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Kurukshetra News: अतिक्रमण हटाने के मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरे लोग, दो घंटे बराड़ा रोड किया जाम
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शाहाबाद। धरना दे रहे लोगों को संबोधित करते चेयरमैन सुभाष कलसाना । संवाद
शाहाबाद। ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब, मुख्य स्वर्ग आश्रम तथा डेहा कॉलोनी मुख्य मार्ग के आसपास अतिक्रमण, गंदगी और जनसमस्याओं के खिलाफ रविवार लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। शहीद उधम सिंह स्मारक में आयोजित सर्व समाज की निर्णायक महापंचायत जनआक्रोश का केंद्र बन गई।
पंचायत में कोई भी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी निर्धारित समय तक नहीं पहुंचा, जिससे लोगों का रोष और बढ़ गया। संघर्ष समिति के आह्वान परलोगों ने राज्य राजमार्ग बराडा रोड पर उतरकर सांकेतिक रूप से दो घंटे का रोड जाम कर दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आंदोलन के दौरान थाना प्रभारी जगदीश टामक के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
महापंचायत की अगुवाई संघर्ष समिति के सदस्य त्रिलोचन सिंह हांडा, जसबीर सिंह मामूमाजरा, पार्षद राजेश उप्पल, जगतार सिंह तारा और सिख नेता मंजीत सिंह ने की। कहा कि 26 मई को एसडीएम शाहाबाद को ज्ञापन सौंपकर पांच प्रमुख मांगें रखी गई थीं, जिनमें डेहा कॉलोनी रोड से अवैध अतिक्रमण हटाना और भविष्य में दोबारा कब्जे रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था करना शामिल था। उस समय प्रशासन ने 30 मई तक कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद 5 जून को गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब में आयोजित महापंचायत में तहसीलदार नवनीत ने 9 जून तक कार्रवाई का भरोसा दिया। महापंचायत ने प्रशासन को 13 जून तक का समय दिया था लेकिन अधिकांश मांगें आज भी अधूरी हैं।
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किरकिरी करवाने के बाद पहुंचे जनप्रतिनिधि : महापंचायत को संबोधित करते हुए त्रिलोचन सिंह हांडा ने कहा कि शहर में 19 वार्ड पार्षद हैं, लेकिन इस जनहित आंदोलन में केवल दो पार्षदों की सक्रिय भागीदारी दिखाई दी। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि बाकी जनप्रतिनिधि या तो जनता की पीड़ा से अनभिज्ञ हैं या फिर अतिक्रमणकारियों को संरक्षण दे रहे हैं। इसके बाद पूर्व नगर पालिका प्रधान हरीश कवात्रा, पार्षद प्रवीण शर्मा, नीरज मट्टू, प्रभजीत सिंह तनेजा, बिट्टू शर्मा और कमित सचदेवा भी पंचायत में पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया।
कलसाना ने दिया जल्द काम करवाने का भरोसा
राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के नवनियुक्त चेयरमैन सुभाष कलसाना ने धरने पर पहुंचकर सभी मांगे जल्द पूरा कराए जाने का भरोसा दिया। कहा कि प्रदेश सरकार अवैध अतिक्रमण के खिलाफ स्पष्ट नीति रखती है और किसी भी प्रकार के अवैध कब्जों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भरोसा दिलाया कि स्वयं अधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित मांगों पर गंभीरता से चर्चा करेंगे।
विधायक राम करण काला भी पहुंचे
विधायक रामकरण काला ने भी धरने पर बैठकर समर्थन करते हुए कहा कि विपक्षी विधायक होने के चलते भले ही उनकी सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ राजनीतिक परिस्थितियां अनुकूल न हों, लेकिन जनता के इस संघर्ष में वे पूरी मजबूती से साथ खड़े हैं। संघर्ष समिति जहां भी उनकी जिम्मेदारी तय करेगी, वे वहां पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
अब 22 को होगी महापंचायत, जगतार को चुना प्रधान
महापंचायत में सर्वसम्मति से पार्षद जगतार सिंह तारा को संघर्ष समिति का प्रधान चुना गया, जबकि प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संवाद और वार्ता की जिम्मेदारी जसबीर सिंह मामू माजरा को सौंपी गई। धरने के दौरान पहुंचे तहसीलदार नवनीत ने संघर्ष समिति को आश्वस्त किया कि शेष लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।समिति ने घोषणा की कि यदि 20 जून तक लंबित मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 22 जून को शहीद उधम सिंह स्मारक में पुनः विशाल महापंचायत की जाएगी।राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने का भी काम करेंगे।
