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आज तेरस पर धन लक्ष्मी करेंगी सबका मंगल
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आज तेरस पर धन लक्ष्मी सबका मंगल करेंगी। धनतेरस के लिए बर्तन बाजार पूरी तरह से सज चुके है। पूर्व संध्या पर न केवल बाजारों में चहल-पहल दिखी बल्कि लोगों ने जमकर खरीददारी भी की। स्टील, तांबे, सिल्वर व पीतल के बर्तन बेचकर दुकानदारों ने खूब चांदी कमाई। इस बार धनतेरस का पर्व उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में मनाया जाएगा। मंगलवार को त्रयोदशी सुबह 11 बजकर 31 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 9:02 बजे तक रहेेगी। वहीं चांदी की लक्ष्मी व गणेश जी की मूर्ति भी खूब बिक रही है। इस दिन झाड़ू खरीदना भी शुभ माना जाता है। पिछले साल कोरोना संकट के कारण बाजार डाउन रहा, मगर इस साल अच्छा कारोबार होने की उम्मीद जताई जा रही है। धनतेरस पर लोग स्टील के बर्तनों की ज्यादा खरीददारी कर रहे है। कुकर और कढ़ाई की सबसे ज्यादा बिक्री हो रही है। वहीं स्वास्थ्य को देखते हुए तांबे के बर्तन भी खरीदे जा रहे हैं। बर्तन दुकानदारों का कहना है कि जिलेभर में बर्तनों की 100 से ज्यादा दुकानें है। साल 2019 में बर्तन बाजार ने 70-80 लाख रुपये का कारोबार किया था। पिछले साल यह कारोबार घटकर 50 लाख तक रह गया था, मगर इस बार बाजार 1 करोड़ रुपये तक जाने की उम्मीद है।
कुमार बर्तन भंडार संचालक विनोद गोयल ने बताया कि स्टील व पीतल के बर्तन की खूब बिक्री हो रही है। स्टील की कुकर व कढ़ाई हाथों हाथ बिक रही हैं। इसके अलावा तांबे बर्तन की भी मांग है। स्वास्थ्य को लेकर लोग तांबे के गिलास व लोटे खरीद रहे है।
देवी बर्तन स्टोर संचालिका रेखा देवी ने बताया कि पिछले साल कोरोना के कारण बाजार में मंदा रहा, लेकिन इस साल बाजार में 20-30 फीसदी उछाल रहेगा। धनतेरस के दिन ज्यादातर लोग खरीद करते है। ग्राहक की मांग के मुताबिक सामान का ऑर्डर किया है।
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पिछले साल त्योहारी सीजन में उनकी दुकानदारी साढ़े 5 लाख रुपये तक सिमट कर रह गई थी, जबकि उससे पिछले 7-8 लाख रुपये की सेल हुई है। इस बार दो दिन में 10 लाख रुपये के कारोबार की उम्मीद है। महंगाई को देखते हुए भी लोग खूब खरीददारी कर रहे है। वहीं स्वास्थ्य के लिहाज से लोग एल्यूमीनियम (सिल्वर) के बर्तन लेने से परहेज कर रहे है।
शिवम क्रॉकरी हाउस संचालक संजय धवन ने बताया कि बर्तनों के साथ क्रॉकरी भी डिमांड में है। प्लास्टिक की जगह अब लोग कांच व चीनी मिट्टी के बर्तन खरीद रहे है। इस साल पिछले सालों के मुकाबले 20 प्रतिशत ज्यादा कारोबार होगा।
सर्राफा एसोसिएशन के प्रधान मनोज गोयल ने बताया कि इस बार बाजार में 22-23 ग्राम शुद्ध चांदी की लक्ष्मी व गणेश जी की मूर्ति की खूब बिक्री हो रही है। इसका भाव ढाई हजार रुपये है। इसके अलावा 92 प्रतिशत चांदी वाली मूर्ति का भाव 1600 रुपये है।
कॉस्मिक एस्ट्रो डायरेक्टर सुरेश मिश्रा ने बताया कि धनतेरस पर नवीन वस्तु खरीदना 13 गुणा अधिक फलदायक है। भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी का पूजन करने के बाद यमराज के लिए दीपदान करने से अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता। श्रद्धा भाव को समर्पण करने के बाद ही नवीन वस्तुएं और नवीन औषधि का प्रयोग करना चाहिए।
- स्टील के बर्तनों 250 से 350 रुपये प्रति किलो
- पीतल के 650 से 800 रु
- तांबा 900 से 1200 रु
- सिल्वर 300 से 400 रु
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कुमार बर्तन भंडार संचालक विनोद गोयल ने बताया कि स्टील व पीतल के बर्तन की खूब बिक्री हो रही है। स्टील की कुकर व कढ़ाई हाथों हाथ बिक रही हैं। इसके अलावा तांबे बर्तन की भी मांग है। स्वास्थ्य को लेकर लोग तांबे के गिलास व लोटे खरीद रहे है।
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देवी बर्तन स्टोर संचालिका रेखा देवी ने बताया कि पिछले साल कोरोना के कारण बाजार में मंदा रहा, लेकिन इस साल बाजार में 20-30 फीसदी उछाल रहेगा। धनतेरस के दिन ज्यादातर लोग खरीद करते है। ग्राहक की मांग के मुताबिक सामान का ऑर्डर किया है।
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पिछले साल त्योहारी सीजन में उनकी दुकानदारी साढ़े 5 लाख रुपये तक सिमट कर रह गई थी, जबकि उससे पिछले 7-8 लाख रुपये की सेल हुई है। इस बार दो दिन में 10 लाख रुपये के कारोबार की उम्मीद है। महंगाई को देखते हुए भी लोग खूब खरीददारी कर रहे है। वहीं स्वास्थ्य के लिहाज से लोग एल्यूमीनियम (सिल्वर) के बर्तन लेने से परहेज कर रहे है।
शिवम क्रॉकरी हाउस संचालक संजय धवन ने बताया कि बर्तनों के साथ क्रॉकरी भी डिमांड में है। प्लास्टिक की जगह अब लोग कांच व चीनी मिट्टी के बर्तन खरीद रहे है। इस साल पिछले सालों के मुकाबले 20 प्रतिशत ज्यादा कारोबार होगा।
सर्राफा एसोसिएशन के प्रधान मनोज गोयल ने बताया कि इस बार बाजार में 22-23 ग्राम शुद्ध चांदी की लक्ष्मी व गणेश जी की मूर्ति की खूब बिक्री हो रही है। इसका भाव ढाई हजार रुपये है। इसके अलावा 92 प्रतिशत चांदी वाली मूर्ति का भाव 1600 रुपये है।
कॉस्मिक एस्ट्रो डायरेक्टर सुरेश मिश्रा ने बताया कि धनतेरस पर नवीन वस्तु खरीदना 13 गुणा अधिक फलदायक है। भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी का पूजन करने के बाद यमराज के लिए दीपदान करने से अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता। श्रद्धा भाव को समर्पण करने के बाद ही नवीन वस्तुएं और नवीन औषधि का प्रयोग करना चाहिए।
- स्टील के बर्तनों 250 से 350 रुपये प्रति किलो
- पीतल के 650 से 800 रु
- तांबा 900 से 1200 रु
- सिल्वर 300 से 400 रु