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Kurukshetra News: मारकंडा में डूबी 14 वर्षीय संजू की तलाश जारी, 12 दिन बाद भी सुराग नहीं
सार
कुरुक्षेत्र के कलसाना गांव के पास 14 वर्षीय संजू की तलाश मारकंडा नदी में 12 दिनों से जारी है। एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम द्वारा सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़ाया गया है, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला।
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विस्तार
कुरुक्षेत्र। कलसाना गांव के पास मारकंडा नदी में 14 सितंबर को डूबी 14 वर्षीय संजू की तलाश 12 वें दिन भी जारी है। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), गोताखोर प्रगट सिंह और पंजाब के गोताखोर आशु की टीम ने दो दिन पहले घटनास्थल से नया सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। इस बार दायरा 30 किलोमीटर आगे बढ़ाया गया है लेकिन दो दिनों की मशक्कत के बावजूद कोई सुराग नहीं मिला।
प्रगट सिंह ने बताया कि संजू अपनी सहेली नीलम के साथ नदी में नहाने गई थी। दोनों डूबने लगीं तो ग्रामीण जितेंद्र ने नीलम को बचा लिया लेकिन संजू बह गई। उस समय संजू के परिजन नदी किनारे जीतिया व्रत की पूजा कर रहे थे। संजू अंबाला के साहा निवासी राम बाबू की बेटी थी, जो मामा के घर कलसाना में पांचवीं कक्षा में पढ़ती थी। परिवार के साथ पूजा के लिए आई थी।
इससे पहले 14 से 19 सितंबर तक पांच दिनों का सर्च ऑपरेशन चला जिसमें एसडीआरएफ और गोताखोरों ने कलसाना से झांसा तक 13 किलोमीटर क्षेत्र खंगाला। गर्मी के बावजूद शव न मिलने पर ऑपरेशन रोक दिया गया था। गोताखोर प्रगट सिंह ने बताया कि गर्मी में शव दो से तीन दिनों में तैर आता है लेकिन संजू के कपड़ों में रेत भरने या नदी के गड्ढे में फंसने की आशंका है।
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20 सितंबर को हार मानकर लौटे परिवार के सदस्य तीन दिन पहले नदी किनारे लौटे। संजू के पिता ने आखिरी कोशिश में उसके खिलौने नदी में डाले। अगले दिन सर्च अभियान फिर शुरू हो गया। परिवार की उम्मीदें अब टीमों पर टिकी हैं। पुलिस और प्रशासन लगातार निगरानी रखे हुए हैं।
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प्रगट सिंह ने बताया कि संजू अपनी सहेली नीलम के साथ नदी में नहाने गई थी। दोनों डूबने लगीं तो ग्रामीण जितेंद्र ने नीलम को बचा लिया लेकिन संजू बह गई। उस समय संजू के परिजन नदी किनारे जीतिया व्रत की पूजा कर रहे थे। संजू अंबाला के साहा निवासी राम बाबू की बेटी थी, जो मामा के घर कलसाना में पांचवीं कक्षा में पढ़ती थी। परिवार के साथ पूजा के लिए आई थी।
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इससे पहले 14 से 19 सितंबर तक पांच दिनों का सर्च ऑपरेशन चला जिसमें एसडीआरएफ और गोताखोरों ने कलसाना से झांसा तक 13 किलोमीटर क्षेत्र खंगाला। गर्मी के बावजूद शव न मिलने पर ऑपरेशन रोक दिया गया था। गोताखोर प्रगट सिंह ने बताया कि गर्मी में शव दो से तीन दिनों में तैर आता है लेकिन संजू के कपड़ों में रेत भरने या नदी के गड्ढे में फंसने की आशंका है।
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20 सितंबर को हार मानकर लौटे परिवार के सदस्य तीन दिन पहले नदी किनारे लौटे। संजू के पिता ने आखिरी कोशिश में उसके खिलौने नदी में डाले। अगले दिन सर्च अभियान फिर शुरू हो गया। परिवार की उम्मीदें अब टीमों पर टिकी हैं। पुलिस और प्रशासन लगातार निगरानी रखे हुए हैं।