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लाखों की ठगी करने के दो आरोपी दबोचे
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। पुलिस ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और हाईकोर्ट में स्टेनो की नौकरी दिलाने के नाम पर 13.65 लाख रुपये की ठगी करने के दो आरोपियों को काबू किया है। पुलिस ने आरोपी मांगे राम वासी गढ़ोली व सतीश कुमार वासी करेडा खुर्द (यमुनानगर) को अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया है। इस मामले में पुलिस 18 मार्च को आरोपी करनैल सिंह वासी तलहेड़ी (अंबाला) को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
धर्मेंद्र वासी गांच लंडा ने दो फरवरी को थाना शाहाबाद पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया था कि उसकी बुआ के घर गांव तुंबी (यमुनानगर) में लोहड़ी पर करनैल सिंह ने उसे कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में नौकरी लगाने का आश्वासन दिया था। बाद में करनैल सिंह ने उसे फोन पर बताया कि यमुनानगर वासी आरती सिंधु की केयू में एचओडी के साथ पहचान है। अभी केयू में चपरासी, स्टेनो और क्लर्क की भर्तियां निकली हैं। कुछ दिन बाद करनैल उस महिला के साथ उसे किसी अन्य युवक के काम के लिए राज्यपाल भवन चंडीगढ़ लेकर गए थे।
उसे बाहर खड़ा करने के बाद दोनों भवन में गए और कुछ देर बाद बाहर आकर उसे उक्त युवक का केयू में नौकरी का नियुक्ति दिखाया। इसके बाद उसे भी केयू में चपरासी की नौकरी के तीन और स्टेनो व क्लर्क के लिए पांच लाख रुपये की मांगे। बाद में उसके पिता से करनैल ने उसे और उसकी बहन की चपरासी व स्टेनो की नौकरी लगाने के एवज में आठ लाख रुपये मांगे, जिस पर करनैल को दो-दो लाख रुपये बस स्टैंड पर दिए थे।
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दो दिन बाद करनैल ने फोन पर बताया कि हाईकोर्ट चंडीगढ़ में स्टेनो की नौकरी निकली है। वह उसकी बेटी व भांजी को पांच-पांच लाख रुपये लेकर लगा देगा। उसके पिता के पर राजी होने पर दो दिन बाद करनैल सिंह, भान सिंह गोस्वामी व उसका बेटा रवि बस स्टैंड पर आकर उसके पिता से 5.65 लाख रुपये लेकर चले गए थे। बकाया रकम चंडीगढ़ में लेनी थी। फोन आने पर करनैल, भान सिंह और सतीश ने उसके पिता व बुआ से चंडीगढ़ में चार लाख रुपये लिए थे।
यहां आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र देकर उनको केयू भेजा, मगर उनका नाम सूची में नहीं था। उन्होंने नियुक्ति पत्र की जांच कराई तो वे फर्जी निकले, जिस पर आरोपियों ने उनके पैसे वापस देने का आश्वासन दिया था। बाद में उन्होंने उनकी रकम वापस नहीं की। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच करते हुए 18 मार्च को आरोपी करनैल सिंह को गिरफ्तार करके कब्जे से पांच हजार रुपये बरामद किए थे। अब मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने आरोपी मांगे राम व सतीश कुमार को गिरफ्तार किया।
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कुरुक्षेत्र। पुलिस ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और हाईकोर्ट में स्टेनो की नौकरी दिलाने के नाम पर 13.65 लाख रुपये की ठगी करने के दो आरोपियों को काबू किया है। पुलिस ने आरोपी मांगे राम वासी गढ़ोली व सतीश कुमार वासी करेडा खुर्द (यमुनानगर) को अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया है। इस मामले में पुलिस 18 मार्च को आरोपी करनैल सिंह वासी तलहेड़ी (अंबाला) को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
धर्मेंद्र वासी गांच लंडा ने दो फरवरी को थाना शाहाबाद पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया था कि उसकी बुआ के घर गांव तुंबी (यमुनानगर) में लोहड़ी पर करनैल सिंह ने उसे कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में नौकरी लगाने का आश्वासन दिया था। बाद में करनैल सिंह ने उसे फोन पर बताया कि यमुनानगर वासी आरती सिंधु की केयू में एचओडी के साथ पहचान है। अभी केयू में चपरासी, स्टेनो और क्लर्क की भर्तियां निकली हैं। कुछ दिन बाद करनैल उस महिला के साथ उसे किसी अन्य युवक के काम के लिए राज्यपाल भवन चंडीगढ़ लेकर गए थे।
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उसे बाहर खड़ा करने के बाद दोनों भवन में गए और कुछ देर बाद बाहर आकर उसे उक्त युवक का केयू में नौकरी का नियुक्ति दिखाया। इसके बाद उसे भी केयू में चपरासी की नौकरी के तीन और स्टेनो व क्लर्क के लिए पांच लाख रुपये की मांगे। बाद में उसके पिता से करनैल ने उसे और उसकी बहन की चपरासी व स्टेनो की नौकरी लगाने के एवज में आठ लाख रुपये मांगे, जिस पर करनैल को दो-दो लाख रुपये बस स्टैंड पर दिए थे।
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दो दिन बाद करनैल ने फोन पर बताया कि हाईकोर्ट चंडीगढ़ में स्टेनो की नौकरी निकली है। वह उसकी बेटी व भांजी को पांच-पांच लाख रुपये लेकर लगा देगा। उसके पिता के पर राजी होने पर दो दिन बाद करनैल सिंह, भान सिंह गोस्वामी व उसका बेटा रवि बस स्टैंड पर आकर उसके पिता से 5.65 लाख रुपये लेकर चले गए थे। बकाया रकम चंडीगढ़ में लेनी थी। फोन आने पर करनैल, भान सिंह और सतीश ने उसके पिता व बुआ से चंडीगढ़ में चार लाख रुपये लिए थे।
यहां आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र देकर उनको केयू भेजा, मगर उनका नाम सूची में नहीं था। उन्होंने नियुक्ति पत्र की जांच कराई तो वे फर्जी निकले, जिस पर आरोपियों ने उनके पैसे वापस देने का आश्वासन दिया था। बाद में उन्होंने उनकी रकम वापस नहीं की। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच करते हुए 18 मार्च को आरोपी करनैल सिंह को गिरफ्तार करके कब्जे से पांच हजार रुपये बरामद किए थे। अब मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने आरोपी मांगे राम व सतीश कुमार को गिरफ्तार किया।