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पंचायत में कोई भी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी निर्धारित समय तक नहीं पहुंचा, जिससे लोगों का रोष और बढ़ गया। संघर्ष समिति के आह्वान परलोगों ने राज्य राजमार्ग बराडा रोड पर उतरकर सांकेतिक रूप से दो घंटे का रोड जाम कर दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आंदोलन के दौरान थाना प्रभारी जगदीश टामक के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
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महापंचायत की अगुवाई संघर्ष समिति के सदस्य त्रिलोचन सिंह हांडा, जसबीर सिंह मामूमाजरा, पार्षद राजेश उप्पल, जगतार सिंह तारा और सिख नेता मंजीत सिंह ने की। कहा कि 26 मई को एसडीएम शाहाबाद को ज्ञापन सौंपकर पांच प्रमुख मांगें रखी गई थीं, जिनमें डेहा कॉलोनी रोड से अवैध अतिक्रमण हटाना और भविष्य में दोबारा कब्जे रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था करना शामिल था। उस समय प्रशासन ने 30 मई तक कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद 5 जून को गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब में आयोजित महापंचायत में तहसीलदार नवनीत ने 9 जून तक कार्रवाई का भरोसा दिया। महापंचायत ने प्रशासन को 13 जून तक का समय दिया था लेकिन अधिकांश मांगें आज भी अधूरी हैं।
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किरकिरी करवाने के बाद पहुंचे जनप्रतिनिधि : महापंचायत को संबोधित करते हुए त्रिलोचन सिंह हांडा ने कहा कि शहर में 19 वार्ड पार्षद हैं, लेकिन इस जनहित आंदोलन में केवल दो पार्षदों की सक्रिय भागीदारी दिखाई दी। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि बाकी जनप्रतिनिधि या तो जनता की पीड़ा से अनभिज्ञ हैं या फिर अतिक्रमणकारियों को संरक्षण दे रहे हैं। इसके बाद पूर्व नगर पालिका प्रधान हरीश कवात्रा, पार्षद प्रवीण शर्मा, नीरज मट्टू, प्रभजीत सिंह तनेजा, बिट्टू शर्मा और कमित सचदेवा भी पंचायत में पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया।
कलसाना ने दिया जल्द काम करवाने का भरोसा
राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के नवनियुक्त चेयरमैन सुभाष कलसाना ने धरने पर पहुंचकर सभी मांगे जल्द पूरा कराए जाने का भरोसा दिया। कहा कि प्रदेश सरकार अवैध अतिक्रमण के खिलाफ स्पष्ट नीति रखती है और किसी भी प्रकार के अवैध कब्जों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भरोसा दिलाया कि स्वयं अधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित मांगों पर गंभीरता से चर्चा करेंगे।
विधायक राम करण काला भी पहुंचे
विधायक रामकरण काला ने भी धरने पर बैठकर समर्थन करते हुए कहा कि विपक्षी विधायक होने के चलते भले ही उनकी सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ राजनीतिक परिस्थितियां अनुकूल न हों, लेकिन जनता के इस संघर्ष में वे पूरी मजबूती से साथ खड़े हैं। संघर्ष समिति जहां भी उनकी जिम्मेदारी तय करेगी, वे वहां पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
अब 22 को होगी महापंचायत, जगतार को चुना प्रधान
महापंचायत में सर्वसम्मति से पार्षद जगतार सिंह तारा को संघर्ष समिति का प्रधान चुना गया, जबकि प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संवाद और वार्ता की जिम्मेदारी जसबीर सिंह मामू माजरा को सौंपी गई। धरने के दौरान पहुंचे तहसीलदार नवनीत ने संघर्ष समिति को आश्वस्त किया कि शेष लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।समिति ने घोषणा की कि यदि 20 जून तक लंबित मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 22 जून को शहीद उधम सिंह स्मारक में पुनः विशाल महापंचायत की जाएगी।राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने का भी काम करेंगे।

शाहाबाद। धरना दे रहे लोगों को संबोधित करते चेयरमैन सुभाष कलसाना । संवाद