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Kurukshetra News: योग में शोध करने वालों को मिलेगी आर्थिक मदद
Sat, 20 Jul 2024 06:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 20 Jul 2024 06:41 AM IST
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कुरुक्षेत्र। हरियाणा योग आयोग उच्च शिक्षा विभाग, एससीईआरटी, श्री कृष्णा आयुष विश्वविद्यालय और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सहयोग से शुक्रवार को कुवि के सीनेट हॉल में योग पाठ्यक्रम पर चिंतन बैठक का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में योग और योगासन खेलों के साक्ष्य आधारित लाभों को शामिल करने पर चर्चा की गई। इस दौरान योग विशेषज्ञ, शिक्षाविद, विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों की समस्याओं और सुझावों को सुना गया।
विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ चिंतन करने पर पाया गया कि प्रदेशभर में सेंट्रल विवि को छोड़कर किसी भी विश्वविद्यालय में योग शिक्षक के लिए स्थायी पद नहीं है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे योग आयोग के चेयरमैन डॉ. जयदीप आर्य ने बताया कि योग में शोध करने वाले शिक्षकों व विद्यार्थियों को आयोग आर्थिक सहायता प्रदान करेगा। हरियाणा एकमात्र राज्य होगा, जिसे योग थैरेपी की मान्यता मिलेगी। प्रदेश सरकार एवं यूजीसी सभी विद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में योग को अनिवार्य करने के बारे में गंभीर है। इसी को लेकर योग आयोग द्वारा एक योग पाठ्यक्रम समीक्षा समिति का गठन किया गया है, जो प्रदेशभर में पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम पर समीक्षा कर उसमें सुधार करने को लेकर चिंतन करेगी और शिक्षकों की सैलरी को बराबर कराने तथा स्थायी पद कराने के लिए प्रयास किया जाएगा। इसी के साथ योग के क्रेडिट कोर्स लाए जाएंगे ताकि विद्यार्थियाें को एनएसएस और एनसीसी की तर्ज पर लाभ मिल सकें।
बैठक में मुख्यातिथि सेकेंडरी एजुकेशन की एडिशनल निदेशक डॉ. किरण माई रही। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में योग की पढ़ाई एक जैसी होनी चाहिए और प्रैक्टिकल ज्यादा कराना चाहिए ताकि विद्यार्थी भविष्य में अच्छे शिक्षक तथा मेंटर बन सकें। विशिष्ट अतिथि आयुष विभाग की निदेशक डॉ संगीता नेहरा, एससीईआरटी गुरुग्राम के निदेशक सुनील बजाज, हायर एजुकेशन के सह निदेशक डॉ. विशाल शर्मा, साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. डीडी, योग आयोग के वाइस चेयरमैन डॉ. रोशन लाल, समन्वयक कुलसचिव नरेश भार्गव और योग संस्थान के प्रांतीय अधिकारी गुलशन ग्रोवर ने विचार साझा किए। हायर एजुकेशन के सह निदेशक डॉ. विशाल शर्मा ने मौके पर कई समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया।
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विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ चिंतन करने पर पाया गया कि प्रदेशभर में सेंट्रल विवि को छोड़कर किसी भी विश्वविद्यालय में योग शिक्षक के लिए स्थायी पद नहीं है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे योग आयोग के चेयरमैन डॉ. जयदीप आर्य ने बताया कि योग में शोध करने वाले शिक्षकों व विद्यार्थियों को आयोग आर्थिक सहायता प्रदान करेगा। हरियाणा एकमात्र राज्य होगा, जिसे योग थैरेपी की मान्यता मिलेगी। प्रदेश सरकार एवं यूजीसी सभी विद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में योग को अनिवार्य करने के बारे में गंभीर है। इसी को लेकर योग आयोग द्वारा एक योग पाठ्यक्रम समीक्षा समिति का गठन किया गया है, जो प्रदेशभर में पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम पर समीक्षा कर उसमें सुधार करने को लेकर चिंतन करेगी और शिक्षकों की सैलरी को बराबर कराने तथा स्थायी पद कराने के लिए प्रयास किया जाएगा। इसी के साथ योग के क्रेडिट कोर्स लाए जाएंगे ताकि विद्यार्थियाें को एनएसएस और एनसीसी की तर्ज पर लाभ मिल सकें।
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बैठक में मुख्यातिथि सेकेंडरी एजुकेशन की एडिशनल निदेशक डॉ. किरण माई रही। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में योग की पढ़ाई एक जैसी होनी चाहिए और प्रैक्टिकल ज्यादा कराना चाहिए ताकि विद्यार्थी भविष्य में अच्छे शिक्षक तथा मेंटर बन सकें। विशिष्ट अतिथि आयुष विभाग की निदेशक डॉ संगीता नेहरा, एससीईआरटी गुरुग्राम के निदेशक सुनील बजाज, हायर एजुकेशन के सह निदेशक डॉ. विशाल शर्मा, साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. डीडी, योग आयोग के वाइस चेयरमैन डॉ. रोशन लाल, समन्वयक कुलसचिव नरेश भार्गव और योग संस्थान के प्रांतीय अधिकारी गुलशन ग्रोवर ने विचार साझा किए। हायर एजुकेशन के सह निदेशक डॉ. विशाल शर्मा ने मौके पर कई समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया।
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