कुरुक्षेत्र मंडी में धान खरीद न होने से सड़कों पर उतरे किसान

अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र Updated Sat, 08 Oct 2016 12:09 AM IST
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प्रदरश्ान करते किसान
प्रदरश्‍ान करते किसान - फोटो : amar ujala

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सरकार के धान खरीद को लेकर आए नए आदेशों का शुक्रवार को जिलेभर की मंडियों में विरोध रहा। अधिकतर मंडियों में धान खरीद नहीं हुई तो दिनभर किसान खरीद होने की बाट जोहते रहे। थानेसर नई अनाज मंडी में किसानों का देर सायं सब्र का बंाध टूट गया और वे सड़कों पर उतर आए। किसानों ने अनाज मंडी के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और नारेबाजी की। 
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हालांकि मार्केट कमेटी सचिव जिले सिंह ने उन्हेें शांत करने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं मानें। लगभग तीन घंटे बाद एसडीएम नरेंद्र पाल मौके पर पहुंचे और उन्होंने शनिवार को धान बिक्री का आश्वासन दिया, जिस पर किसान शंात हुए। जाम लगने से भारी संख्या में मंडी के बाहर धान लेकर आए व अन्य वाहन फंसे रहे। 
प्रदर्शन कर रहे रामदिया, रामचंद्र बरानी, सुरजीत, राजकुमार, सतबीर सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि सुबह से ही धान की खरीद नहीं की जा रही है। वे धान लेकर मंडियों में खरीद होने की बाट जोह रहे हैं, लेकिन किसी भी अधिकारी ने उनकी सुध नहीं ली। इससे परेशान किसानों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा। किसानों ने मंडी के मुख्य द्वार पर लगाए जाम के दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तो वहीं मार्केट कमेटी सचिव जिले सिंह व मंडी सुपरवाइजर कर्म सिंह सैनी को किसानों ने आड़े हाथों लिया। जाम की सूचना मिलते ही सिटी थाना प्रभारी मलकीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने भी किसानों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन किसान उच्च अधिकारियों के वहां आने की मांग को लेकर अड़े रहे।
 बाद में एसडीएम मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि जो धान खरीद किया हुआ है उनके पर्चे अभी काट दिए जाएंगे बाकी धान की सुबह खरीद शुरू करवा दी जाएगी। इसके बाद ही किसान जाम खोलने को राजी हुए।
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एक दिन पहले एसडीएम ने करवाई जांच, फिर भी नहीं बिका धान
किसान रामचंद्र ने बताया कि वीरवार दोपहर को वह धान लेकर मंडी में आए थे। देर सायं एसडीएम ने भी उसकी धान की नमी जंाच खुद निरीक्षण के दौरान करवाई थी, इसके बावजूद वह ढेरी भी अब तक नहीं बिक पाई है। जबकि किसान सीजन में अपना कार्य छोड़कर यहां धान खरीद की इंतजार में बैठे हैं। 

मडी में अटका 2.50 लाख किंवटल धान
थानेसर अनाज मंडी में धान नहीं बिकने के चलते मंडी पूरी तरह अट गई है। 2.50 लाख किंवटल से भी अधिक धान मंडी में आया हुआ है। इसमें से अधिकतर बिकने की बाट जोह रहा है तो वहीं उठान कार्य भी बाधित होने लगा है। ऐसे हालात में मंडी पूरी तरह से जाम होने लगी है। बता दें कि पिछले 5 दिनों से मंडी में लगभग सवा लाख क्ंिवटल से अधिक धान की आवक हर रोज हो रही है।

आधा धान बिका तो नई पॉलिसी क्यों जारी की
अधिकारियों ने किसानों को मिलर्स द्वारा खरीद न किए जाने की बात रखी तो किसानों ने उन्हें जमकर खरी खोटी सुनाई। किसानों ने कहा कि अब आधा धान किसान मंडियों में ला चुके हैं और लाखों क्ंिवटल धान बिक चुका है, अब नई पॉलिसी क्यों लागू कर रही है। पहले ही किसानों को भारी चपत लग चुकी है। उन्होंने कहा कि हर सीजन में किसानों को ऐसे ही लूटा जाता है।    

क्या कहते हैं मार्केट कमेटी सचिव
मार्केट कमेटी सचिव जिले सिंह ने बताया कि पूरा दिन धान न के बराबर बिकी है। मिलर्स सुबह से ही नई नीति का विरोध कर रहे हैं, जिसके चलते किसानों को परेशानी आई है। उन्होंने पूरे मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है। जो निर्णय लिया जाएगा, उसे लागू कर दिया जाएगा।

नहीं बिका जिलेभर में धान : डीएफएससी
डीएफएससी वीरेद्र सिंह ने बताया कि एक-आध जगह छोड़कर अधिकतर मंडियों में शुक्रवार को धान नहीं बिक पाया है, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। उन्होंने अपने स्तर पर पूरा प्रयास किया है लेकिन अब मामला उच्चाधिकारियों व सरकार के पास है। उम्मीद है कि शनिवार को कोई निर्णय लिया जाए।
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