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नियमित होंगी शहर से बाहर की अवैध कॉलोनियां

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Nov 2022 01:27 AM IST
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Illegal colonies outside the city will be regular, Kurukshetra
जिला योजनाकार की टीम से बातचीत करते उपायुक्त शांतनु शर्मा। संवाद - फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। नगर परिषद (नप) या नगर पालिका (नपा) सीमा से बाहर कट चुकी अवैध कॉलोनियों को बिजली-पानी, सड़क, सीवर, लाइट जैसी मूलभूत व ढांचागत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए बनाई पॉलिसी में ऐसा नहीं है कि सभी अवैध कॉलोनी पॉलिसी के तहत वैध हो जाएंगी। जो कॉलोनी पॉलिसी के नियमों पर खरा उतरेगी उसे ही इसका लाभ मिलेगा। मानक पूरे न करने वाली कॉलोनी नप सीमा से बाहर होते हुए भी इसका हिस्सा नहीं बन पाएगी। यह बातें उपायुक्त शांतनु शर्मा ने जिला नगर योजनाकार विभाग की टीम के साथ चौथी बैठक में कहीं।
उन्होंने कहा कि जिस अवैध कॉलोनी के लिए आवेदन कर दिया, तो वहां भी निर्माण जारी नहीं रखा जा सकता है। हालांकि आवेदन मिलने के जितना निर्माण उक्त कॉलोनी में हो चुका है उसपर कार्रवाई आवेदन पेंडिंग होने तक नहीं होगी, लेकिन जिन अवैध कॉलोनी के लिए आवेदन आएंगे ही नहीं उनमें डीटीपी विभाग की कार्रवाई कर सकता है।
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कहा कि यह पॉलिसी एक जुलाई 2022 से पहले कट चुकी अवैध कॉलोनी पर ही लागू होगी। छह महीने तक का समय पॉलिसी के तहत आवेदन करने का निर्धारित है। पॉलिसी के शर्तों में यह भी शामिल है कि जिस अवैध कॉलोनी के नियमितीकरण या मूलभूत सुविधाओं के लिए आवेदन किया जा रहा है वह कॉलोनी सार्वजनिक जगह जैसे पंचायत, शामलात देह जुमला मुश्तरका मालकान, वक्फ बोर्ड की जमीन पर नहीं होनी चाहिए। जमीन पंजाब लैंड प्रिजर्वेशन एक्ट 1900 के अंतर्गत नहीं आनी चाहिए।
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नदी या बाढ़ ग्रस्त एरिया की जगह में न हो, प्रतिबंधित क्षेत्र जैसे सेना, एयरपोर्ट, राष्ट्रीय राजमार्ग आदि की जमीन पर नहीं होनी चाहिए। प्राचीन स्मारक या पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित क्षेत्र में नहीं होनी चाहिए। इन सभी श्रेणी की भूमि पर काटी गई अवैध कॉलोनी को इस पॉलिसी के तहत सम्मिलित नहीं किया जाएगा।
डीसी ने कहा कि कॉलोनी का कुल एरिया खसरा नंबर सहित, कॉलोनी की बाउंड्री, कॉलोनी की गलियों का चौड़ाई सहित विवरण, ले आउट प्लान में कुल प्लाट की संख्या, कितने की बिक्री हुई, कितने अभी बिके नहीं जैसी जानकारी, कॉलोनी की कम्यूनिटी साइट्स जैसे पार्क, स्कूल, डिस्पेंसरी, मंदिर, कम्युनिटी सेंटर, आदि अगर हैं तो उनका विवरण, अगर कॉलोनी से कोई हाई टेंशन तार, गैस पाइप लाइन निकल रही है उसका विवरण ले आउट प्लान में देना होगा।

योजना के तहत 11 आवेदन मिले
डीसी शांतनु शर्मा ने कहा कि इस योजना के तहत अभी 11 आवेदन प्राप्त हुए हैं। अभी यह योजना आगामी दो माह तक जारी रहेगी। अवैध कॉलोनी के लिए आए आवेदन पर डीसी की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी दस्तावेजों की जांच करेगी। दस्तावेज में खामी मिलने पर तीन महीने के अंदर आवेदक को सूचित करेगी और दस्तावेज पूरा करने के लिए एक महीने का समय आवेदक को दिया जाएगा। तीन महीने के अंदर नियमानुसार शुल्क जमा न कराने पर आवेदन रद्द समझा जाएगा। शुल्क जमा होने के बाद नियमानुसार उक्त कॉलोनी को नियमित या पॉलिसी अनुसार सभी सुविधाएं देने को कागजी तौर पर मंजूर मिल जाएगी।
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