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लैंडमार्क जजमेंट्स न्यायिक व्यवस्था की आधारशिला : एडवोकेट पूर्णिमा
Tue, 28 Apr 2026 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 28 Apr 2026 01:48 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विधि विभाग की ओर से आयोजित साप्ताहिक प्रायोगिक कार्यशाला के सातवें दिन शैक्षणिक सत्र का आयोजन किया गया। जिला न्यायालय, कुरुक्षेत्र की विशेषज्ञ अधिवक्ता एडवोकेट पूर्णिमा मल्होत्रा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। अपने व्याख्यान में एडवोकेट पूर्णिमा मल्होत्रा ने विद्यार्थियों को विधिक क्षेत्र के प्रमुख (लैंडमार्क) निर्णयों तथा महत्वपूर्ण संवैधानिक सिद्धांतों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया।
उन्होंने बताया कि लैंडमार्क जजमेंट्स न्यायिक व्यवस्था की आधारशिला होते हैं, जो भविष्य के न्यायिक निर्णयों को दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कानून की सर्वाेच्चता के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि देश में सभी व्यक्ति एवं संस्थाएं कानून के अधीन होती हैं। उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 की महत्ता पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि ये नागरिकों के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा के प्रमुख आधार हैं।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विधि विभाग की ओर से आयोजित साप्ताहिक प्रायोगिक कार्यशाला के सातवें दिन शैक्षणिक सत्र का आयोजन किया गया। जिला न्यायालय, कुरुक्षेत्र की विशेषज्ञ अधिवक्ता एडवोकेट पूर्णिमा मल्होत्रा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। अपने व्याख्यान में एडवोकेट पूर्णिमा मल्होत्रा ने विद्यार्थियों को विधिक क्षेत्र के प्रमुख (लैंडमार्क) निर्णयों तथा महत्वपूर्ण संवैधानिक सिद्धांतों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया।
उन्होंने बताया कि लैंडमार्क जजमेंट्स न्यायिक व्यवस्था की आधारशिला होते हैं, जो भविष्य के न्यायिक निर्णयों को दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कानून की सर्वाेच्चता के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि देश में सभी व्यक्ति एवं संस्थाएं कानून के अधीन होती हैं। उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 की महत्ता पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि ये नागरिकों के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा के प्रमुख आधार हैं।
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