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Kurukshetra News: नौ साल बाद भी पूरा नहीं हुआ 200 बेड के अस्पताल का सपना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Dec 2025 01:34 AM IST
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Nine years later, the dream of a 200-bed hospital remains unfulfilled.
कुरुक्षेत्र। निर्माणाधीन जिला अस्पताल का नया सात मंजिला भवन। संवाद - फोटो : अवध विश्वविद्यालय के कौटिल्य प्रशासनिक सभागार में बैठक करतीं राज्यपाल
कुरुक्षेत्र। जिला नागरिक अस्पताल में प्रस्तावित नई बहुमंजिला इमारत के निर्माण में हो रही देरी का सीधा असर मरीजों और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। पिछले एक साल से निर्माण कार्य जारी होने के बावजूद अभी तक 50 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हो पाया है। इस कारण जिला मलेरिया विभाग, डायलिसिस सेंटर, टीबी वार्ड सहित कई महत्वपूर्ण विभागों की शिफ्टिंग अटकी हुई है। इन सभी विभागों को एक ही छत के नीचे लाने की योजना है लेकिन निर्माण में सुस्ती के चलते मरीजों को अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा। निर्माण पूरा किए जाने की समय सीमा अगले वर्ष 2026 तक है जबकि अभी करीब 40 फीसदी निर्माण ही हो पाया है।
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अस्पताल परिसर में जगह की भारी कमी है। वाहन पार्किंग से लेकर वार्डों में बेड की व्यवस्था की बड़ी समस्या बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि सामान्य और रिजर्व वार्डों में 15 से 16 बेड की क्षमता होने के बावजूद मरीजों की संख्या कहीं अधिक रहती है। कई बार एक ही बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती करना पड़ता है। मजबूरी में डॉक्टरों को मरीजों को इलाज की निर्धारित अवधि से पहले ही छुट्टी देनी पड़ती है जिससे मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
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नौ साल बाद शुरू हुआ 200 बेड के अस्पताल का निर्माण : जिले में 200 बेड के अस्पताल की घोषणा करीब नौ साल पहले हुई थी। लंबे इंतजार के बाद गत वर्ष अगस्त 2024 में नए भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ। यह प्रोजेक्ट 88 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है जिसमें सेकेंड फेज के तहत 100 बेड के अस्पताल का भवन बनाया जाएगा। इसमें 32 करोड़ रुपये सिविल कार्य और 25 करोड़ रुपये बिजली से संबंधित कार्यों पर खर्च किए जाएंगे। फिलहाल जिले की करीब 10 लाख आबादी के लिए सिर्फ 100 बेड का अस्पताल ही उपलब्ध है, जो जरूरत के हिसाब से नाकाफी है।
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रोजाना 1600 ओपीडी, 300 मरीज भर्ती

एलएनजेपी अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 1500 से 1600 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा करीब 300 मरीज विभिन्न बीमारियों के चलते भर्ती रहते हैं। सीमित संसाधनों और बेड की कमी के कारण मरीजों को पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही है।

तेजी से चल रहा निर्माण कार्य, जल्द होगा पूरा : डॉ. सुखबीर सिंह

सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर माहला का कहना है कि भवन निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके पूरा होते ही डायलिसिस सेंटर, मलेरिया विभाग, टीबी सहित सभी विभाग एक ही छत के नीचे होंगे। इससे मरीजों को काफी सुविधा मिलेगी।
अस्पताल भवन की प्रस्तावित ड्राफ्टिंग

g पीडब्ल्यूडी विभाग की ड्राफ्टिंग के अनुसार एलएनजेपी अस्पताल परिसर में आठ मंजिला आधुनिक भवन बनाया जाएगा।

g बेसमेंट, बिजली पैनल रूम, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, पार्किंग, एचवीएसी प्लांट, फायर डक्ट

g ग्राउंड फ्लोर : ओपीडी, सैंपल कलेक्शन, अर्श क्लीनिक, डेंटल ओपीडी, एमएलआर, लेप्रोस्कोपी रूम

g पहला व दूसरा तल : ओपीडी, पंजीकरण, रिकॉर्ड रूम, लेबर वार्ड, आइसोलेशन व वेंटिलेटर रूम

g तीसरा तल : ब्लड बैंक, आईसीयू, डायलिसिस वार्ड

g चौथा तल : तीन ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू, एचडीयू

g अन्य तल : डॉक्टर-नर्स रूम, निजी कक्ष, कार्यालय, मशीन रूम

g भवन में छह लिफ्ट, रैंप सहित अन्य आधुनिक सुविधाएं होंगी।
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