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पुलिस भर्ती लिखित परीक्षा, परीक्षार्थी रहे परेशान, चकरघिन्नी बनी पुलिस, कुरुक्षेत्र
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
Updated Mon, 29 Aug 2016 12:53 AM IST
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भर्ती स्थल उपस्थित अभ्यर्थी।
- फोटो : Amar Ujala
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एचएसएससी की ओर से आयोजित हरियाणा पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा में एक फर्जी फोन ने पुलिस और एक परीक्षा सेंटर पर तैनात स्टाफ की मशक्कत करा दी। कंट्रोल रूम में आए इस फोन ने सॉल्वर की सूचना दी और पुलिस परीक्षा सेंटर पर पहुंच गई। हालांकि जांच पड़ताल के बाद मामला झूठा निकला। इसके अलावा लिखित परीक्षा के दौरान भारी अव्यवस्थाएं देखने को मिली। इनेलो प्रदेशाध्यक्ष ने भी परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
रविवार को दो शिफ्ट में पुलिस लिखित परीक्षा हुई।
कुल 13800 परीक्षार्थियों के लिए 25 शहर भर में 25 सेंटर बनाए गए थे। हालांकि ऐन वक्त पर आयोग ने गीता निकेतन स्कूल से परीक्षा सेंटर बदल कर डीएन कॉलेज कर दिया था। इससे परीक्षार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पहली शिफ्ट में सुबह सात बजे से परीक्षा शुरू हुई। जबकि दूसरी शिफ्ट में दोपहर डेढ़ बजे परीक्षा हुई। सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया गया था। हालांकि धारा 144 का पालन नहीं के बराबर ही हुआ और परीक्षार्थियों के साथ आए लोग परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वारों के बाहर ही बैठे रहे।
सॉल्वर की शिकायत पर चकरघिन्नी बनी पुलिस
सुबह 11 बजे किसी ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर दिया कि अग्रसेन स्कूल में एक परीक्षार्थी की जगह कोई दूसरा व्यक्ति परीक्षा दे रहा है। सॉल्वर के शक में पुलिस भी तुरंत एक्शन मोड में आई और परीक्षा सेंटर पर पहुंच गई। जब शिकायतकर्ता के बताए रोल नंबर पर बैठे परीक्षार्थी से पूछताछ की और उसके दस्तावेज और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की गई तब मामला फर्जी निकला। सिटी थाना एसएचओ मलकीत ने बताया कि शिकायत के बाद तुरंत जांच की गई लेकिन शिकायत झूठी निकली।
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इस बार भी कोई व्यवस्था नहीं
परीक्षा देने के लिए बाहर से हजारों की तादाद में परीक्षार्थी पहुंचे थे। ज्यादातर परीक्षार्थी शनिवार की शाम को ही कुरुक्षेत्र पहुंच गए थे। ऐसे में सैकड़ों की तादाद में परीक्षार्थी ब्रह्मसरोवर पर ही रात को ठहरे। परीक्षार्थियों को पीने के पानी के लिए भी भटकना पड़ा। हालांकि सेंटरों पर व्यवस्था जरूर थी, लेकिन बाहर बैठे लोगों के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी।
सुलभ व्यवस्था पर ताले
परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि ब्रह्मसरोवर के पास सार्वजनिक सुलभ कॉम्प्लेक्स है। लेकिन केडीबी ने वहां ताले लगवा दिए। इससे बाहर से आए लोगों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। यहां नहाने की भी व्यवस्था होती है, लेकिन ताले लगने के कारण लोगों को ब्रह्मसरोवर पर ही नहाना पड़ा।
इनेलो ने उठाए सवाल
इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने लिखित परीक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवकों के साथ खिलवाड़ कर रही है। लिखित परीक्षा के लिए संबंधित जिलों में ही सेंटर बनाए जाने चाहिए थे। अरोड़ा ने कहा कि उम्मीदवारों के परीक्षा केंद्र जिले से बाहर बनाए गए हैं। इस कारण इन युवकों को रात और दिन भर भारी परेशानी उठानी पड़ी। अरोड़ा ने कहा कि नारनौल, हिसार और पंजाब के कई जिलों से आए युवकों का परीक्षा केंद्र कुरुक्षेत्र में बनाया गया। जबकि कुरुक्षेत्र जिले के युवकों के परीक्षा केंद्र अन्य जिलों में बनाए गए। उन्होंने कहा कि जब हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए जिले में ही परीक्षा केंद्र स्थापित कर सकती है तो पुलिस भर्ती के के लिए उम्मीदवारों के जिलों में ही परीक्षा केंद्र क्यों नहीं बनाए गए।
