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खुले स्कूल, 30 फीसदी से कम पहुंचे विद्यार्थी
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। ग्रीष्मकालीन छुट्टियां बिताने के बाद शुक्रवार से स्कूल खुले। पहले दिन विद्यार्थियों की संख्या 30 प्रतिशत से कम ही रही। बच्चों की संख्या कम रहने का एक कारण मानसून भी बताया जा रहा है। वहीं तीन जून को रविवार पड़ रहा है, जिसके चलते कई बच्चे सीधा चार जून सोमवार से ही स्कूल जाने का प्लान किए हुए हैं।
स्कूल में शिक्षकों ने विद्यार्थियों से जाना कि उन्होंने अवकाश कैसे बिताया। वहीं इस दौरान उनका होमवर्क भी चेक किया गया। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, थानेसर 921 में से सिर्फ 152 बच्चे ही पहले दिन स्कूल आए। शिक्षक कक्षाओं में बैठे चार-चार पांच-पांच बच्चों को पढ़ाते दिखाई दिए। अब स्कूल सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक खुलेंगे।
अवकाश के बाद पहले दिन स्कूल पहुंची दसवीं कक्षा की छात्रा शिवानी ने बताया कि वह हॉकी की खिलाड़ी है। ग्रीष्मावकाश के दौरान सब जूनियर नेशनल कैंप मे हिस्सा लिया। पढ़ाई को भी सुचारु ढंग से चलाने के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की।
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छात्रा जश्नप्रीत ने बताया कि उन्होंने ग्रीष्मावकाश के दौरान आत्मरक्षा के गुर सीखे। साथ ही बताया कि उन्होंने छुट्टियों में मां के साथ रसोई में हाथ भी बटाया। उसने कुकिंग करना सीखा। साथ ही अपनी पढ़ाई भी जारी रखी।
कक्षा 12वीं की छात्रा लक्ष्मी ने बताया कि उसने ग्रीष्मावकाश के दौरान ब्यूटीशियन का कोर्स किया तथा सिलाई करना भी सीखी। इसके अलावा उन्होंने डांस क्लासेज भी ज्वाइन की। कई दिनों बाद स्कूल में आकर बहुत अच्छा लग रहा है।
कक्षा 12वीं की एक अन्य छात्रा लवली ने बताया कि उन्होंने इस अवकाश के दौरान मेहंदी, सिलाई और ड्राइंग सीखी। इन छुट्टियों का लाभ उठाते हुए उन्होंने संगीत भी सीखा है। साथ-साथ अपनी पढ़ाई को भी पूरा समय दिया।
कक्षा नौवीं की छात्रा ओमसी ने बताया कि इस ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान स्कूल को बहुत मिस किया। आज काफी दिनों बाद सहेलियों से मुलाकात हुई तो काफी बातें भी की। वहीं शिक्षकों से भी मिलकर काफी अच्छा लगा।
कक्षा 12वीं की छात्रा कल्पना ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन कक्षा के माध्यम से पढ़ाई को चालू रखा। टैब के माध्यम से पढ़ाई सुचारु ढंग से चलती रही और अध्यापक नियमित तौर पर कक्षाएं लेते रहे। साथ ही ड्रॉइंग और खाना बनाना सीखा।
राजकीय वरिष्ठ कन्या विद्यालय थानेसर के प्राचार्य अश्विनी कौशिक ने बताया कि ग्रीष्मावकाश के बाद बेशक पहले दिन विद्यार्थियों की संख्या कम रही, लेकिन जो भी स्कूल पहुंचे उन में उत्साह देखने वाला था। हालांकि विद्यार्थियों की संख्या काफी कम रही।
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कुरुक्षेत्र। ग्रीष्मकालीन छुट्टियां बिताने के बाद शुक्रवार से स्कूल खुले। पहले दिन विद्यार्थियों की संख्या 30 प्रतिशत से कम ही रही। बच्चों की संख्या कम रहने का एक कारण मानसून भी बताया जा रहा है। वहीं तीन जून को रविवार पड़ रहा है, जिसके चलते कई बच्चे सीधा चार जून सोमवार से ही स्कूल जाने का प्लान किए हुए हैं।
स्कूल में शिक्षकों ने विद्यार्थियों से जाना कि उन्होंने अवकाश कैसे बिताया। वहीं इस दौरान उनका होमवर्क भी चेक किया गया। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, थानेसर 921 में से सिर्फ 152 बच्चे ही पहले दिन स्कूल आए। शिक्षक कक्षाओं में बैठे चार-चार पांच-पांच बच्चों को पढ़ाते दिखाई दिए। अब स्कूल सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक खुलेंगे।
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अवकाश के बाद पहले दिन स्कूल पहुंची दसवीं कक्षा की छात्रा शिवानी ने बताया कि वह हॉकी की खिलाड़ी है। ग्रीष्मावकाश के दौरान सब जूनियर नेशनल कैंप मे हिस्सा लिया। पढ़ाई को भी सुचारु ढंग से चलाने के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की।
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छात्रा जश्नप्रीत ने बताया कि उन्होंने ग्रीष्मावकाश के दौरान आत्मरक्षा के गुर सीखे। साथ ही बताया कि उन्होंने छुट्टियों में मां के साथ रसोई में हाथ भी बटाया। उसने कुकिंग करना सीखा। साथ ही अपनी पढ़ाई भी जारी रखी।
कक्षा 12वीं की छात्रा लक्ष्मी ने बताया कि उसने ग्रीष्मावकाश के दौरान ब्यूटीशियन का कोर्स किया तथा सिलाई करना भी सीखी। इसके अलावा उन्होंने डांस क्लासेज भी ज्वाइन की। कई दिनों बाद स्कूल में आकर बहुत अच्छा लग रहा है।
कक्षा 12वीं की एक अन्य छात्रा लवली ने बताया कि उन्होंने इस अवकाश के दौरान मेहंदी, सिलाई और ड्राइंग सीखी। इन छुट्टियों का लाभ उठाते हुए उन्होंने संगीत भी सीखा है। साथ-साथ अपनी पढ़ाई को भी पूरा समय दिया।
कक्षा नौवीं की छात्रा ओमसी ने बताया कि इस ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान स्कूल को बहुत मिस किया। आज काफी दिनों बाद सहेलियों से मुलाकात हुई तो काफी बातें भी की। वहीं शिक्षकों से भी मिलकर काफी अच्छा लगा।
कक्षा 12वीं की छात्रा कल्पना ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन कक्षा के माध्यम से पढ़ाई को चालू रखा। टैब के माध्यम से पढ़ाई सुचारु ढंग से चलती रही और अध्यापक नियमित तौर पर कक्षाएं लेते रहे। साथ ही ड्रॉइंग और खाना बनाना सीखा।
राजकीय वरिष्ठ कन्या विद्यालय थानेसर के प्राचार्य अश्विनी कौशिक ने बताया कि ग्रीष्मावकाश के बाद बेशक पहले दिन विद्यार्थियों की संख्या कम रही, लेकिन जो भी स्कूल पहुंचे उन में उत्साह देखने वाला था। हालांकि विद्यार्थियों की संख्या काफी कम रही।