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गर्भपात करने वाले दो गैर पंजीकृत निजी अस्पतालों के खिलाफ होगी कानूनी कार्रवाई : डीसी
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कुरुक्षेत्र। गैर कानूनी तरीके से गर्भपात करने वाले दो गैर पंजीकृत निजी अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं पंजीकृत और गैर पंजीकृत अस्पतालों में होने वाले गर्भपात के केसों की जांच की जाएगी। बार-बार गर्भपात करवा रही महिलाओं को भी चिह्नित कर लिया गया है, जिन पर स्वास्थ्य विभाग कड़ी नजर रखेगा।
इस संबंध में जिला उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। बुधवार को स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक में जिला उपायुक्त ने कहा कि अगर किसी स्तर पर अस्पतालों के संचालकों ने कानून की अवहेलना की है तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अस्पताल संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएं। डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी डाॅ. रमेश सभ्रवाल ने बताया कि वर्ष 2021 में लिंगानुपात 921, वर्ष 2022 में 893, वर्ष 2023 में 906, वर्ष 2024 में 913 और जून 2025 तक लिंगानुपात 930 है। उन्होंने इसके साथ ही कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से किए गए प्रयास पर भी प्रकाश डाला।
महिला एवं बाल विकास अधिकारी बलजीत कौर ने हर गांव के सर्वे के बाद गर्भवती महिलाओं के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है और इस रिपोर्ट को बैठक में रखा और विस्तार से चर्चा भी की। इन आंकड़ों के अनुसार जिले में आठ हजार महिलाएं गर्भवती है।
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गर्भपात करवा चुकी 100 से ज्यादा महिलाओं की पहचान
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सख्त आदेश देते हुए कहा कि फीडबैक के अनुसार पंजीकृत और गैर पंजीकृत अस्पतालों में महिलाएं मेडिकल ग्राउंड पर गर्भपात करवा रही हैं और 100 से ज्यादा ऐसी महिलाएं है जिनकी एक या दो बेटियां हैं और वह गर्भपात करवा चुकी हैं। इन सभी केसों की जांच के साथ निगरानी भी रखी जाए। उन्होंने कहा कि जिले में कन्या भ्रूण हत्या में संलिप्त लोगों की भी पहचान कर ली गई है। इन लोगों पर प्रशासन की कड़ी निगाह होंगी, इन सभी लोगों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने तीन जगह की कार्रवाई, 11 हुए गिरफ्तार
डिप्टी सीएमओ डाॅ. रमेश सभ्रवाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष जून तक पांच जगहों पर दबिश दी, जिसमें तीन जिले से बाहर और दो कार्रवाई जिले के अंदर की है। इस दौरान पीएनडीटी एक्ट के तहत चार एफआईआर और एमटीपी एक्ट के तहत एक एफआईआर दर्ज की गई है। इन पांच एफआईआर में 11 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
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इस संबंध में जिला उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। बुधवार को स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक में जिला उपायुक्त ने कहा कि अगर किसी स्तर पर अस्पतालों के संचालकों ने कानून की अवहेलना की है तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अस्पताल संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएं। डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी डाॅ. रमेश सभ्रवाल ने बताया कि वर्ष 2021 में लिंगानुपात 921, वर्ष 2022 में 893, वर्ष 2023 में 906, वर्ष 2024 में 913 और जून 2025 तक लिंगानुपात 930 है। उन्होंने इसके साथ ही कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से किए गए प्रयास पर भी प्रकाश डाला।
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महिला एवं बाल विकास अधिकारी बलजीत कौर ने हर गांव के सर्वे के बाद गर्भवती महिलाओं के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है और इस रिपोर्ट को बैठक में रखा और विस्तार से चर्चा भी की। इन आंकड़ों के अनुसार जिले में आठ हजार महिलाएं गर्भवती है।
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गर्भपात करवा चुकी 100 से ज्यादा महिलाओं की पहचान
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सख्त आदेश देते हुए कहा कि फीडबैक के अनुसार पंजीकृत और गैर पंजीकृत अस्पतालों में महिलाएं मेडिकल ग्राउंड पर गर्भपात करवा रही हैं और 100 से ज्यादा ऐसी महिलाएं है जिनकी एक या दो बेटियां हैं और वह गर्भपात करवा चुकी हैं। इन सभी केसों की जांच के साथ निगरानी भी रखी जाए। उन्होंने कहा कि जिले में कन्या भ्रूण हत्या में संलिप्त लोगों की भी पहचान कर ली गई है। इन लोगों पर प्रशासन की कड़ी निगाह होंगी, इन सभी लोगों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने तीन जगह की कार्रवाई, 11 हुए गिरफ्तार
डिप्टी सीएमओ डाॅ. रमेश सभ्रवाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष जून तक पांच जगहों पर दबिश दी, जिसमें तीन जिले से बाहर और दो कार्रवाई जिले के अंदर की है। इस दौरान पीएनडीटी एक्ट के तहत चार एफआईआर और एमटीपी एक्ट के तहत एक एफआईआर दर्ज की गई है। इन पांच एफआईआर में 11 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।