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सेक्टर-17 में व्यवस्था चरमराई, नहीं हो रही सफाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Mar 2022 02:03 AM IST
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System crumbling in Sector-17, cleaning is not happening, Kurukshetra
सेक्टर-17 में सार्वजनिक शौचालय पर लटका ताला। संवाद - फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। पिछले करीब तीन वर्ष से सेक्टर-17 की सफाई का टेंडर नहीं हो पाया है, जिस कारण सिटी हार्ट कहे जाने से वाले इस सेक्टर में हालात काफी बिगड़ चुके हैं। कोई भी एसएसीओ ऐसा नहीं है, जिसके आगे गंदगी का ढेर न लगा हो। इतना ही नहीं लोगों के सुविधा के लिए बनाए गए सार्वजनिक शौचालयों पर ताले लटके हैं और इनमें से उठती तीव्र दुर्गंध पास से गुजर रहे लोगों को नाक बंद करने के लिए मजबूर कर रही है।
सेक्टर में दो मॉल, 97 एससीओ और 200 बूथ, तीन बैंक, एलआईसी दफ्तर, कई शिक्षण संस्थान, बड़ी कंपनियों की फूड चेन व रेहड़ी मार्केट स्थित है, जिन पर रोजाना हजारों की संख्या में लोग आते हैं। ऐसे में अनदेखी की भेंट चढ़े सेक्टर में लोगों के दुकानदारों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह सेक्टर हरियाणा शहर विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के अधीन आता है।
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हैरानी की बात तो यह है कि एचएसवीपी के पास शहर के सिर्फ दो सेक्टरों की देखरेख का ही जिम्मा है, फिर भी अधिकारियों ने इन सेक्टरों का रखरखाव नहीं हो पा रहा है। वहीं बताया जा रहा है कि जनवरी में टेंडर को मुख्यालय स से मंजूरी मिल गई थी, लेकिन इसके बावजूद भी टेंडर अलॉट नहीं किया गया। अब एचएसवीपी के अधिकारियों ने दोबारा से टेंडर की मंजूरी के लिए दस्तावेज भेजे हैं।
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पांच बार सीएम विंडो पर दे चुके शिकायत : राजेश्वर
सेक्टर-17 के पूर्व प्रधान राजेश्वर गोयल ने बताया कि टेंडर को लेकर पांच बार सीएम विंडो पर शिकायत दे चुके हैं। एचएसवीपी के उच्चाधिकारियों सहित टेंडर का मुद्दा कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी उठा चुके हैं। इसके बावजूद भी एचएसवीपी ने टेंडर नहीं लगाया। लंबे समय से सेक्टर के हालात काफी बिगडे़ हैं।
सीएम को किया था ट्वीट : रविंद्र कौशिक
पूर्व सूबेदार रविंद्र कौशिक ने कहा कि सेक्टर में शिक्षण संस्थानों के आगे गंदगी के ढेर लगे हैं। इस बारे में उन्होंने सीएम को ट्वीट भी किया था, तब एचएसवीपी के कर्मचारी आए थे और जेसीबी लगाकर गंदगी हटा दी थी, लेकिन बाद में फिर से हालात वैसे ही हो गए हैं। यहां सफाई कराने की स्थायी व्यवस्था की जानी चाहिए।
सार्वजनिक शौचालय बंद होने के कारण होती है परेशानी : राजबीर
राजबीर ने बताया कि सार्वजनिक शौचालयों के बंद रहने से सेक्टर में आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई लोग तो खुले में लघुशंका कर देते हैं, जिस कारण सेक्टर में दुर्गंध फैली रहती है। इसके अलावा पूरे सेक्टर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। कूड़े के ढेर से उठने वाली बदबू से सभी परेशान हैें।

दोबारा प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा : दीपक घनघस
एचएसवीपी के ईओ दीपक घनघस ने कहा कि टेंडर के लिए उन्होंने दोबारा से प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा है। इससे पहले जनवरी में टेंडर की मंजूरी आई थी, लेकिन उस समय यहां कोई ईओ नही था, जिस कारण टेंडर अलॉट होने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। अब दोबारा से प्रस्ताव भेजा गया है।

 सेक्टर- 17 में लगा गंदगी का ढेर।  संवाद

सेक्टर- 17 में लगा गंदगी का ढेर। संवाद- फोटो : Kurukshetra

 सार्वजनिक शौचालय से गायब टोंटी।  संवाद

सार्वजनिक शौचालय से गायब टोंटी। संवाद- फोटो : Kurukshetra

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