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महायज्ञ में रोजाना दस क्विंटल समिधा की दी जा रही आहूति
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कुरुक्षेत्र। मां मोक्षदायिनी गंगाधाम ट्रस्ट ऋषिकेश, हरिद्वार के सांस्कृतिक संगठन सनातन मिशन द्वारा धर्मनगरी में आयोजित108 कुंडीय जनकल्याण शिवशक्ति महायज्ञ में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने महाआरती में भाग लिया।
इस अनुष्ठान में बतौर मुख्य यजमान के रूप में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डॉ. आरसी मिश्रा ने शिरकत की।उन्होंने यज्ञ की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यज्ञ के बिना कोई भी व्यक्ति पूर्ण नहीं है। यज्ञ से ही व्यक्ति का संपूर्ण जीवन सुखमय व आनंदमय बनता है। यज्ञ से ही मनु, रघु, हरीशचंद्र, दशरथ और दुष्यंत आदि चक्रवर्ती राजाओं को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी। उन्होंने लोगों से विशेष तौर पर आह्वान किया कि वे यज्ञ आदि अनुष्ठानों में तन-मन-धन से समर्पित हो, यही संतान परंपरा है।
इस दौरान उन्होंने हवन कुंड में आहुतियां डालकर विश्व शांति की प्रार्थना की। यज्ञ अनुष्ठान के आयोजक स्वामी हरिओम महाराज ने यज्ञ की महिमा बताते हुए कहा कि यज्ञ से मनुष्य महान बनता है। यज्ञ से ही धन-धान्य की प्राप्ति होती है। भारत को विश्व गुरु बनाने हेतु इस यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। अत: सभी धर्म प्रेमियों को यज्ञ अनुष्ठान में अवश्य भाग लेना चाहिए।
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रोजाना दस क्विंटल समिधा का इस्तेमाल
थीम पार्क में चल रहे 84वें 108 कुंडीय महायज्ञ में हरिद्वार, ऋषिकेश, मथुरा, वृंदावन और धर्मनगरी के कर्मकांडी ब्राह्मण यजमानों से हवन अनुष्ठान करवा रहे है। इस महायज्ञ में प्रतिदिन 10 क्विंटल समिधा, एक क्विंटल हवन सामग्री, 10 कनस्तर शुद्ध घी, 25 किलो गेंदा फूल, 10 किलो गुलाब फूल और एक क्विंटल फल लग जाते है। सुबह हवन के पश्चात श्रीमदभागवत कथा में वृंदावन के कथावाचक आचार्य देवेंद्र दिवेद्वी भागवत प्रवचन करते है।
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इस अनुष्ठान में बतौर मुख्य यजमान के रूप में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डॉ. आरसी मिश्रा ने शिरकत की।उन्होंने यज्ञ की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यज्ञ के बिना कोई भी व्यक्ति पूर्ण नहीं है। यज्ञ से ही व्यक्ति का संपूर्ण जीवन सुखमय व आनंदमय बनता है। यज्ञ से ही मनु, रघु, हरीशचंद्र, दशरथ और दुष्यंत आदि चक्रवर्ती राजाओं को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी। उन्होंने लोगों से विशेष तौर पर आह्वान किया कि वे यज्ञ आदि अनुष्ठानों में तन-मन-धन से समर्पित हो, यही संतान परंपरा है।
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इस दौरान उन्होंने हवन कुंड में आहुतियां डालकर विश्व शांति की प्रार्थना की। यज्ञ अनुष्ठान के आयोजक स्वामी हरिओम महाराज ने यज्ञ की महिमा बताते हुए कहा कि यज्ञ से मनुष्य महान बनता है। यज्ञ से ही धन-धान्य की प्राप्ति होती है। भारत को विश्व गुरु बनाने हेतु इस यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। अत: सभी धर्म प्रेमियों को यज्ञ अनुष्ठान में अवश्य भाग लेना चाहिए।
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रोजाना दस क्विंटल समिधा का इस्तेमाल
थीम पार्क में चल रहे 84वें 108 कुंडीय महायज्ञ में हरिद्वार, ऋषिकेश, मथुरा, वृंदावन और धर्मनगरी के कर्मकांडी ब्राह्मण यजमानों से हवन अनुष्ठान करवा रहे है। इस महायज्ञ में प्रतिदिन 10 क्विंटल समिधा, एक क्विंटल हवन सामग्री, 10 कनस्तर शुद्ध घी, 25 किलो गेंदा फूल, 10 किलो गुलाब फूल और एक क्विंटल फल लग जाते है। सुबह हवन के पश्चात श्रीमदभागवत कथा में वृंदावन के कथावाचक आचार्य देवेंद्र दिवेद्वी भागवत प्रवचन करते है।

religen- फोटो : Kurukshetra