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आंखों से जलन के साथ आंसू निकाल दम भी घोंट रही स्मॉग, अस्पतालों में सांस और दमा के मरीजों की बढ़ी ओपीडी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Oct 2021 02:21 AM IST
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Irritation in eyes, struggling even for breath
जिला प्रशासन और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग खेतों में आग लगाने वाले किसानों पर भले ही शिकंजा कस रहा है, लेकिन फसल के अवशेषों में अभी धड़ल्ले से आग लगाई जा रही है। यही कारण है कि जिले में हालात ऐसे बन गए हैं कि वातावरण में छाया स्मॉग लोगों की आंखों से आंसू ही नहीं निकाल रहा, बल्कि शाम के वक्त दमा से पीड़ित मरीजों को सांस के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन मरीज को ऑक्सीजन के लिए अस्पताल लेकर पहुंच रहे हैं। लगातार बढ़ते प्रदूषण स्तर के कारण निजी और सरकारी अस्पतालों में सांस, दमा और नेत्र रोग विशेषज्ञों की ओपीडी में 20 फीसदी बढ़ोतरी हुई है।
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मौसम में सर्दी बढ़ने के साथ ही वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने लगा है। सुबह-शाम आसमान में स्मॉग छाया रहता है, लेकिन दिन में हवा चलने से मौसम थोड़ा साफ हो जाता है, लेकिन शाम ढलते ही सांस लेना मुश्किल हो जाता है। यही कारण है कि चिकित्सक भी सांस और दमा के मरीजों को इन दिनों सावधानी बरतने की हिदायत दे रहे हैैं। जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स भी लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार सुबह थानेसर का पीएम 2.5 एक्यूआई 63 से बढ़कर 166 तक और पीएम-10, 30 से बढ़कर 100 तक पहुंच गया, जो सेहत के लिए ठीक नहीं है।
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जरूरी काम होने पर ही निकले घर से बाहर: डॉ. अनेजा
केयू हेल्थ सेंटर के फिजिशियन डॉ. आशीष अनेजा बताते हैं कि मौसम परिवर्तन के साथ-साथ अचानक ओपीडी में भी बढ़ोतरी हुई है। ज्यादातर मरीज वायरल के साथ-साथ सांस, दमा और एलर्जी के सामने आ रहे हैैं। इन दिनों प्रदूषण के चलते घर में रहना ही बेहतर है, क्योंकि बढ़ता प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है। बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। वातावरण में अनेक प्रकार के प्रदूषित तत्व मिले हुए हैं, जो शरीर में जाकर सांस से संबंधित रोग के कारण बनते हैं।
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आंखों में जलन और एलर्जी के मरीजों की बढ़ी संख्या: डॉ. अनीता
एलएनजेपी अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनीता गोयल का कहना है कि स्मॉग के कारण सांस की बीमारी के साथ आंखों में एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। आंखों मेें पानी आना, आंखें लाल होनी और जलन की दिक्कत ज्यादा है। ऐसे में लोगों को अपनी सेहत के प्रति सतर्क रहना होगा। आंखों में एलर्जी होने पर मरीज आंखों को साफ पानी से धोएं। जोर-जोर से आंखों में पानी न मारे। इसके अलावा चश्मे का इस्तेमाल करें और ज्यादा दिक्कत होने पर चिकित्सक से जांच कराकर दवा का सेवन करें।

ऐसे कर सकते हैं बचाव
-अच्छी क्वालिटी का मास्क लगाएं।
- जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।
-जिन मरीजों की सांस और दमा की दवा चल रही है, वह नियमित दवा का सेवन करें।
-तुलसी, अदरक, शहद और गर्म पानी कर सेवन करें।
-गुनगुने पानी से गरारे करने के साथ-साथ रोजाना भाप लेें।
254 किसानों के चालान, 3 लाख 80 हजार रुपये लगाया जुर्माना
जिला प्रशासन द्वारा गठित फ्लाइंग स्क्वायड की टीमें फसल के अवशेषों में आग लगा रहे किसानों पर शिकंजा भी कस रही हैं। इन टीमों ने अभी तक 379 जगहों पर छापामारी कर 254 किसानों के चालान किए हैं। प्रशासन की ओर से इन किसानों पर 3 लाख 80 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। उपायुक्त मुकुल कुमार ने कहा कि कुरुक्षेत्र में पराली व फानों में आग लगाने वालों पर शिकंजा कसने के लिए फ्लाइंग टीमें लगातार खेतों का निरीक्षण कर रही हैं। इन टीमों को हरसक की तरफ से 325 व अन्य श्रोत से 54 सहित कुल 379 स्थानों पर आग लगाने की सूचना मिली थी। टीम द्वारा इन स्थानों का निरीक्षण करने पर 254 जगहों पर फानों में आग लगाने के मामलों की पुष्टि हुई है। अभी 10 मामलों में कार्रवाई चल रही है।
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