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निजी स्कूल संचालकों ने किया अभिभावकों का विरोध
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निजी स्कूल संचालकों की बैठक को संबोधित करते राजीव चावला। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अभिभावकों का बढ़ता विरोध देख निजी स्कूल संचालक भी लामबंद हो गए हैं। शहर के एक निजी होटल में मंगलवार को बैठक कर निजी स्कूल संचालकों ने 25 अप्रैल को स्कूल बंद करने का एलान किया है। निजी स्कूल संचालकों ने स्कूलों के बाहर प्रदर्शन करने वाले अभिभावकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराने का आह्वान किया है।
इतना ही नहीं निजी स्कूल संचालकों ने स्कूल बंद करने के साथ उपायुक्त मुकुल कुमार को ज्ञापन सौंपने का भी फैसला लिया है। इस मौके पर सेंट थॉमस स्कूल से रजनी ने कहा कि स्कूल अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रहा है। स्कूल सरकार के निर्देशानुसार फॉर्म छह के अनुसार फीस ले रहा हैं, जबकि बहुत से अभिभावक फीस जमा नहीं करा रहे। उन्होंने जिला प्रशासन से अनुरोध किया कि वे अभिभावकों को यह संदेश दें कि अभिभावक स्कूल कि बकाया राशि जमा कराएं।
नवयुग स्कूल के प्राचार्य बीडी गाबा ने कहा कि जब तक सभी स्कूल संचालक एकत्रित नहीं होंगे, तब तक इस तरह की प्रताड़ना सहनी पड़ेगी। राकेश गेरा ने कहा कि जो भी अभिभावक स्कूल फीस देने में असमर्थ हैं और जानबूझकर बकाया राशि नहीं दे रहा, उसे चाहिए कि वह अपने बच्चों का दाखिला ऐसे स्कूल में कराए जिसकी फीस कम हो। भविष्य में अगर कोई अभिभावक किसी स्कूल के बाहर प्रदर्शन करता है तो उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करवाई जाएगी।
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मेवा राम ने कहा कि अभिभावकों को स्कूल के बाहर प्रदर्शन, नारेबाजी नहीं करनी चाहिए। अभिभावकों को यह समझना होगा कि स्कूल में उन्हीं के बच्चे पढ़ते हैं और इस तरह के माहौल से बच्चों में भय और दहशत का माहौल पैदा होता है। निशी गुप्ता ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को उन स्कूलों में दाखिला दिलवाएं जिनकी फीस वे अदा कर सकते हैं। राजीव चावला ने कहा कि सभी स्कूल संचालक एकत्रित हो गए हैं। अब स्कूलों का माहौल खराब करने की कोशिश की गई तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विपिन शर्मा ने बताया कि कुछ स्कूल जो आज की मीटिंग में नहीं आ पाए उन्हें साथ में जोड़ने के लिए समितियों का गठन किया गया है। कहा कि स्कूल बस पासिंग की फीस कई गुणा बढ़ा दी गई है, जिसको लेकर उपायुक्त को ज्ञापन दिया जाएगा और अगर इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो जिला के सभी स्कूल संचालक अगली बैठक में इस मुद्दे पर कड़ा फैसला लेंगे। इस अवसर पर विभिन्न निजी स्कूलों के संचालक व प्राचार्य उपस्थित रहे।
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कुरुक्षेत्र। अभिभावकों का बढ़ता विरोध देख निजी स्कूल संचालक भी लामबंद हो गए हैं। शहर के एक निजी होटल में मंगलवार को बैठक कर निजी स्कूल संचालकों ने 25 अप्रैल को स्कूल बंद करने का एलान किया है। निजी स्कूल संचालकों ने स्कूलों के बाहर प्रदर्शन करने वाले अभिभावकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराने का आह्वान किया है।
इतना ही नहीं निजी स्कूल संचालकों ने स्कूल बंद करने के साथ उपायुक्त मुकुल कुमार को ज्ञापन सौंपने का भी फैसला लिया है। इस मौके पर सेंट थॉमस स्कूल से रजनी ने कहा कि स्कूल अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रहा है। स्कूल सरकार के निर्देशानुसार फॉर्म छह के अनुसार फीस ले रहा हैं, जबकि बहुत से अभिभावक फीस जमा नहीं करा रहे। उन्होंने जिला प्रशासन से अनुरोध किया कि वे अभिभावकों को यह संदेश दें कि अभिभावक स्कूल कि बकाया राशि जमा कराएं।
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नवयुग स्कूल के प्राचार्य बीडी गाबा ने कहा कि जब तक सभी स्कूल संचालक एकत्रित नहीं होंगे, तब तक इस तरह की प्रताड़ना सहनी पड़ेगी। राकेश गेरा ने कहा कि जो भी अभिभावक स्कूल फीस देने में असमर्थ हैं और जानबूझकर बकाया राशि नहीं दे रहा, उसे चाहिए कि वह अपने बच्चों का दाखिला ऐसे स्कूल में कराए जिसकी फीस कम हो। भविष्य में अगर कोई अभिभावक किसी स्कूल के बाहर प्रदर्शन करता है तो उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करवाई जाएगी।
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मेवा राम ने कहा कि अभिभावकों को स्कूल के बाहर प्रदर्शन, नारेबाजी नहीं करनी चाहिए। अभिभावकों को यह समझना होगा कि स्कूल में उन्हीं के बच्चे पढ़ते हैं और इस तरह के माहौल से बच्चों में भय और दहशत का माहौल पैदा होता है। निशी गुप्ता ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को उन स्कूलों में दाखिला दिलवाएं जिनकी फीस वे अदा कर सकते हैं। राजीव चावला ने कहा कि सभी स्कूल संचालक एकत्रित हो गए हैं। अब स्कूलों का माहौल खराब करने की कोशिश की गई तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विपिन शर्मा ने बताया कि कुछ स्कूल जो आज की मीटिंग में नहीं आ पाए उन्हें साथ में जोड़ने के लिए समितियों का गठन किया गया है। कहा कि स्कूल बस पासिंग की फीस कई गुणा बढ़ा दी गई है, जिसको लेकर उपायुक्त को ज्ञापन दिया जाएगा और अगर इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो जिला के सभी स्कूल संचालक अगली बैठक में इस मुद्दे पर कड़ा फैसला लेंगे। इस अवसर पर विभिन्न निजी स्कूलों के संचालक व प्राचार्य उपस्थित रहे।