इनेलो प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि महेंद्रगढ़, नारनौल, हिसार, मानसा, बठिंडा जैसे दूरदराज के जिलों से आने वाले युवकों ने रात्रि ब्रह्मसरोवर के किनारे काटी और दुख की बात यह है कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने सार्वजनिक शौचालयों को ताले लगा दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पुलिस भर्ती के लिए कुरुक्षेत्र में आयोजित दौड़ से कोई सबक नहीं लिया है। भारी गर्मी के दौरान पूरे प्रदेश के युवकों को कुरुक्षेत्र में बुलाकर उनसे दौड़ लगवाई गई थी। इस प्रक्रिया में चार युवकों की मौत हो गई थी और दर्जनों युवक बेसुध हो गए थे। आयोग पुलिस भर्ती आयोजित करवाने में पूरी तरह विफल रहा है।
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रविवार को दो शिफ्ट में पुलिस लिखित परीक्षा हुई।
कुल 13800 परीक्षार्थियों के लिए 25 शहर भर में 25 सेंटर बनाए गए थे। हालांकि ऐन वक्त पर आयोग ने गीता निकेतन स्कूल से परीक्षा सेंटर बदल कर डीएन कॉलेज कर दिया था। इससे परीक्षार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पहली शिफ्ट में सुबह सात बजे से परीक्षा शुरू हुई। जबकि दूसरी शिफ्ट में दोपहर डेढ़ बजे परीक्षा हुई। सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया गया था। हालांकि धारा 144 का पालन नहीं के बराबर ही हुआ और परीक्षार्थियों के साथ आए लोग परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वारों के बाहर ही बैठे रहे।
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सॉल्वर की शिकायत पर चकरघिन्नी बनी पुलिस
सुबह 11 बजे किसी ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर दिया कि अग्रसेन स्कूल में एक परीक्षार्थी की जगह कोई दूसरा व्यक्ति परीक्षा दे रहा है। सॉल्वर के शक में पुलिस भी तुरंत एक्शन मोड में आई और परीक्षा सेंटर पर पहुंच गई। जब शिकायतकर्ता के बताए रोल नंबर पर बैठे परीक्षार्थी से पूछताछ की और उसके दस्तावेज और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की गई तब मामला फर्जी निकला। सिटी थाना एसएचओ मलकीत ने बताया कि शिकायत के बाद तुरंत जांच की गई लेकिन शिकायत झूठी निकली।
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इस बार भी कोई व्यवस्था नहीं
परीक्षा देने के लिए बाहर से हजारों की तादाद में परीक्षार्थी पहुंचे थे। ज्यादातर परीक्षार्थी शनिवार की शाम को ही कुरुक्षेत्र पहुंच गए थे। ऐसे में सैकड़ों की तादाद में परीक्षार्थी ब्रह्मसरोवर पर ही रात को ठहरे। परीक्षार्थियों को पीने के पानी के लिए भी भटकना पड़ा। हालांकि सेंटरों पर व्यवस्था जरूर थी, लेकिन बाहर बैठे लोगों के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी।
सुलभ व्यवस्था पर ताले
परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि ब्रह्मसरोवर के पास सार्वजनिक सुलभ कॉम्प्लेक्स है। लेकिन केडीबी ने वहां ताले लगवा दिए। इससे बाहर से आए लोगों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। यहां नहाने की भी व्यवस्था होती है, लेकिन ताले लगने के कारण लोगों को ब्रह्मसरोवर पर ही नहाना पड़ा।
इनेलो ने उठाए सवाल
इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने लिखित परीक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवकों के साथ खिलवाड़ कर रही है। लिखित परीक्षा के लिए संबंधित जिलों में ही सेंटर बनाए जाने चाहिए थे। अरोड़ा ने कहा कि उम्मीदवारों के परीक्षा केंद्र जिले से बाहर बनाए गए हैं। इस कारण इन युवकों को रात और दिन भर भारी परेशानी उठानी पड़ी। अरोड़ा ने कहा कि नारनौल, हिसार और पंजाब के कई जिलों से आए युवकों का परीक्षा केंद्र कुरुक्षेत्र में बनाया गया। जबकि कुरुक्षेत्र जिले के युवकों के परीक्षा केंद्र अन्य जिलों में बनाए गए। उन्होंने कहा कि जब हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए जिले में ही परीक्षा केंद्र स्थापित कर सकती है तो पुलिस भर्ती के के लिए उम्मीदवारों के जिलों में ही परीक्षा केंद्र क्यों नहीं बनाए गए।
इनेलो प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि महेंद्रगढ़, नारनौल, हिसार, मानसा, बठिंडा जैसे दूरदराज के जिलों से आने वाले युवकों ने रात्रि ब्रह्मसरोवर के किनारे काटी और दुख की बात यह है कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने सार्वजनिक शौचालयों को ताले लगा दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पुलिस भर्ती के लिए कुरुक्षेत्र में आयोजित दौड़ से कोई सबक नहीं लिया है। भारी गर्मी के दौरान पूरे प्रदेश के युवकों को कुरुक्षेत्र में बुलाकर उनसे दौड़ लगवाई गई थी। इस प्रक्रिया में चार युवकों की मौत हो गई थी और दर्जनों युवक बेसुध हो गए थे। आयोग पुलिस भर्ती आयोजित करवाने में पूरी तरह विफल रहा है।