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छात्रावास, माइग्रेशन शुल्क बढ़ाने का विरोध
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कुलपति कार्यालय के बाहर एकत्रित एनएसयूआई के सदस्य व अन्य विद्यार्थी। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कोरोना काल में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने माइग्रेशन और छात्रावास का शुल्क बढ़ा दिया है। विश्वविद्यालय खुलने के बाद पहुंचे विद्यार्थी इस फैसले का विरोध भी कर रहे हैं। गुस्साए विद्यार्थियों ने शुक्रवार को रोष प्रदर्शन कर कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के नाम ज्ञापन सौंपा।
विद्यार्थियोें का कहना है कि जुलाई 2021 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने माइग्रेशन का शुल्क 680 से बढ़ाकर 1100 रुपये किया था। किसी विद्यार्थी को साथ की साथ माइग्रेशन सर्टिफिकेट चाहिए तो 2500 रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रावास का शुल्क भी बढ़ाकर करीब 20 हजार रुपये किया गया है।
इस फैसले के विरोध में एनएसयूआई की विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष विशाल भारद्वाज की अगुवाई में विद्यार्थी रोष मार्च निकालते हुए कुलपति कार्यालय पहुंचे। यहां विद्यार्थियों ने रोष प्रदर्शन करते हुए कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा। कैंपस अध्यक्ष भारद्वाज का कहना है कि कोरोना काल से पहले चार हजार रुपये सिक्योरिटी के साथ करीब 14 हजार रुपये छात्रावास का शुल्क लिया जा रहा था।अब विद्यार्थियों को 20 हजार रुपये से अधिक शुल्क देना पड़ रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि छात्रावास का बढ़ाया हुआ शुल्क कम किया जाए। विधि संस्थान के विद्यार्थियों का छात्रावास शुल्क मासिक दर के हिसाब से लिया जाए।
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वहीं विश्वविद्यालय के छात्र संगठन डॉ. आंबेडकर स्टूडेंट फ्रंट ऑफ इंडिया ने कुलपति के नाम छात्र कल्याण अधिष्ठाता को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान विद्यार्थियों को आ रही विभिन्न समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा गया। इनमें माइग्रेशन सर्टिफिकेट, छात्रावास का बढ़ाया हुआ शुल्क कम करने, बस पास बनवाने में आ रही समस्याओं व पुस्तकालय का रीडिंग हॉल खुलवाने की मांग शामिल थी।
डासफी के अध्यक्ष प्रदीप तहान ने बताया कि छात्र कल्याण अधिष्ठाता ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर सभी मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। बस पास में आ रही परेशानियों को लेकर परिवहन विभाग से बातचीत की जाएगी। डासफी के चेयरमैन संदीप प्रोचा ने कहा कि एक सप्ताह में मांगें पूरी नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर सुरेश, रीतू रोहलन, नवीन, चेतन चौहान, आशीष, अंकित, अमित, संजीव, गुरजंट, साहिल, अजय, जावेद, हर्ष, हुक्कम, अमन, यशवीर रंजीत, सागर, रविंद्र , ज्योति, पूजा, रवि, सज्जन आदि मौजूद रहे।
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कुरुक्षेत्र। कोरोना काल में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने माइग्रेशन और छात्रावास का शुल्क बढ़ा दिया है। विश्वविद्यालय खुलने के बाद पहुंचे विद्यार्थी इस फैसले का विरोध भी कर रहे हैं। गुस्साए विद्यार्थियों ने शुक्रवार को रोष प्रदर्शन कर कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के नाम ज्ञापन सौंपा।
विद्यार्थियोें का कहना है कि जुलाई 2021 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने माइग्रेशन का शुल्क 680 से बढ़ाकर 1100 रुपये किया था। किसी विद्यार्थी को साथ की साथ माइग्रेशन सर्टिफिकेट चाहिए तो 2500 रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रावास का शुल्क भी बढ़ाकर करीब 20 हजार रुपये किया गया है।
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इस फैसले के विरोध में एनएसयूआई की विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष विशाल भारद्वाज की अगुवाई में विद्यार्थी रोष मार्च निकालते हुए कुलपति कार्यालय पहुंचे। यहां विद्यार्थियों ने रोष प्रदर्शन करते हुए कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा। कैंपस अध्यक्ष भारद्वाज का कहना है कि कोरोना काल से पहले चार हजार रुपये सिक्योरिटी के साथ करीब 14 हजार रुपये छात्रावास का शुल्क लिया जा रहा था।अब विद्यार्थियों को 20 हजार रुपये से अधिक शुल्क देना पड़ रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि छात्रावास का बढ़ाया हुआ शुल्क कम किया जाए। विधि संस्थान के विद्यार्थियों का छात्रावास शुल्क मासिक दर के हिसाब से लिया जाए।
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वहीं विश्वविद्यालय के छात्र संगठन डॉ. आंबेडकर स्टूडेंट फ्रंट ऑफ इंडिया ने कुलपति के नाम छात्र कल्याण अधिष्ठाता को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान विद्यार्थियों को आ रही विभिन्न समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा गया। इनमें माइग्रेशन सर्टिफिकेट, छात्रावास का बढ़ाया हुआ शुल्क कम करने, बस पास बनवाने में आ रही समस्याओं व पुस्तकालय का रीडिंग हॉल खुलवाने की मांग शामिल थी।
डासफी के अध्यक्ष प्रदीप तहान ने बताया कि छात्र कल्याण अधिष्ठाता ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर सभी मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। बस पास में आ रही परेशानियों को लेकर परिवहन विभाग से बातचीत की जाएगी। डासफी के चेयरमैन संदीप प्रोचा ने कहा कि एक सप्ताह में मांगें पूरी नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर सुरेश, रीतू रोहलन, नवीन, चेतन चौहान, आशीष, अंकित, अमित, संजीव, गुरजंट, साहिल, अजय, जावेद, हर्ष, हुक्कम, अमन, यशवीर रंजीत, सागर, रविंद्र , ज्योति, पूजा, रवि, सज्जन आदि मौजूद रहे।

केयू में कुलपति कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करते डासफी के कार्यकर्ता। संवाद- फोटो : Kurukshetra