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अंतरराष्ट्रीय साइकिल दिवस पर विशेष : शौक में साइक्लिस्ट बना दिलावर, अब तक हासिल किए 83 नेशनल व दो इंटरनेशनल मेडल
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कुरुक्षेत्र। स्कूल समय से ही शाम को दोस्तों के साथ साइकिल पर मैदान में खेलते-खेलते साइकिल चलाने का इतना शौक हो गया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइक्लिस्ट के तौर पर ही अपनी पहचान बना ली। जिले के टिकरी गांव के रहने वाले पहले अंतरराष्ट्रीय साइकिलिंग खिलाडी़ दिलावर सिंह ने साइकिल चलाने के अपने शौक को ही प्रोफेशन बना लिया, जिस दौरान कड़े संघर्ष से भी गुजरना पड़ा।
दिलावर का कहना है कि उनका हौसला तब दोगुना हुआ था, जब वे पहली बार कुरुक्षेत्र में होने वाली साइकिलिंग रेस में पहले स्थान पर आए थे और उन्हें 500 रुपये इनाम भी हासिल हुआ था। उसके बाद उन्होंने पटियाला में आयोजित नेशनल ट्रैक चैंपियनशिप में हिस्सा लिया, जिसमें पहली बार स्वर्ण पदक हासिल किया था। मुंबई से पुणे तक 170 किलोमीटर होने वाली साइकिल रेस में वे लगातार दो बार विजेता रह चुके हैं।
2012 व 2013 में वह इंडिया टीम का हिस्सा रह चुके हैं, जिसमें थाइलैंड में 2013 में आयोजित प्वाइंट रेस में साइकिलिंग में रजत पदक हासिल करने वाले पुरुष वर्ग में भारत के पहले खिलाड़ी बने थे। दिलावर अंतरराष्ट्रीय साइकिलिंग में 10वें स्थान पर रह चुके हैं। चोट लगने के कारण करीब पिछले एक साल से वह खेल नहीं पा रहे थे। लेकिन अब उन्होंने एशियन चैंपियनशिप कप 2025 के लिए अभ्यास करना शुरु कर दिया है और उनका लक्ष्य इसमें विजय हासिल करना है। दिलावर अब तक 83 नेशनल और दो इंटरनेशनल मेडल हासिल कर चुके हैं और भविष्य में ऐसे ही मेहनत से इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का लक्ष्य है। उनका कहना है कि उनके परिवार व जीवन में मार्गदर्शन करने वालों का इस मुकाम तक पहुंचने का बहुत सहयोग रहा है।
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इन विदेशों में कर चुके प्रतिभा का प्रदर्शन
दिलावर सिंह थाइलैंड में तीन बार, कजाकिस्तान में दो बार, इंग्लैंड में, बेहरीन में ताइवान में, म्यांमार में अब तक प्रदर्शन कर चुके हैं और दो एक बार गोल्ड व एक बार रजत पदक हासिल कर चुके हैं।
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दिलावर का कहना है कि उनका हौसला तब दोगुना हुआ था, जब वे पहली बार कुरुक्षेत्र में होने वाली साइकिलिंग रेस में पहले स्थान पर आए थे और उन्हें 500 रुपये इनाम भी हासिल हुआ था। उसके बाद उन्होंने पटियाला में आयोजित नेशनल ट्रैक चैंपियनशिप में हिस्सा लिया, जिसमें पहली बार स्वर्ण पदक हासिल किया था। मुंबई से पुणे तक 170 किलोमीटर होने वाली साइकिल रेस में वे लगातार दो बार विजेता रह चुके हैं।
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2012 व 2013 में वह इंडिया टीम का हिस्सा रह चुके हैं, जिसमें थाइलैंड में 2013 में आयोजित प्वाइंट रेस में साइकिलिंग में रजत पदक हासिल करने वाले पुरुष वर्ग में भारत के पहले खिलाड़ी बने थे। दिलावर अंतरराष्ट्रीय साइकिलिंग में 10वें स्थान पर रह चुके हैं। चोट लगने के कारण करीब पिछले एक साल से वह खेल नहीं पा रहे थे। लेकिन अब उन्होंने एशियन चैंपियनशिप कप 2025 के लिए अभ्यास करना शुरु कर दिया है और उनका लक्ष्य इसमें विजय हासिल करना है। दिलावर अब तक 83 नेशनल और दो इंटरनेशनल मेडल हासिल कर चुके हैं और भविष्य में ऐसे ही मेहनत से इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का लक्ष्य है। उनका कहना है कि उनके परिवार व जीवन में मार्गदर्शन करने वालों का इस मुकाम तक पहुंचने का बहुत सहयोग रहा है।
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इन विदेशों में कर चुके प्रतिभा का प्रदर्शन
दिलावर सिंह थाइलैंड में तीन बार, कजाकिस्तान में दो बार, इंग्लैंड में, बेहरीन में ताइवान में, म्यांमार में अब तक प्रदर्शन कर चुके हैं और दो एक बार गोल्ड व एक बार रजत पदक हासिल कर चुके हैं।