिरसा/ब्यूरो
Updated Fri, 04 Oct 2013 09:32 PM IST
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भाकपा की राष्ट्रीय परिषद् के आह्वान पर शुक्रवार को सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय में आंदोलन कर प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। डीसी कार्यालय का घेराव करने जा रहे प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ हाथापाई भी हुई। इस दौरान पुलिस ने आंदोलनकारियों पर डंडे भी बरसाए।
प्रदर्शनकारियाें ने डीसी कार्यालय में घुसकर नारेबाजी की जहां से पुलिसकर्मियों ने उन्हें धक्के मारकर बाहर निकाल दिया। बाद में पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में 24 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर जिला राजस्व अधिकारी की अदालत में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियाें के विरुद्ध भाकपा के सत्याग्रह और जेल भरो आंदोलन के तहत शुुक्रवार को कार्यकर्ता राज्य कार्यकारिणी सदस्य स्वर्ण सिंह, जिला सचिव जयचंद सहारनी और एआईएसएफ के प्रदेश संयोजब रोशन सुचान के नेतृत्व में शहीद करतार सिंह सराभा भवन से लघु सचिवालय तक नारेबाजी करते हुए पहुंचे।
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लघुसचिवालय के मुख्यद्वार पर दो एएसआई सहित करीब आठ दस पुलिसकर्मी तैनात थे। प्रदर्शनकारी उन्हें धक्का देते हुए डीसी कार्यालय जाने का प्रयास करने लगे। पुलिस कर्मियों ने जब उन्हें रोका तो प्रदर्शनकारी हाथापाई पर उतर आए। इस पर पुलिसकर्मियों ने डंडे चलाने शुरू कर दिए। इसके बाद भी अनेक प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों को हटा कर भीतर घुस गए और सीधे डीसी कार्यालय में जाकर नारेबाजी करने लगे।
इस पर पुलिसकर्मियों ने धक्के मारकर प्रदर्शनकारियाें को बाहर निकाल दिया। इसके बाद वे गैलरी में बैठकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान हाथापाई में एक एएसआई समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हुए। बाद में प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। एएसपी राजेंद्र कुमार मीणा ने भी मौके पर पहुंचकर पुलिस को निर्देश दिए।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए स्वर्ण सिंह विर्क ने कहा कि कांग्रेस सरकार की नीतियां बड़े कारोबारियाें, अमीराें और ताकतवराें के हिताें के मुताबिक बनती हैं। उन्हाेंने कहा कि यूपीए सरकार ने भारी पैमाने पर भ्रष्टाचार को जन्म दिया है। एआईएसएफ के प्रदेश संयोजक रोशन सुचान और भाकपा जिला सचिव जयचंद सहारनी ने कहा कि प्रदेश के युवाआें के पास कोई रोजगार नहीं है और उनका भविष्य अंधकारमय है।
प्रदर्शनकारियों ने मौके पर ही दस सूत्री मांगपत्र तहसीलदार ओपी बिशभनोई को सौंपा। प्रदर्शनकारियों में एआईएसएफ के जिलाध्यक्ष जगजीत सिंह, जगजीत सिंह, जिला सचिव सी. भोला, मनोज, मनदीप, हैप्पी, बख्शी आदि शामिल थे। पुलिस ने शांतिभंग करने के आरोप में 24 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया।
हुडा चौकी प्रभारी राजकुमार ने बताया कि सभी को जिला राजस्व अधिकारी राम सिंह की अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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प्रदर्शनकारियाें ने डीसी कार्यालय में घुसकर नारेबाजी की जहां से पुलिसकर्मियों ने उन्हें धक्के मारकर बाहर निकाल दिया। बाद में पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में 24 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर जिला राजस्व अधिकारी की अदालत में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियाें के विरुद्ध भाकपा के सत्याग्रह और जेल भरो आंदोलन के तहत शुुक्रवार को कार्यकर्ता राज्य कार्यकारिणी सदस्य स्वर्ण सिंह, जिला सचिव जयचंद सहारनी और एआईएसएफ के प्रदेश संयोजब रोशन सुचान के नेतृत्व में शहीद करतार सिंह सराभा भवन से लघु सचिवालय तक नारेबाजी करते हुए पहुंचे।
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लघुसचिवालय के मुख्यद्वार पर दो एएसआई सहित करीब आठ दस पुलिसकर्मी तैनात थे। प्रदर्शनकारी उन्हें धक्का देते हुए डीसी कार्यालय जाने का प्रयास करने लगे। पुलिस कर्मियों ने जब उन्हें रोका तो प्रदर्शनकारी हाथापाई पर उतर आए। इस पर पुलिसकर्मियों ने डंडे चलाने शुरू कर दिए। इसके बाद भी अनेक प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों को हटा कर भीतर घुस गए और सीधे डीसी कार्यालय में जाकर नारेबाजी करने लगे।
इस पर पुलिसकर्मियों ने धक्के मारकर प्रदर्शनकारियाें को बाहर निकाल दिया। इसके बाद वे गैलरी में बैठकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान हाथापाई में एक एएसआई समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हुए। बाद में प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। एएसपी राजेंद्र कुमार मीणा ने भी मौके पर पहुंचकर पुलिस को निर्देश दिए।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए स्वर्ण सिंह विर्क ने कहा कि कांग्रेस सरकार की नीतियां बड़े कारोबारियाें, अमीराें और ताकतवराें के हिताें के मुताबिक बनती हैं। उन्हाेंने कहा कि यूपीए सरकार ने भारी पैमाने पर भ्रष्टाचार को जन्म दिया है। एआईएसएफ के प्रदेश संयोजक रोशन सुचान और भाकपा जिला सचिव जयचंद सहारनी ने कहा कि प्रदेश के युवाआें के पास कोई रोजगार नहीं है और उनका भविष्य अंधकारमय है।
प्रदर्शनकारियों ने मौके पर ही दस सूत्री मांगपत्र तहसीलदार ओपी बिशभनोई को सौंपा। प्रदर्शनकारियों में एआईएसएफ के जिलाध्यक्ष जगजीत सिंह, जगजीत सिंह, जिला सचिव सी. भोला, मनोज, मनदीप, हैप्पी, बख्शी आदि शामिल थे। पुलिस ने शांतिभंग करने के आरोप में 24 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया।
हुडा चौकी प्रभारी राजकुमार ने बताया कि सभी को जिला राजस्व अधिकारी राम सिंह की अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।