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Kurukshetra News: गीता जयंती फिल्म मेकिंग प्रतियोगिता के विजेताओं की राशि को तीन हिस्सों में बांटा, राज्यमंत्री के आदेश दरकिनार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Jul 2025 01:45 AM IST
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The amount of the winners of Geeta Jayanti film making competition was divided into three parts, the orders of the state minister were ignored
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव -2024 में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित गीता जयंती फिल्म मेकिंग प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों की राशि को खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्यमंत्री राजेश नागर के आदेश को दरकिनार कर तीन हिस्सों में बांट दिया गया। इससे इन प्रतिभागियों में गहरा रोष दिखाई दे रहा है। जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी दो बार यह अहम मुद्दा बन चुका है।
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गत 27 जून को लघु सचिवालय में हुई समिति की अहम बैठक में राज्यमंत्री राजेश नागर के आदेश दो सप्ताह बाद बुधवार को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार की राशि को तीन हिस्सों में बांटकर सभी प्रतिभागियों के खाते में डाल दिया गया। वहीं सांत्वना पुरस्कार की राशि को पांच की बजाय नौ हिस्सों में प्रतिभागियों के खाते में डाला गया, इससे पहले सुबह प्रतिभागियों ने जिला उपायुक्त नेहा सिंह से मुलाकात कर इस संबंध में ज्ञापन दिया था। जिस पर उन्होंने इस मामले को कष्ट निवारण की अगली बैठक में फिर से शामिल करने का आश्वासन भी दिया।
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पुरस्कार की पूरी राशि न मिलना प्रतिभागियों के साथ धोखा
न्यू मिर्जापुर कॉलोनी निवासी एवं छात्र अनिल कुमार ने बताया कि यह मामला दो बार समिति की बैठक में रख चुके हैं। गत 27 जून को हुई बैठक में राज्यमंत्री ने अधिकारियों को पांच जुलाई तक विजेता प्रतिभागियों के खाते में पुरस्कार की पूरी राशि डालने के निर्देश दिए थे। अब पुरस्कार की पूरी राशि न दिया जाना उनके साथ धोखा है। उन्होंने बताया कि उनके खाते में नियमानुसार प्रथम पुरस्कार की राशि एक लाख रुपये आनी चाहिए थी जबकि उनके खाते में 33334 रुपए आए हैं। वहीं द्वितीय पुरस्कार की विजेता केयू संस्कृत विभाग से शोधार्थी गीता तथा सांत्वना पुरस्कार के विजेता प्रतिभागी केयू इलेक्ट्राॅनिक साइंस के विद्यार्थी इंशांत ने पुरस्कार की पूरी राशि न मिलने पर कहा कि धर्मनगरी में उन्हें न्याय न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। अब सभी विजेता प्रतिभागी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलेंगे। इसके साथ ही कष्ट निवारण समिति की अगली बैठक में भी यह मुद्दा उठाया जाएगा।
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