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Kurukshetra News: एनएसएस शाखा ने डूडा में सात दिवसीय विशेष शिविर किया शुरू
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लाडवा। गांव डूडा में सात दिवसीय शिविर में भाग लेते स्वयंसेवक। विज्ञप्ति
लाडवा। एनएसएस शाखा द्वारा गांव डूडा में सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ किया गया। मुख्यातिथि कॉलेज प्रबंधक समिति के कोषाध्यक्ष विकास सिंघल रहे। कॉलेज प्राचार्य डॉ. कुशल पाल ने मुख्यातिथि का स्वागत किया। मुख्यातिथि ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन व समृद्ध संस्कृतियों में से एक है।
भारतीय संस्कृति में अपने माता-पिता व अपने से बड़े-बुजुर्गों को परमात्मा के रूप में देखने की एक पावन परंपरा रही है, लेकिन आधुनिक युग में हमें देखने को मिल रहा है कि बड़े शहरों के साथ-साथ अब छोटे-छोटे कस्बों में भी वृद्धाश्रम खुल रहे हैं और उससे भी बड़े दुख की बात यह है कि उन वृद्धाश्रमों में हमारे आस-पास के गांव से बहुत सारे वृद्धजन परिवारों से निष्कासित किए हुए निवास कर रहे हैं।
इस अवसर पर उन्होंने सभी स्वयंसेवकों को यह शपथ दिलवाई कि हमारे जीवन में चाहे कैसा भी समय क्यों न आ जाए हम अपने माता-पिता को कभी खुद से दूर करके वृद्धाश्रमों जैसी जगहों पर जाने के लिए मजबूर नहीं करेंगे। कॉलेज प्राचार्य डॉ. कुशल पाल ने बताया कि विकास सिंघल हमारे कॉलेज के एक बहुत ही युवा और ऊर्जावान सदस्य हैं, जो निरंतर कॉलेज के विकास में लगे रहते हैं। इनका अनेक सामाजिक संस्थाओं के साथ भी गहरा संबंध है जो अनेक सामाजिक उत्थान के कार्यों में प्रयासरत है। इस अवसर पर डॉ. राजेश कुमार, विजय कुमार और राकीब के साथ-साथ 82 स्वयंसेवक भी उपस्थित रहे।
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भारतीय संस्कृति में अपने माता-पिता व अपने से बड़े-बुजुर्गों को परमात्मा के रूप में देखने की एक पावन परंपरा रही है, लेकिन आधुनिक युग में हमें देखने को मिल रहा है कि बड़े शहरों के साथ-साथ अब छोटे-छोटे कस्बों में भी वृद्धाश्रम खुल रहे हैं और उससे भी बड़े दुख की बात यह है कि उन वृद्धाश्रमों में हमारे आस-पास के गांव से बहुत सारे वृद्धजन परिवारों से निष्कासित किए हुए निवास कर रहे हैं।
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इस अवसर पर उन्होंने सभी स्वयंसेवकों को यह शपथ दिलवाई कि हमारे जीवन में चाहे कैसा भी समय क्यों न आ जाए हम अपने माता-पिता को कभी खुद से दूर करके वृद्धाश्रमों जैसी जगहों पर जाने के लिए मजबूर नहीं करेंगे। कॉलेज प्राचार्य डॉ. कुशल पाल ने बताया कि विकास सिंघल हमारे कॉलेज के एक बहुत ही युवा और ऊर्जावान सदस्य हैं, जो निरंतर कॉलेज के विकास में लगे रहते हैं। इनका अनेक सामाजिक संस्थाओं के साथ भी गहरा संबंध है जो अनेक सामाजिक उत्थान के कार्यों में प्रयासरत है। इस अवसर पर डॉ. राजेश कुमार, विजय कुमार और राकीब के साथ-साथ 82 स्वयंसेवक भी उपस्थित रहे।
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