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Kurukshetra News: दुनिया को सशक्त बनाने में महिलाओं का अहम योगदान
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संवाद न्यूज एजेंसी
लाडवा। दुनिया को सुंदर, सशक्त और सुदृढ़ रूप में देखते हैं तो उसमें महिलाओं का ही योगदान है। यदि हमें विकसित भारत बनाना है तो इसके निर्माण में महिलाओं की बराबर की भागीदारी तेजी से सुनिश्चित करना जरूरी है। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का थीम भी लैंगिक समानता के लिए कार्य में तेजी लाना है। इसके लिए लिंगानुपात में बराबरी लाने के लिए प्रयास को और तेज करना होगा।
राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष सुमन सैनी ने यह विचार व्यक्त किए। वे गत देर सायं बंसी वाला वृद्धाश्रम में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहीं थी। इस दौरान उन्होंने लाडवा के कुछ प्रसिद्ध खिलाड़ियों व समाजसेवी कार्यकर्ताओं व महिलाओं को सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वावलंबी बनाकर उनका सशक्तीकरण सरकार की प्राथमिकता है और संकल्प भी है। पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में महिलाओं के प्रति वातावरण भी बदला है और महिलाओं का सम्मान भी बढ़ा है। जबसे सरकार ने प्रदेश की बागडोर संभाली तब लिंगानुपात और कन्या भ्रूण हत्या के मामले में स्थिति बड़ी चिंताजनक थी। उन्होंने कहा कि हरियाणा को बेटियों को मारने वाले प्रदेश के रूप में देखा जाता था परंतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पानीपत की ऐतिहासिक धरती से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम की शुरुआत करने के बाद प्रदेश का लिंगानुपात जो वर्ष 2014 में 871 था वह अब बढ़कर 916 हो गया है। आज राज्य बेटियों को मारने वाले प्रदेश के रूप में नहीं बल्कि बेटियों को आगे बढ़ाने वाले प्रदेश के रूप में जाना जाता है। आज हरियाणा की बेटियां खेलों में पदक भी ला रही हैं और सेना में जाकर देश की रक्षा भी कर रही हैं।
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लाडवा। दुनिया को सुंदर, सशक्त और सुदृढ़ रूप में देखते हैं तो उसमें महिलाओं का ही योगदान है। यदि हमें विकसित भारत बनाना है तो इसके निर्माण में महिलाओं की बराबर की भागीदारी तेजी से सुनिश्चित करना जरूरी है। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का थीम भी लैंगिक समानता के लिए कार्य में तेजी लाना है। इसके लिए लिंगानुपात में बराबरी लाने के लिए प्रयास को और तेज करना होगा।
राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष सुमन सैनी ने यह विचार व्यक्त किए। वे गत देर सायं बंसी वाला वृद्धाश्रम में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहीं थी। इस दौरान उन्होंने लाडवा के कुछ प्रसिद्ध खिलाड़ियों व समाजसेवी कार्यकर्ताओं व महिलाओं को सम्मानित किया।
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उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वावलंबी बनाकर उनका सशक्तीकरण सरकार की प्राथमिकता है और संकल्प भी है। पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में महिलाओं के प्रति वातावरण भी बदला है और महिलाओं का सम्मान भी बढ़ा है। जबसे सरकार ने प्रदेश की बागडोर संभाली तब लिंगानुपात और कन्या भ्रूण हत्या के मामले में स्थिति बड़ी चिंताजनक थी। उन्होंने कहा कि हरियाणा को बेटियों को मारने वाले प्रदेश के रूप में देखा जाता था परंतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पानीपत की ऐतिहासिक धरती से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम की शुरुआत करने के बाद प्रदेश का लिंगानुपात जो वर्ष 2014 में 871 था वह अब बढ़कर 916 हो गया है। आज राज्य बेटियों को मारने वाले प्रदेश के रूप में नहीं बल्कि बेटियों को आगे बढ़ाने वाले प्रदेश के रूप में जाना जाता है। आज हरियाणा की बेटियां खेलों में पदक भी ला रही हैं और सेना में जाकर देश की रक्षा भी कर रही हैं।
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