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Kurukshetra News: पीजीआई के मेडिकल नोट में बिमला के हिंसक होने का जिक्र
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कुरुक्षेत्र। राजेश हत्याकांड में आरोपी पत्नी बिमला को पुलिस पीजीआई के मनोवैज्ञानिक की छुट्टी होने और बिमला के वहां उपचार करवाने से मना करने के बाद वापस लोकनायक जयप्रकाश जिला नागरिक अस्पताल (एलएनजेपी) ले आई है। पीजीआई की ओर से भेजे गए मेडिकल नोट में बिमला के वहां उपचार नहीं करवाने और उसके हिंसक होने का जिक्र किया गया है।
एलएनजेपी के आरएमओ डॉ. बलराज ने बताया कि पीजीआई ने मेडिकल नोट में लिखा है कि बिमला अपना उपचार वहां नहीं करवाना चाहती। इसी आधार पर उसे वापस एलएनजेपी भेजा गया है। अब अस्पताल की टीम उसकी स्थिति का आकलन और उपचार कर रही है।
एलएनजेपी की मनोचिकित्सक डॉ. प्रियंका ने बताया कि काउंसलिंग के दौरान सामने आया है कि बिमला किसी भी समय हिंसक हो सकती है और खुद को तथा उसकी देखरेख में मौजूद कर्मचारियों को नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा कि उसकी काउंसलिंग पूर्ण रूप से मनोचिकित्सा के लिए समर्पित अस्पताल में करवाया जाना उचित रहेगा। फिलहाल बिमला का उपचार हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन उपाध्याय और मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका की देखरेख में चल रहा है। पीजीआई के मनोरोग विशेषज्ञ सोमवार को छुट्टी से लौटेंगे। इसके बाद एलएनजेपी प्रशासन बोर्ड बनाने और आगे की प्रक्रिया पर फैसला करेगा।
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एलएनजेपी के आरएमओ डॉ. बलराज ने बताया कि पीजीआई ने मेडिकल नोट में लिखा है कि बिमला अपना उपचार वहां नहीं करवाना चाहती। इसी आधार पर उसे वापस एलएनजेपी भेजा गया है। अब अस्पताल की टीम उसकी स्थिति का आकलन और उपचार कर रही है।
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एलएनजेपी की मनोचिकित्सक डॉ. प्रियंका ने बताया कि काउंसलिंग के दौरान सामने आया है कि बिमला किसी भी समय हिंसक हो सकती है और खुद को तथा उसकी देखरेख में मौजूद कर्मचारियों को नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा कि उसकी काउंसलिंग पूर्ण रूप से मनोचिकित्सा के लिए समर्पित अस्पताल में करवाया जाना उचित रहेगा। फिलहाल बिमला का उपचार हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन उपाध्याय और मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका की देखरेख में चल रहा है। पीजीआई के मनोरोग विशेषज्ञ सोमवार को छुट्टी से लौटेंगे। इसके बाद एलएनजेपी प्रशासन बोर्ड बनाने और आगे की प्रक्रिया पर फैसला करेगा।
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