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Kurukshetra News: गवाह और सबूतों के अभाव में आरोपी को किया बरी

Thu, 21 May 2026 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Thu, 21 May 2026 01:33 AM IST
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The accused was acquitted due to lack of witnesses and evidence.
कुरुक्षेत्र। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार की अदालत ने शाहाबाद क्षेत्र के सुधपुर गांव के रहने वाले अनुज कुमार उर्फ सनी को जातिसूचक शब्द, गाली-गलौज और मारपीट के मामले में बरी कर दिया है। अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए छोड़ दिया।
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अदालत ने आईपीसी की धाराओं 323, 341, 506 व अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(आर) और 3(2)(वीए) के तहत दर्ज मामले में बरी किया। 28 नवंबर 2023 को थाना शाहाबाद के इस मामले में शिकायतकर्ता मीना देवी निवासी गांव अहमदपुर ने आरोप लगाया था कि 19 अक्तूबर 2023 को आरोपी अनुज कुमार ने डायल-112 की गाड़ी से उनके परिवार को रोका, जातिसूचक गाली-गलौज की, मारपीट की, सोने की चेन और बाइक छीनी व जान से मारने की धमकी दी।
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अदालत ने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष अपना मामला संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह असफल रहा। शिकायतकर्ता मीना देवी और उनके पति ॠषि पाल के बीच आरोपी से पहले से वित्तीय विवाद था। ॠषि पाल ने स्वीकार किया कि उन्होंने अनुज से 30 हजार उधार लिए थे और ब्लैंक चेक दिया था। ट्रैक्टर किराए पर लेने-देने का भी झगड़ा था और चेक मामले की अलग से मुकदमा चल रहा है। घटना के एक माह बाद प्राथमिकी दर्ज हुई। प्रारंभिक शिकायत पर शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर भी नहीं थे। घटना सार्वजनिक सड़क पर हुई बताई गई, लेकिन कोई स्वतंत्र गवाह नहीं पेश किया गया। न तो पीड़ितों ने न ही बच्चों ने मेडिकल परीक्षण कराया।
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सोने की चेन छीनने का कोई बिल या रसीद पेश नहीं की गई और चेन बरामद भी नहीं हुई। एससी एसटी एक्ट के तहत सार्वजनिक दृष्टि में जातिसूचक अपमान साबित नहीं हुआ। अदालत ने कहा कि संबंधित गवाहों पति-पत्नी की गवाही पर सावधानी से विचार करना जरूरी था। विलंबित प्राथमिकी सुधार वाली गवाही और जांच की कमियों को देखते हुए अभियोजन का मामला संभवतः सही से आगे नहीं बढ़ सका।
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