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न्यूनतम वेतन के मुद्दे पर आंदोलन करेंगे श्रमिक
अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Mon, 27 Jan 2014 08:12 PM IST
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प्रदेश सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन बढ़ाए जाने के बाद इसे लागू करने में देरी से श्रमिकों में आक्रोश है। श्रमिक संगठनों का आरोप है कि प्रदेश सरकार जानबूझकर टालमटोल कर रही है। इसके खिलाफ हरियाणा के तकरीबन 47 श्रमिक यूनियन आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर रही है।
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श्रमिक संगठनों का कहना है हरियाणा सरकार ने न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर 8100 रुपये करने की घोषणा की है। पर इसे लागू नहीं किया जा रहा है।
सीटू के महासचिव सतवीर सिंह ने बताया कि 29 जनवरी को गुड़गांव के डीसी कार्यालय पर न्यूनतम वेतन मुद्दे पर 24 घंटे का धरना दिया जाएगा। वहीं 30 को मजदूर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
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इसका नेतृत्व गुड़गांव में सीटू के राष्ट्रीय महासचिव तपन सेन करेंगे। इस दिन तमिलनाडु के विधायक व हुंडई मजदूरों के नेता सुंदर राजन भी गुड़गांव में रहेंगे। सीटू के हरियाणा राज्य सचिव विरेन्द्र मलिक ने कहा कि न्यूनतम वेतन मुद्दे पर श्रमिक किसी प्रकार का समझौता नहीं कर सकते।
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मारुति उद्योग कामगार यूनियन के महासचिव कुलदीप जांगू का कहना है कि सरकार निजी संस्थानों में न्यूनतम वेतन लागू करने में आनाकानी कर रही है। जबकि, उसने सरकारी संस्थानों के मजदूरों पर इसे लागू कर दिया है।
सरकार की मुसीबत
हरियाणा सरकार न्यूनतम वेतन के मुद्दे पर एडवाइजरी बोर्ड का गठन कर दिया है। तीन फरवरी को इसकी मीटिंग चंडीगढ़ में होगी। फिर भी सरकार की मुसीबत कम नहीं होती दिख रही है। एक तरफ उद्यमी न्यूनतम वेतन नहीं बढ़ाने का दबाव उस पर बना रहे हैं और वहीं श्रमिक संगठन इसे लागू करने का। अब सरकार क्या निर्णय लेगी यह समय ही बताएगा।