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17 माह बाद आज खुलेंगे कक्षा चौथी और पांचवीं के स्कूल
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कोरोना संक्रमण के चलते करीब डेढ़ साल से बंद पड़े कक्षा चौथी और पांचवीं तक के स्कूल आज से खुलने जा रहे हैं। जिलेभर के 491 स्कूलों में कक्षा चौथी और पांचवीं के करीब 15 हजार विद्यार्थी पहुंचेंगे। बड़ी कक्षाओं के विद्यार्थियों की तरह इन्हें भी पानी की बोतल घर से ही लानी होगी और स्कूल में कोविड गाइडलाइन का पालन करना होगा। स्कूल में बच्चों को दोपहर का भोजन भी नहीं मिलेगा। 30 से अधिक विद्यार्थियों वाली कक्षा में 50 फीसदी को ही एक दिन में बुलाया गया है और अभिभावकों की सहमति जरूरी है। एक डेस्क पर एक ही बच्चा बैठेगा। शिक्षा विभाग की ओर से कोविड मानकों के अनुसार सभी स्कूलों में तैयारियां की गई हैं। स्कूलों को सैनिटाइज किया गया और बच्चों के बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था की गई है। स्कूल में प्रवेश से पहले बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी और मास्क अनिवार्य किया गया है।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सतनाम सिंह भट्टी का कहना है कि कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत बुधवार से जिलेभर के 491 स्कूलों में चौथी और पांचवीं की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इन दोनों कक्षाओं के करीब 15 हजार विद्यार्थी गाइडलाइन के अनुसार स्कूल पहुंचेंगे। शिक्षा निदेशालय इसके निर्देश जारी कर चुका है। स्कूलों में कक्षाएं शुरू करने को लेकर आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्कूल के गेट पर बच्चे के ऑक्सीजन लेवल की जांच तथा थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही उन्हें स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा। उनका कहना है कि ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रहेगा, जो अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजना चाहता है, वह अपना सहमति पत्र अवश्य दें।
दरअसल, कोरोना की दूसरी लहर के कारण प्रदेश सरकार ने अप्रैल के मध्य में ही सभी शिक्षण संस्थानों की पहले ही ग्रीष्मकालीन छुट्टियां कर दी थी। 16 जुलाई से कक्षा 9वीं से 12वीं तक के स्कूल खोल दिए थे। अब चौथी और पांचवीं के बच्चों के लिए स्कूल खोले जाएंगे। बच्चे के स्कूल में प्रवेश करने से पहले और दोपहर को तापमान चेक किया जाएगा। दोनों बार के तापमान प्रत्येक स्कूल के नोडल ऑफिसर द्वारा रिकॉर्ड कर विभाग को भेजना होगा। अगर बच्चे का तापमान 98 से ऊपर पाया जाता है तो उसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी, ताकि बच्चे की सेहत का ध्यान रखा जा सके। हालांकि अभी पहली से तीसरी कक्षा के बच्चों के लिए स्कूल खोलने का फैसला नहीं लिया गया है।
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यह रहेगी गाइडलाइन
कक्षा में प्रवेश और निकास द्वार अलग-अलग होंगे। 55 सीटर वाली स्कूल बस में एक साथ 25 बच्चों को ही बैठाया जाएगा। एक सीट पर एक विद्यार्थी बैठेगा। स्कूल बस और वैन में दो विद्यार्थियों के बीच दो फुट का अंतर होना चाहिए। बस में बैठने के दौरान सभी बच्चों को मास्क अनिवार्य है।
अभी बेटी को स्कूल भेजने का नहीं विचार : आकृति
अभिभावक आकृति गोयल का कहना है कि उनकी बेटी कक्षा चौथी में पढ़ाई कर रही है। आज से स्कूल जरूर खुल रहे हैं, लेकिन अभी बेटी को स्कूल में भेजने बारे सोचा नहीं है। बेटी को स्कूल में भेजने बारे विचार करेंगे। वैसे बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई ठीक चली हुई है।
बेहतर ढंग से हो रही है ऑनलाइन पढ़ाई : आरव
कक्षा पांचवीं के छात्र आरव मेहता का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई की शुरुआत में थोड़ी परेशानी जरूर हुई, लेकिन अब बेहतरीन ढंग से ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। लॉकडाउन से पहले घर में वाईफाई और लैपटॉप की व्यवस्था नहीं था, लेकिन अब ऑनलाइन क्लास के लिए सभी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
स्कूल में जाने से बच्चे होंगे मानसिक व शारीरिक रूप से मजबूत : डॉ. मेहता
