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डॉ. अवनेश वर्मा की टीम को पेटेंट पुरस्कार
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प्रो. अवनेश वर्मा व उनकी टीम को सम्मानित करते केयू कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा।
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रोफेसर व गुरु जम्भेश्वर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार के रजिस्ट्रार प्रो. अवनेश वर्मा व गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय साइंस एंड टेक्नोलॉजी को पेटेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। केयू के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने इस पर खुशी जताते हुए इसे शिक्षकों के लिए गर्व का क्षण बताया है।
उन्होंने बताया यह टीम विश्वविद्यालय में शोध के माहौल को जीवित रख रहे हैं। यह सभी युवा वैज्ञानिक और संकाय सदस्यों के लिए एक प्रेरक कदम है। कुलपति ने कहा कि पेटेंट का उद्देश्य नवाचार और नई प्रौद्योगिकियों के विकास को बढ़ावा देना है। सबसे पहले तो ये समझने की जरूरत है कि पेटेंट एक अधिकार है जो उस व्यक्ति या संस्था को किसी बिल्कुल नई सेवा, प्रक्रिया, उत्पाद या डिजाइन के लिए प्रदान की जा सकती है ताकि कोई उनकी नकल नहीं तैयार कर सके।
डॉ. अवनेश वर्मा ने बताया कि इस पेटेंट को मूड मॉनिटरिंग सिस्टम और उसके तरीके के रूप में नामित किया गया है। इस आविष्कार में सरदुल सिंह धयाल, डॉ. सत्य देव, डॉ. अनुपमा सांगवान, ममता, जीजेयू हिसार की भारती शर्मा, मोदी विश्वविद्यालय राजस्थान से सोनू, डीटीयू, दिल्ली से आर्यन और पीईसी चंडीगढ़ से शेरोन की महत्वपूर्ण भूमिका है। पेटेंट के आवेदक सरदुल सिंह धयाल, डॉ. अवनेश वर्मा, डॉ. सत्य देव और सोनू हैं।
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उन्होंने बताया कि पेटेंट के सार से पता चलता है कि जैविक क्वांटम डॉट्स आधारित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बहुलता को नियोजित करने वाली मनोदशा निगरानी प्रणाली का खुलासा किया गया है। एक पहनने योग्य उपकरण जिसे उपयोगकर्ता की कलाई के चारों ओर पहनने के लिए कॉन्ॲफ़गर किया गया है, जिससे कहा जा सकता है कि पहनने योग्य उपकरण में कार्बनिक सेंसर की बहुलता होती है जो हृदय गति (बीपीएम) और एक पल्स मॉनिटर के माध्यम से उक्त उपयोगकर्ता के मूड का पता लगाने या समझने के लिए कॉन्फिगर किया गया है। इस मौके पर कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा, प्रो. ब्रजेश साहनी, प्रो. सुनील ढींगरा, डॉ. दीपक राय बब्बर आदि मौजूद रहे।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रोफेसर व गुरु जम्भेश्वर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार के रजिस्ट्रार प्रो. अवनेश वर्मा व गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय साइंस एंड टेक्नोलॉजी को पेटेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। केयू के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने इस पर खुशी जताते हुए इसे शिक्षकों के लिए गर्व का क्षण बताया है।
उन्होंने बताया यह टीम विश्वविद्यालय में शोध के माहौल को जीवित रख रहे हैं। यह सभी युवा वैज्ञानिक और संकाय सदस्यों के लिए एक प्रेरक कदम है। कुलपति ने कहा कि पेटेंट का उद्देश्य नवाचार और नई प्रौद्योगिकियों के विकास को बढ़ावा देना है। सबसे पहले तो ये समझने की जरूरत है कि पेटेंट एक अधिकार है जो उस व्यक्ति या संस्था को किसी बिल्कुल नई सेवा, प्रक्रिया, उत्पाद या डिजाइन के लिए प्रदान की जा सकती है ताकि कोई उनकी नकल नहीं तैयार कर सके।
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डॉ. अवनेश वर्मा ने बताया कि इस पेटेंट को मूड मॉनिटरिंग सिस्टम और उसके तरीके के रूप में नामित किया गया है। इस आविष्कार में सरदुल सिंह धयाल, डॉ. सत्य देव, डॉ. अनुपमा सांगवान, ममता, जीजेयू हिसार की भारती शर्मा, मोदी विश्वविद्यालय राजस्थान से सोनू, डीटीयू, दिल्ली से आर्यन और पीईसी चंडीगढ़ से शेरोन की महत्वपूर्ण भूमिका है। पेटेंट के आवेदक सरदुल सिंह धयाल, डॉ. अवनेश वर्मा, डॉ. सत्य देव और सोनू हैं।
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उन्होंने बताया कि पेटेंट के सार से पता चलता है कि जैविक क्वांटम डॉट्स आधारित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बहुलता को नियोजित करने वाली मनोदशा निगरानी प्रणाली का खुलासा किया गया है। एक पहनने योग्य उपकरण जिसे उपयोगकर्ता की कलाई के चारों ओर पहनने के लिए कॉन्ॲफ़गर किया गया है, जिससे कहा जा सकता है कि पहनने योग्य उपकरण में कार्बनिक सेंसर की बहुलता होती है जो हृदय गति (बीपीएम) और एक पल्स मॉनिटर के माध्यम से उक्त उपयोगकर्ता के मूड का पता लगाने या समझने के लिए कॉन्फिगर किया गया है। इस मौके पर कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा, प्रो. ब्रजेश साहनी, प्रो. सुनील ढींगरा, डॉ. दीपक राय बब्बर आदि मौजूद रहे।