{"_id":"6ae10b9c77d53b5e4401703c","slug":"paddy-worth-rs-30-lakh-sold-by-obtaining-a-gate-pass-through-fraudulent-means-kurukshetra-news-c-45-1-kur1010-163353-2026-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: गलत तरीके से गेटपास कटवाकर बेंच दिया 30 लाख रुपये का धान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: गलत तरीके से गेटपास कटवाकर बेंच दिया 30 लाख रुपये का धान
विज्ञापन
इस्माईलाबाद। गुमथला और सारसा गांव के किसानों की जमीन का गलत तरीके से पंजीकरण कर फसल बेचने का मामला सामने आया है, जिसमें करीब 30 लाख का धान बेचा गया है। यह पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर कराया गया था। इस संबंध में किसानों ने मार्केट कमेटी के सचिव से शिकायत की है।
किसानों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रकट सिंह मांगना, मनीष और जसनदीप सिंह ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि सुच्चा, रीना देवी और अंश ने उनकी जमीन का गलत तरीके से पोर्टल पर पंजीकरण कराया है।
आरोपियों ने इस्माइलाबाद मंडी में दो फर्मों के नाम पर गेटपास भी कटवाए। किसानों की फसल अभी खेतों में खड़ी है। कुछ किसानों की फसल मंडी में बिना पंजीकरण के पड़ी है। फर्जी पंजीकरण के कारण वे अपना धान बेचने में असमर्थ हैं। कागजों में धान पहले ही बिक चुका है। फर्जीवाड़े का तरीका : आरोपियों ने किसानों की जमीन का पंजीकरण गलत तरीके से अपने नाम करवा लिया। इसके बाद उन्होंने मंडी में गेटपास और आई फार्म भी कटवा लिए। इस प्रकार कागजों में धान की बिक्री दिखा दी गई। असली किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसानों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रकट सिंह मांगना, मनीष और जसनदीप सिंह ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि सुच्चा, रीना देवी और अंश ने उनकी जमीन का गलत तरीके से पोर्टल पर पंजीकरण कराया है।
विज्ञापन
आरोपियों ने इस्माइलाबाद मंडी में दो फर्मों के नाम पर गेटपास भी कटवाए। किसानों की फसल अभी खेतों में खड़ी है। कुछ किसानों की फसल मंडी में बिना पंजीकरण के पड़ी है। फर्जी पंजीकरण के कारण वे अपना धान बेचने में असमर्थ हैं। कागजों में धान पहले ही बिक चुका है। फर्जीवाड़े का तरीका : आरोपियों ने किसानों की जमीन का पंजीकरण गलत तरीके से अपने नाम करवा लिया। इसके बाद उन्होंने मंडी में गेटपास और आई फार्म भी कटवा लिए। इस प्रकार कागजों में धान की बिक्री दिखा दी गई। असली किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह गए।
विज्ञापन