एलएनजेपी अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप मेहता का कहना है कि उनका बेटा आरव कक्षा पांचवीं में पढ़ाई कर रहा है। वे भी चाहते हैं कि स्कूल खुले और बच्चे क्लास रूम में बैठकर पढ़ाई करेंगे, लेकिन अभी तक स्कूल की ओर से कोई मैसेज नहीं आया है। कहा कि जब बच्चे स्कूल जाएंगे तो मानसिक ही नहीं, शारीरिक रूप से मजबूत भी होंगे। उनका कहना है कि लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई करने का एक विकल्प तो मिला, लेकिन बच्चे आभासी दुनिया में जीने लगे हैं, जो ठीक नहीं है।
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सतनाम सिंह भट्टी का कहना है कि कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत बुधवार से जिलेभर के 491 स्कूलों में चौथी और पांचवीं की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इन दोनों कक्षाओं के करीब 15 हजार विद्यार्थी गाइडलाइन के अनुसार स्कूल पहुंचेंगे। शिक्षा निदेशालय इसके निर्देश जारी कर चुका है। स्कूलों में कक्षाएं शुरू करने को लेकर आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्कूल के गेट पर बच्चे के ऑक्सीजन लेवल की जांच तथा थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही उन्हें स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा। उनका कहना है कि ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रहेगा, जो अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजना चाहता है, वह अपना सहमति पत्र अवश्य दें।
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दरअसल, कोरोना की दूसरी लहर के कारण प्रदेश सरकार ने अप्रैल के मध्य में ही सभी शिक्षण संस्थानों की पहले ही ग्रीष्मकालीन छुट्टियां कर दी थी। 16 जुलाई से कक्षा 9वीं से 12वीं तक के स्कूल खोल दिए थे। अब चौथी और पांचवीं के बच्चों के लिए स्कूल खोले जाएंगे। बच्चे के स्कूल में प्रवेश करने से पहले और दोपहर को तापमान चेक किया जाएगा। दोनों बार के तापमान प्रत्येक स्कूल के नोडल ऑफिसर द्वारा रिकॉर्ड कर विभाग को भेजना होगा। अगर बच्चे का तापमान 98 से ऊपर पाया जाता है तो उसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी, ताकि बच्चे की सेहत का ध्यान रखा जा सके। हालांकि अभी पहली से तीसरी कक्षा के बच्चों के लिए स्कूल खोलने का फैसला नहीं लिया गया है।
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यह रहेगी गाइडलाइन
कक्षा में प्रवेश और निकास द्वार अलग-अलग होंगे। 55 सीटर वाली स्कूल बस में एक साथ 25 बच्चों को ही बैठाया जाएगा। एक सीट पर एक विद्यार्थी बैठेगा। स्कूल बस और वैन में दो विद्यार्थियों के बीच दो फुट का अंतर होना चाहिए। बस में बैठने के दौरान सभी बच्चों को मास्क अनिवार्य है।
अभी बेटी को स्कूल भेजने का नहीं विचार : आकृति
अभिभावक आकृति गोयल का कहना है कि उनकी बेटी कक्षा चौथी में पढ़ाई कर रही है। आज से स्कूल जरूर खुल रहे हैं, लेकिन अभी बेटी को स्कूल में भेजने बारे सोचा नहीं है। बेटी को स्कूल में भेजने बारे विचार करेंगे। वैसे बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई ठीक चली हुई है।
बेहतर ढंग से हो रही है ऑनलाइन पढ़ाई : आरव
कक्षा पांचवीं के छात्र आरव मेहता का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई की शुरुआत में थोड़ी परेशानी जरूर हुई, लेकिन अब बेहतरीन ढंग से ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। लॉकडाउन से पहले घर में वाईफाई और लैपटॉप की व्यवस्था नहीं था, लेकिन अब ऑनलाइन क्लास के लिए सभी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
स्कूल में जाने से बच्चे होंगे मानसिक व शारीरिक रूप से मजबूत : डॉ. मेहता
एलएनजेपी अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप मेहता का कहना है कि उनका बेटा आरव कक्षा पांचवीं में पढ़ाई कर रहा है। वे भी चाहते हैं कि स्कूल खुले और बच्चे क्लास रूम में बैठकर पढ़ाई करेंगे, लेकिन अभी तक स्कूल की ओर से कोई मैसेज नहीं आया है। कहा कि जब बच्चे स्कूल जाएंगे तो मानसिक ही नहीं, शारीरिक रूप से मजबूत भी होंगे। उनका कहना है कि लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई करने का एक विकल्प तो मिला, लेकिन बच्चे आभासी दुनिया में जीने लगे हैं, जो ठीक नहीं है।